होम / बिजनेस / भारत के टेक्सटाइल और परिधान निर्यात में 9.4% की बढ़ोतरी, रेडीमेड गारमेंट्स ने दिखाई मजबूती
भारत के टेक्सटाइल और परिधान निर्यात में 9.4% की बढ़ोतरी, रेडीमेड गारमेंट्स ने दिखाई मजबूती
रेडीमेड गारमेंट्स, मैन-मेड टेक्सटाइल्स और हस्तशिल्प जैसे सेगमेंट्स में आई तेजी आने वाले महीनों में निर्यात को और रफ्तार देने में अहम भूमिका निभा सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर से सकारात्मक संकेत सामने आए हैं. नवंबर 2025 में देश के टेक्सटाइल, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में सालाना आधार पर 9.4% की वृद्धि दर्ज की गई है. कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, कई प्रमुख सेगमेंट्स में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है, जिससे निर्यात में यह उछाल आया.
नवंबर 2025 में निर्यात 2.85 अरब डॉलर के पार
कपड़ा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में भारत का टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात (हस्तशिल्प सहित) 2,855.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा. यह नवंबर 2024 के 2,601.5 मिलियन डॉलर की तुलना में 9.4% अधिक है. मंत्रालय ने इसे सेक्टर के लिए स्वस्थ सुधार बताया है.
रेडीमेड गारमेंट्स और मैन-मेड टेक्सटाइल्स में तेज ग्रोथ
नवंबर 2025 के दौरान रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) के निर्यात में 11.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं मैन-मेड यार्न, फैब्रिक और मेड-अप्स के निर्यात में 15.7% की मजबूत वृद्धि देखने को मिली. यह दर्शाता है कि वैश्विक बाजार में भारत के वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल उत्पादों की मांग बढ़ रही है.
हस्तशिल्प निर्यात में लगभग 30% का उछाल
डेटा के अनुसार, हैंडमेड कारपेट्स को छोड़कर हस्तशिल्प के निर्यात में 29.7% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. यह वृद्धि भारतीय पारंपरिक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है.
जनवरी से नवंबर 2025 तक मिला मिला-जुला प्रदर्शन
वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर के बीच टेक्सटाइल और अपैरल (हस्तशिल्प को छोड़कर) का कुल निर्यात 32,560.0 मिलियन डॉलर रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के 32,474.9 मिलियन डॉलर की तुलना में 0.26% अधिक है. हालांकि कुल वृद्धि सीमित रही, लेकिन कुछ सेगमेंट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया.
RMG और जूट उत्पादों में सालाना आधार पर बढ़ोतरी
कपड़ा मंत्रालय के बयान के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान रेडीमेड गारमेंट्स के निर्यात में 3.6% की वृद्धि दर्ज की गई. इसी अवधि में जूट उत्पादों के निर्यात में भी 6.1% की बढ़ोतरी हुई, जो इस पारंपरिक सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है.
परिधान और होम टेक्सटाइल के लिए नए लेबलिंग नियमों की तैयारी
इस बीच केंद्र सरकार परिधान और होम टेक्सटाइल उत्पादों के लिए नए लेबलिंग नियम लाने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित नियमों के तहत निर्माताओं के लिए फाइबर की जानकारी, उत्पाद की उत्पत्ति और केयर इंस्ट्रक्शन साझा करना अनिवार्य किया जा सकता है.
उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाने की पहल
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को फाइबर कंपोजिशन या उत्पाद की उत्पत्ति को लेकर गुमराह होने से बचाना है. भारत वैश्विक मानकों के अनुरूप नियम लागू करने और बेहतर रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है. विकसित देशों में पहले से ही फाइबर कंपोजिशन, कंट्री ऑफ ओरिजिन और अन्य जानकारियों का खुलासा अनिवार्य है.
टैग्स