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अंतरिम अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में डिजिटल टैक्स पर नरमी, भारत ने जताई सहमति
भारत द्वारा डिजिटल कर ढांचे में नरमी और डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत की सहमति को अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम पारस्परिक व्यापार ढांचे (Interim Reciprocal Trade Framework) के तहत अपने डिजिटल टैक्स ढांचे में नरमी बरतने और द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है. यह जानकारी व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्ट शीट में दी गई है.
डिजिटल सर्विसेज टैक्स हटाने पर सहमति
फैक्ट शीट के अनुसार, भारत डिजिटल सर्विसेज टैक्स को हटाएगा और “मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों” पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध होगा. इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल मानी जाने वाली प्रथाओं को समाप्त करना है. साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगाने का प्रावधान भी शामिल होगा, जो अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों की लंबे समय से मांग रही है.
व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में कदम
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों ने व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है. डिजिटल व्यापार का मुद्दा दोनों देशों के बीच लंबे समय से संवेदनशील और विवादास्पद रहा है.
‘गूगल टैक्स’ और ई-कॉमर्स लेवी रहा विवाद का कारण
अमेरिकी टेक कंपनियां वर्षों से भारत के इक्वलाइजेशन लेवी को बड़ी बाधा बताती रही हैं. 6 प्रतिशत का डिजिटल सर्विसेज टैक्स, जिसे अक्सर “गूगल टैक्स” कहा जाता था, भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी डिजिटल कंपनियों को ऑनलाइन विज्ञापन और अन्य सेवाओं के भुगतान पर लागू होता था. भारत ने इस कर को अप्रैल 2025 से समाप्त कर दिया था. इसके अलावा 2020 में लागू 2 प्रतिशत ई-कॉमर्स इक्वलाइजेशन लेवी, जो विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लागू थी, को अगस्त 2024 में वापस ले लिया गया था.
WTO में डिजिटल वस्तुओं पर शुल्क को लेकर रुख में बदलाव
भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में डिजिटल वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी के मुद्दे पर भी बातचीत के लिए सहमति दी है. वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर ड्यूटी न लगाने का अस्थायी मोराटोरियम लागू है, हालांकि भारत पहले सीमा-पार डिजिटल उत्पादों पर शुल्क लगाने के पक्ष में रहा है. अब भारत ने ऐसे नियमों पर चर्चा की प्रतिबद्धता जताई है जो डिजिटल वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी लगाने से रोकेंगे.
व्यापार संबंधों में नई नरमी के संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. डिजिटल टैक्स और कस्टम ड्यूटी जैसे मुद्दों पर नरमी से दोनों देशों के बीच टेक और डिजिटल सेक्टर में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है.
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