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दिसंबर में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, अर्थव्यवस्था को मिला मजबूत सहारा

दिसंबर के आंकड़े यह साफ संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर एक बार फिर गति पकड़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए साल 2025 का अंत सकारात्मक संकेत लेकर आया है. दिसंबर महीने में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रफ्तार तेज हुई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत मिले हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़ा है, जो पिछले चार महीनों का सबसे बेहतर प्रदर्शन है.

आठ प्रमुख सेक्टरों की सेहत दिखाता है इंफ्रा इंडेक्स

इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स देश के आठ अहम सेक्टरों कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली के प्रदर्शन को मापता है. इन सेक्टरों का देश के कुल औद्योगिक उत्पादन यानी IIP में करीब 40 प्रतिशत योगदान होता है. इसलिए इसमें होने वाला बदलाव देश की आर्थिक सेहत का एक अहम पैमाना माना जाता है.

रियल एस्टेट और निर्माण गतिविधियों से मिला सपोर्ट

दिसंबर में सीमेंट उत्पादन में 13.5 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो यह दिखाती है कि निर्माण और रियल एस्टेट सेक्टर में गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. वहीं स्टील उत्पादन 6.9 प्रतिशत और बिजली उत्पादन 5.3 प्रतिशत बढ़ा. इन तीनों सेक्टरों की मजबूती को सरकार के बढ़ते कैपेक्स यानी पूंजीगत खर्च का सीधा असर माना जा रहा है.

ऊर्जा सेक्टर में अब भी बनी हुई हैं चुनौतियां

हालांकि सभी सेक्टरों से अच्छी खबर नहीं आई है. दिसंबर में कच्चे तेल का उत्पादन 5.6 प्रतिशत घटा, प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.4 प्रतिशत की गिरावट रही और रिफाइनरी उत्पादों का आउटपुट भी 1 प्रतिशत कम हुआ. इससे साफ है कि ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, जो आगे चलकर अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती हैं.

पूरे वित्त वर्ष की तस्वीर क्या कहती है

अगर अप्रैल से दिसंबर की अवधि पर नजर डालें, तो इस दौरान कुल इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ग्रोथ 4.5 प्रतिशत थी. यानी सालाना रफ्तार कुछ धीमी जरूर रही है, लेकिन दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि साल के अंत में आर्थिक गतिविधियों ने फिर से गति पकड़ी है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च इसी तरह जारी रखती है और निजी निवेश में भी तेजी आती है, तो आने वाले महीनों में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर देश की आर्थिक ग्रोथ को और मजबूती दे सकता है और विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.


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