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एविएशन सेक्टर में होने वाला है कुछ बड़ा, भनक लगते है कि रॉकेट बने SpiceJet के शेयर 

संकट में घिरी एयरलाइन स्पाइसजेट के शेयर आज रॉकेट की रफ्तार से भागते नजर आए. बाजार बंद होने तक शेयरों में करीब 20% का उछाल दर्ज हो चुका था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

एविएशन सेक्टर में कुछ बड़ा होने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGO) के को-फाउंडर राकेश गंगवाल प्रतिस्पर्धी कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने जा रहे हैं. इस खबर के आम होते ही स्पाइसजेट के शेयरों को पंख लग गए हैं. कंपनी के शेयर आज यानी गुरुवार को 19.39% उछलकर 43.60 रुपए पर पहुंच गए हैं. एक ही दिन में इतनी बड़ी छलांग बताती है कि निवेशक गंगवाल के दांव से कितने खुश हैं. 

SpiceJet को चाहिए फंड
राकेश गंगवाल और स्पाइसजेट के बीच डील को लेकर बातचीत चल रही है. इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन में गंगवाल की 13.23% और उनकी पत्नी शोभा गंगवाल की 2.99% हिस्सेदारी है. साथ ही उनके फैमिली ट्रस्ट की कंपनी में 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है. बता दें कि स्पाइसजेट इस समय आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. कंपनी से जुड़े कुछ मामले अदालत में भी चल रहे हैं. स्पाइसजेट फंड्स की तलाश में है, ताकि अपनी परेशानियों को कुछ कम किया जा सके. एविएशन रेगुलेटर DGCA ने इसी साल कंपनी को सर्विलांस पर डाल दिया था.

इंडिगो का है दबदबा
स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी में भी कमी आई है. सितंबर के अंत में यह 7.3% से घटकर 4.4 प्रतिशत हो गई है. तमाम चुनौतियों और एविएशन सेक्टर में बढ़ रहे कॉम्पीटिशन के चलते एयरलाइन के एक चौथाई विमान ग्राउंडेड हैं. वहीं, इंडिगो का रुतबा अब भी कायम है और आज वह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाती है. इस कंपनी की शुरुआत 2006 में राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने थी. एक रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा समय में घरेलू बाजार में इसकी 58% हिस्सेदारी है. 2020 में गंगवाल और भाटिया के बीच विवाद पैदा सामने आया था. बाद में उन्होंने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि स्पाइसजेट में हिस्सेदारी खरीदना राकेश गंगवाल के लिए फायदे का सौदा हो सकता है. वहीं, स्पाइसजेट के पास भी आर्थिक समस्याओं से निकलने के लिए कुछ पैसा आ जाएगा.
 


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