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दुनिया के कई देशों को पछाड़ भारत के शेयर बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, यहां पहुंचा वैल्यूएशन
जानकारों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य इमर्जिंग मार्केट्स के शेयरों से बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर तो अच्छी खबरें आती ही रहती हैं लेकिन इस बार उसके शेयर बाजार ने दुनिया के टॉप 10 देशों के बीच कमाल कर दिखाया है. भारतीय शेयर बाजार ने जून तिमाही में दुनिया के टॉप बाजारों में सबसे तेज ग्रोथ रेट दर्ज की है. जून तिमाही भारत के शेयर बाजार ने सबसे ज्यादा 13.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट दर्ज की है. इस छलांग के बाद भारतीय शेयर बाजार पांचवे नंबर पर आ गया है. जबकि कई शेयर बाजारों के लिए ये तिमाही उतनी अच्छी नहीं रही है.
किस देश के बाजार ने दर्ज की कितनी ग्रोथ?
अगर ओवरऑल मार्केट कैपिटेलाइजेशन के स्तर पर देखा जाए तो भारत की पोजीशन 5वे नंबर पर है. भारतीय शेयर बाजार ने जून तिमाही में 13.8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है. मौजूदा समय में भारत का कैपिटेलाइजेशन 5.03 ट्रिलियन है. इसी तरह सबसे बड़े इक्विटी बाजार अमेरिका के मार्केट कैप में 2.75 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है. हांगकांग के बाजार में 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसी तरह यूनाइटेड किंगडम में 3.3 प्रतिशत और ताइवान के मार्केट कैप में 11 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है.
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इन देशों के मार्केट कैप में देखने को मिली गिरावट
एक ओर जहां भारत के साथ कई देश ऐसे हैं जिन्होंने ग्रोथ दर्ज की तो वहीं कई देश ऐसे भी हैं जिनके मार्केट कैप में गिरावट आई है. इनमें भारत के प्रतिद्वंदी चीन के शेयर बाजार की ग्रोथ में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. इससे चीन का मार्केट कैप गिरकर 8.6 ट्रिलियन हो गया है. जहां भारत पिछली 5 तिमाही से ग्रोथ दर्ज कर रहा है वहीं चीन गिरावट दर्ज कर रहा है. इसी तरह जापान के बाजार में 6.24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. यही नहीं फ्रांस के मार्केट कैप में 7.63 प्रतिशत, कनाडा के मार्केट कैप में 2.7 प्रतिशत और सउदी अरब के मार्केट कैप में 8.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
आगे भी बनी रहेगी यही रफ्तार
अगर 2023 में भारत के मार्केट कैप की ग्रोथ की बात करें तो ये 26.17 प्रतिशत तक रही है. जानकार मान रहे हैं कि इसके पीछे भारत सरकार के प्रयास जिम्मेदार हैं. इसमें बैंक अपनी लोन रिकवरी को बेहतर कर रही हैं वहीं दूसरी ओर कंपनियों अपना घाटा कम कर रही हैं. अकेले जून महीने में भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह दूसरे सभी पैरामीटर में बढ़ोतरी देखने को मिली है. जानकारों का कहना है कि सरकार अपने आर्थिक सुधार से लेकर ग्रोथ के प्रयासों को आगे भी जारी रखेगी और उसकी झलक बजट में दिखाई देगी. इसका भी असर देखने को मिलेगा.
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