होम / बिजनेस / इंश्योरेंसदेखो ने फंडिंग में जुटाए इतने मिलियन डॉलर, एक साल का आंकड़ा 200 मिलियन डॉलर

इंश्योरेंसदेखो ने फंडिंग में जुटाए इतने मिलियन डॉलर, एक साल का आंकड़ा 200 मिलियन डॉलर

इंश्योरेंसदेखो अब तक 6 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा दे चुका है और वर्तमान में यह हर मिनट 12¹ भारतीयों का बीमा कर रहा है.  

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इंश्‍योरेंस टेक स्‍टार्टअप इंश्‍योरेंसदेखो ने सीरिज बी फंडिंग में 60 मिलियन डॉलर की पूंजी जुटाई है. इस फंडिंग के बाद कंपनी के द्वारा इस साल में जुटाई गई रकम का आंकड़ा 200 मिलियन के पार पहुंच गया है. सीरिज बी फंडिंग के इस दूसरे राउंड में मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप, इंक. (एमयूएफजी), यूरेजियो प्रबंधित अपनी इंश्योरटेक फंड बीएनपी परिबास कार्डिफ और बीम्स फिनटेक फंड नए निवेश के तौर पर शामिल, मौजूदा निवेशकों टीवीएस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और अवतार वेंचर्स ने भी भाग लिया.

कंपनी यहां करेगी जुटाई गई राशि का इस्‍तेमाल 
कंपनी जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल मार्केटिंग में निवेश करने, भारत के भीतरी इलाकों में अपनी वितरण उपस्थिति का और विस्तार करने, तकनीकी प्लेटफॉर्म को बढ़ाने, इन-ऑर्गेनिक विकास के अवसरों का पता लगाने और भारत में बीमा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए रिइंश्योरेंस जैसी नई पहल में निवेश करने की है. जापानी दिग्गज मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप, इंक. (एमयूएफजी), यूरोपीय निवेश प्रमुख यूराजियो प्रबंधित अपने इंश्योरटेक फंड के माध्यम से बीएनपी परिबास कार्डिफ, भारत-केंद्रित बीम्स फिनटेक फंड और योगेश महनसरिया फैमिली ऑफिस नए निवेशकों के रूप में इसमें शामिल हुए हैं. इंश्योरेंसदेखो के मौजूदा निवेशकों टीवीएस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और अवतार वेंचर्स ने भी निवेश करते हुए कंपनी ने अपने भरोसे का प्रदर्शन किया है. फरवरी में, इंश्योरेंसदेखो ने सीरीज ए फंडिंग में 150 मिलियन डॉलर की पूंजी जुटाई थी, जो दक्षिण एशिया में किसी इंश्योरटेक द्वारा जुटाई गई सबसे बड़ी रकम थी.

एक साल में कंपनी ने जुटाए 200 मिलियन 
इंश्‍योरेंसदेखो पिछले एक साल में 200 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटाकर, न केवल अग्रणी भारतीय इंश्योरटेक के रूप में उभरा है, बल्कि उन कुछ स्टार्टअप की सूची में शामिल हो गई है, जो एक ही वर्ष में बड़ी सीरीज ए और बी फंडिंग जुटाने में सफल रहे हैं. फंडिंग की कमी को देखते हुए यह एक बड़ी उपलब्धता है. यह विशेष फंडिंग इंश्योरेंसदेखो के हर भारतीय कंपनी का बीमा करने के नजरिए और उनके मजबूत बिजनेस मॉडल की मिसाल है. 

क्‍या बोले कंपनी के फाउंडर और सीईओ? 
इंश्योरेंसदेखो कंपनी के सीईओ और संस्थापक अंकित अग्रवाल ने कहा, ‘हमारा नजरिया और क्षमता पर भरोसा करने के लिए हम अपने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हैं. हमारा मकसद हमेशा से सभी भारतीयों के लिए बीमा को सुलभ और यूजर के अनुकूल बनाना रहा है. यह फंडिंग हमारी इन कोशिशों में तेजी लाने, अधिक ग्राहकों तक पहुंचने और इंश्योरटेक क्षेत्र में और कुछ नया करने में मदद करेगा. भारत में बीमा क्षेत्र तकनीक-समर्थित क्रांति की ऊंचाई पर है और मेरा मानना है कि इंश्योरेंसदेखो इस बदलाव का नेतृत्व करने की स्थिति में खड़ा है.
2017 में शुरू हुआ था ये स्‍टार्टअप 
अंकित अग्रवाल और ईश बब्बर ने 2017 में इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी. अपनी स्थापना के बाद से इसकी विकास यात्रा शानदार रही है. कंपनी इस वित्त वर्ष में 3,600 करोड़ रुपये की प्रीमियम आय को हासिल करने की राह पर है और मार्च 24 तक इसका अपने प्लेटफॉर्म पर 2,00,000 एजेंट पार्टनर जोड़ने का लक्ष्य है. फिलहाल इंश्योरेंसदेखो 1500 से अधिक क्षेत्रों में मौजूद होते हुए देश भर के 98% पिन कोड को कवर करता है. इसे टियर 2 और उससे आगे के क्षेत्रों से 90% से अधिक प्रीमियम मिलता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

11 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

14 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

14 hours ago

भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने भरी रफ्तार, FY26 में कारोबार 12.7% बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

एसोसिएशन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भी उद्योग 8% से 10% की दर से बढ़ सकता है. इसके पीछे घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है.

17 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

17 hours ago


बड़ी खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

11 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

14 hours ago

शनि वक्री 2026: रणनीतिक आत्ममंथन जो अटूट कारोबारी नींव तैयार करता है

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं, करियर से लेकर रिश्तों तक, शनि वक्री लोगों को त्वरित परिणामों के पीछे भागने के बजाय दीर्घकालिक फैसलों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है.

13 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

14 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

17 hours ago