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इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार, कैबिनेट ने ₹20,668 करोड़ की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी
पीएम गतिशक्ति योजना के तहत इन प्रोजेक्ट्स से क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे आने वाले वर्षों में इन राज्यों की आर्थिक तस्वीर और मजबूत होने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
केंद्र सरकार ने नए साल की शुरुआत में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो अहम सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन प्रोजेक्ट्स पर कुल 20,668 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे महाराष्ट्र और ओडिशा को सीधा लाभ मिलेगा. बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी. इन परियोजनाओं के तहत महाराष्ट्र में नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जबकि ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग 326 को चौड़ा किया जाएगा. सरकार का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन ढांचे को मजबूत करेंगी.
महाराष्ट्र को मिली सबसे बड़ी सौगात
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि महाराष्ट्र में बनने वाले नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट कॉरिडोर के लिए 19,142 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह परियोजना नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे प्रमुख क्षेत्रीय शहरों को कर्नूल से जोड़ेगी. यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, आगरा–मुंबई कॉरिडोर और समृद्धि महामार्ग से भी जुड़ेगा, जिससे लंबी दूरी की कनेक्टिविटी आसान होगी.
कई शहरों और एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कॉरिडोर
नासिक से अक्कलकोट तक बनने वाला यह नया कॉरिडोर वधावन पोर्ट इंटरचेंज के पास दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इसके अलावा यह नासिक में एनएच-60 और पंगरी के पास समृद्धि महामार्ग से कनेक्ट होगा. इससे पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी का रास्ता खुलेगा.
यात्रा का समय 17 घंटे तक होगा कम
सरकारी बयान के अनुसार यह छह-लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर हाई-स्पीड ट्रैफिक के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी औसत गति 60 किमी प्रति घंटा और डिजाइन गति 100 किमी प्रति घंटा होगी. इस परियोजना के पूरा होने से कुल यात्रा समय करीब 17 घंटे कम हो जाएगा, जो मौजूदा समय की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की कमी है. साथ ही दूरी भी करीब 201 किमी घटेगी.
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि भीड़भाड़ और परिचालन लागत को भी कम करेगा. सरकार का मानना है कि इससे नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव और सोलापुर जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ओडिशा में एनएच-326 को किया जाएगा चौड़ा
दूसरी परियोजना ओडिशा से जुड़ी है, जहां एनएच-326 को चौड़ा करने के लिए 1,526 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह कॉरिडोर गजपति, रायगढ़ और कोरापुट जिलों से होकर गुजरेगा और मोहना, रायगढ़, लक्ष्मीपुर और कोरापुट जैसे अहम शहरों को जोड़ेगा.
आंध्र प्रदेश से बढ़ेगा संपर्क
एनएच-326 के चौड़ीकरण से ओडिशा के भीतर राज्य स्तरीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके साथ ही इस राजमार्ग के दक्षिणी छोर के जरिए आंध्र प्रदेश के साथ अंतरराज्यीय संपर्क भी मजबूत होगा. परियोजना की कुल पूंजी लागत 1,526.21 करोड़ रुपये है, जिसमें 966.79 करोड़ रुपये सिविल निर्माण पर खर्च किए जाएंगे.
इन दोनों परियोजनाओं से साफ है कि केंद्र सरकार का फोकस कनेक्टिविटी सुधारने और आर्थिक विकास को तेज करने पर है. सड़क नेटवर्क के विस्तार से न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
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