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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: MSME में महिलाओं का परचम, सपनों से सफलता तक
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह स्पष्ट है कि भारत के MSME सेक्टर की प्रगति में महिला उद्यमियों की भूमिका निर्णायक है.
रितु राणा 1 month ago
किसी भी देश की तरक्की केवल बड़े उद्योगों से नहीं होती, बल्कि उन छोटे-छोटे उद्यमों से होती है जो मेहनत और भरोसे के दम पर खड़े रहते हैं. भारत के MSME सेक्टर की यही ताकत है और इसे आगे बढ़ाने में आज महिलाएँ भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं. वे घर और कारोबार दोनों जिम्मेदारियों को साथ लेकर चल रही हैं. सीमित संसाधनों में शुरुआत करती हैं, जोखिम उठाती हैं और हर चुनौती से सीखकर आगे बढ़ती हैं. उनके लिए व्यवसाय सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि अपने परिवार, शहर और समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है.
8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम नोएडा, जयपुर और इंदौर की चार महिला उद्यमियों की कहानियाँ पेश कर रहे हैं, जिन्होंने MSME क्षेत्र में अपने मजबूत इरादे और सीखने की लगन के साथ सफलता हासिल की है.
सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच भी सफल व्यवसाय
नोएडा निवासी रेणुका मिश्रा की कहानी यह दिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, अगर मन में कुछ नया करने की इच्छा हो तो रास्ते खुद बनते जाते हैं. पेशे से डेंटिस्ट रेणुका ने कोविड-19 के दौरान अपने क्लीनिक की धीमी रफ्तार देखकर अपने शौक होम डेकोर को व्यवसाय का रूप देने का फैसला किया. रेणुका ने बताया कि उन्होंने 2020 में RenHomz की शुरुआत की, जो उच्च गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित होम डेकोर उत्पादों के लिए जाना जाता है. इनके उत्पादों में पिकल जार सेट, कस्टमाइज्ड डिनर सेट, सिरेमिक डेकोर आइटम और पारंपरिक डिजाइन वाले घरेलू उत्पाद शामिल हैं. इन उत्पादों की मांग कोलकाता, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों में विशेष रूप से रही.
शुरुआती दौर में चुनौतियाँ कम नहीं थीं. 2021-22 में लगभग 100 ऑर्डर प्रति माह आते थे और पैकेजिंग में कमियों के कारण रिटर्न की समस्या आती थी. फरवरी 2022 में रेणुका ने वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से जुड़कर प्राइसिंग, पैकेजिंग और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार किया. परिणामस्वरूप 2022-23 तक ऑर्डर बढ़कर 230 प्रति माह हो गए और Flipkart पर मार्च 2024 तक 100 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए. व्यवसाय ने 200% राजस्व वृद्धि दर्ज की. आज RenHomz 150 से अधिक महिला कारीगरों को रोजगार दे रहा है और रेणुका पांच सदस्यीय टीम के साथ संचालन कर रही हैं. उनका लक्ष्य ऑफलाइन रिटेल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार करना है.
सृजनात्मकता से सफलता तक
करीब एक दशक तक होम साइंस प्रोफेसर के रूप में काम करने के बाद भावना गुलाटी ने 2016 में व्यवसाय की राह चुनी. जयपुर से शुरू हुआ, उनका ब्रांड The Engraved Store आज कस्टमाइज्ड और सस्टेनेबल उत्कीर्ण उत्पादों के लिए जाना जाता है. भावना ने बताया कि वे लकड़ी के गेम्स, ज्वेलरी, ऑफिस एक्सेसरीज़ और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाती हैं, जिन्हें ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार नाम, संदेश या डिजाइन करवा सकते हैं. शुरुआत में सप्लायर ढूंढना, गुणवत्ता बनाए रखना और डिजिटल मार्केटिंग सीखना चुनौतीपूर्ण था.
साल 2022 में वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से जुड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. कार्यक्रम ने उत्पादन प्रक्रिया, सस्टेनेबल मटेरियल के उपयोग और डिजिटल मार्केटिंग में मार्गदर्शन दिया. नई रणनीतियों के परिणामस्वरूप व्यवसाय में 20-30% वृद्धि दर्ज हुई और ग्राहक आधार बढ़ा.
व्यक्तिगत अनुभव से उद्यमिता
जयपुर की रहने वाली प्रीति राठौड़ की उद्यमिता की शुरुआत व्यक्तिगत अनुभव से हुई. अपने बेटे की ग्लूटेन और लैक्टोज असहिष्णुता को देखते हुए उन्होंने 2019 में Amritatva की स्थापना की. ऑयस्टर मशरूम को मुख्य आधार बनाकर विभिन्न उत्पाद विकसित किए गए, जिनमें पाउडर, चिप्स, चॉकलेट और अचार शामिल हैं. प्रीति ने बताया 2021 में IIM अहमदाबाद के फंडिंग सत्र और अक्टूबर 2022 में वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से जुड़ने के बाद व्यवसाय को डिजिटल प्लेटफॉर्म तक विस्तार मिला. बिक्री में 200% की वृद्धि हुई और आज Amritatva 10 सदस्यीय टीम के साथ संचालित हो रहा है.
छोटे कदम, बड़ा परिवर्तन
इंदौर की रहने वाली नैना चौरसिया ने सीमित पूंजी और एक मित्र के स्थान से Shri Shriji की शुरुआत की. उनका फोकस प्राकृतिक कपूर आधारित अगरबत्ती, कोन और पूजन उत्पादों के निर्माण पर रहा. उन्होंने एक कपूर लैंप विकसित किया, जो पारंपरिक आस्था और आधुनिक उपयोग का संतुलन प्रस्तुत करता है. नैना ने बताया कि वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से जुड़ने के बाद व्यवसाय में संरचना आई, लागत और मार्जिन समझ में आया और उत्पादन ट्रैकिंग सिस्टम अपनाया गया. Flipkart पर लिस्टिंग और स्थानीय रिटेल सप्लाई शुरू होने से व्यवसाय में 30% वृद्धि हुई और 2025 तक 70% से अधिक विकास हासिल किया.
बदलती तस्वीर, बढ़ती भागीदारी
इन चारों कहानियों में पृष्ठभूमि अलग है, लेकिन परिणाम समान है. कहीं 100 से 230 ऑर्डर प्रति माह की छलांग, कहीं 20-30% की स्थिर बढ़ोतरी, तो कहीं 200% राजस्व उछाल और 70% से अधिक व्यापार विस्तार. ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि महिलाएँ MSME क्षेत्र में केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं. वे रोजगार सृजित कर रही हैं, डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर रही हैं और स्थानीय संसाधनों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ रही हैं.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह स्पष्ट है कि भारत के MSME सेक्टर की प्रगति में महिला उद्यमियों की भूमिका निर्णायक है. ये महिलाएँ सिर्फ अपना नाम नहीं बना रही हैं, बल्कि विकास की नई कहानी लिख रही हैं, जिसमें आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव तीनों साथ चलते हैं.
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