होम / बिजनेस / हवाई किराए से जुड़ी इन सिफारिशों से गिरे Indigo के शेयर, आखिर क्‍या है ये पूरा मामला?  

हवाई किराए से जुड़ी इन सिफारिशों से गिरे Indigo के शेयर, आखिर क्‍या है ये पूरा मामला?  

इस मामले में संसदीय समिति की ओर से सिफारिश की गई है कि डीजीसीआई के नेतृत्‍व में पैनल बनाया जाए जो हवाई यात्रा की निगरानी करे. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन एविएशन कंपनी इंटरग्‍लोब एविएशन के शेयरों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. कंपनी के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली और कंपनी का शेयर 3000 से ज्‍यादा पर खुलने के बाद  2982 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. इसकी एक वजह ये मानी जा रही है कि ये गिरावट हवाई यात्रा के किराए को लेकर बनी संसदीय समिति की सिफारिश के बाद आई है. 

शुक्रवार को इतनी हुई गिरावट 
शुक्रवार को इंटरगलोब एविएशन का शेयर सुबह 3130 रुपये पर खुला था जबकि खबर लिखे जाने पर इसमें 1.03 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. शेयर 3100 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इससे पहले शुक्रवार को शेयर में 4.7 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली , जिसके बाद शेयर 2982.40 रुपये पर भी पहुंच गया था. फर्म के कुल 0.24 लाख शेयरों में 7.39 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. हालांकि पिछले हफ्ते इंडिगो के शेयरों को लेकर काफी सकारात्‍मक प्रतिक्रिया सामने आई थी. जानकारों का मानना था कि आने वाले दिनों में ये शेयर 4100 रुपये का ब्रैकेट पार कर सकता है. 

आखिर क्‍यों देखने को मिली ये गिरावट? 
दरअसल ये गिरावट कंपनी के शेयरों में संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के बाद देखने को मिली है. हवाई यात्रा के किराए में होने वाले इजाफे को लेकर जब संसदीय समिति ने जांच की तो पाया कि इंडिगो किराए को लेकर सेल्‍फ रेग्‍यूलेशन को पालन नहीं कर रही है. इस समिति ने 8 जनवरी को संसद में अपनी रिपोर्ट रख दी. समिति ने ये भी पाया कि त्‍योहारों के मौके पर हवाई यात्रा के किराए काफी ज्‍यादा बढ़ जाते हैं. समिति ने सिफारिश की है कि आम आदमी को इस समस्‍या से बचाने के लिए जरूरी है कि डीजीसीआई के नेतृत्‍व में एक समिति बनाई जाए जो हवाई यात्रा के किराए को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए .

त्‍योहारों पर कई गुना तक बढ़ जाते हैं हवाई किराए 
दरअसल ऐसा देखने में आता है कि जब देश में त्‍योहारों का मौसम आता है तो उस दौरान हवाई यात्रा का किराया काफी बढ़ जाता है. कई बार तो ये इतने बढ़ जाते हैं कि अपने मूल किराए से 50 से लेकर 60 प्रतिशत ज्‍यादा और कई कई मौकों पर दोगुने तक हो जाते हैं. 

ये भी पढ़ें: किस एक्‍सपर्ट और ट्रेडिंग कंपनी ने गलत तरीके से कमाए कितने पैसे? क्‍या कहता SEBI ऑर्डर?
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

18 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

21 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

21 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

22 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

22 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

21 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

18 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

19 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

20 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

21 hours ago