होम / बिजनेस / Infosys ने बढ़ाया रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान, मजबूत डील पाइपलाइन से बढ़ा भरोसा; नई श्रम संहिता से मुनाफे पर दबाव

Infosys ने बढ़ाया रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान, मजबूत डील पाइपलाइन से बढ़ा भरोसा; नई श्रम संहिता से मुनाफे पर दबाव

मजबूत डील पाइपलाइन, बढ़ती मांग और AI पर बढ़ता फोकस इन्फोसिस के लिए *लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव संकेत दे रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने मजबूत डील पाइपलाइन और बेहतर मांग को देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में बढ़ोतरी की है. कंपनी को अब उम्मीद है कि स्थिर मुद्रा आधार पर आय में 3 से 3.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जबकि इससे पहले अक्टूबर में यह अनुमान 2 से 3 प्रतिशत रखा गया था. हालांकि, नई श्रम संहिता लागू होने के असर से कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना है और तीसरी तिमाही में प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है.

Q3 में मुनाफा 2.2% घटा, आय में 8.9% की बढ़त

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन्फोसिस का शुद्ध मुनाफा 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, कंपनी की कुल आय 8.9 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. हालांकि वित्तीय सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में मजबूती बनी रही, लेकिन कर्मचारी लागत बढ़ने के कारण मुनाफे पर असर पड़ा.

 

अनुमान से बेहतर रही आय, मुनाफा रहा कमजोर

बाजार के अनुमान के मुकाबले इन्फोसिस का रेवेन्यू बेहतर रहा, लेकिन मुनाफा उम्मीद से कम रहा. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी की आय 45,172 करोड़ रुपये और मुनाफा 7,393 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था. कंपनी ने बताया कि नई श्रम संहिता लागू होने से 1,289 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च पड़ा है, जिसका सीधा असर प्रॉफिट पर दिखा.

CEO बोले – डिमांड मजबूत, इसलिए बढ़ाया गाइडेंस

इन्फोसिस के CEO और MD सलिल पारेख ने कहा कि बाजार में मांग की स्थिति को देखते हुए कंपनी ने अपना रेवेन्यू अनुमान बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनी ने कई बड़े सौदे हासिल किए हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनी वर्सेंट के अधिग्रहण का असर इस गाइडेंस में शामिल नहीं किया गया है.

AI पर बड़ा फोकस, 90% टॉप क्लाइंट्स के साथ प्रोजेक्ट्स

हालांकि इन्फोसिस ने अभी तक अपनी AI से होने वाली आय का अलग से खुलासा नहीं किया है, लेकिन कंपनी ने बताया कि वह अपने टॉप 200 ग्राहकों में से करीब 90 प्रतिशत के साथ AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 4.8 अरब डॉलर रहा, जिसमें 57 प्रतिशत नए कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल थे. पिछली तिमाही के 3.3 अरब डॉलर की तुलना में यह 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.

अमेरिका में सुधार, फाइनेंशियल और मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट मजबूत

स्थिर मुद्रा आधार पर फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट में 3.9 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. अमेरिका में दोनों ही सेक्टरों में सुधार देखने को मिला है.

मार्जिन 18.4% पर आया, श्रम संहिता का दिखा असर

तीसरी तिमाही में इन्फोसिस का ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 18.4 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 21.3 प्रतिशत था. कंपनी ने बताया कि अगर नई श्रम संहिता के असर को हटा दिया जाए, तो मार्जिन 21.2 प्रतिशत रहता, जो अनुमान के अनुरूप है. सालाना आधार पर मार्जिन पर 15 बेसिस प्वाइंट का असर पड़ा है.

कमजोर सीजन में भी मजबूत कैश फ्लो

इन्फोसिस के CFO जयेश संघराजका ने कहा कि आमतौर पर कमजोर माने जाने वाले सीजन के बावजूद कंपनी ने 96.5 करोड़ डॉलर का मजबूत फ्री कैश फ्लो जनरेट किया है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

46 minutes ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

4 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

7 hours ago

ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, 28 सितंबर को राइट्स इश्यू पर बोर्ड की बैठक

बैठक में राइट्स इश्यू के आकार, शर्तों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है.

7 hours ago

कल 300 अंक चढ़ा सेंसेक्स, आज बाजार पर दबाव के संकेत; कच्चा तेल, US यील्ड और NSE लिस्टिंग पर नजर

बुधवार को सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 फीसदी बढ़कर 74,828.25 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ.

7 hours ago


बड़ी खबरें

FD कराने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से बदलेंगे नियम; जानें आपकी जमा पर क्या होगा असर

नए नियमों में 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि वाली बल्क डिपॉजिट को भी शामिल किया गया है. ऐसे डिपॉजिट के लिए बैंक को हर दिन अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दर अपडेट करनी होगी.

3 hours ago

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

46 minutes ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

4 hours ago

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

4 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

7 hours ago