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मैन्युफैक्चरिंग में भारत का बुलंद परचम : PMI ने तोड़ा 17 साल का रिकॉर्ड, चीन को पछाड़ा
भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री वैश्विक मंच पर तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. चीन पर निर्भरता घटाने की वैश्विक रणनीति के तहत भारत एक प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बीते तीन दिनों में दो अहम और सकारात्मक खबरें सामने आई हैं. पहली, देश की पहली तिमाही की GDP ग्रोथ के शानदार आंकड़े और दूसरी, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ऐतिहासिक प्रदर्शन की रिपोर्ट है. दरअसल, HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अगस्त 2025 में बढ़कर 59.3 पर पहुंच गया है, जो कि साल 2008 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. यह आंकड़ा न सिर्फ भारत की उत्पादन गतिविधियों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि हाल ही में जारी चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (49.4) से भी काफी आगे निकल गया है.
‘डेड इकोनॉमी’ के आरोपों को झटका
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को "डेड इकोनॉमी" कहा था और उच्च टैरिफ लगाकर निशाना साधा था. लेकिन GDP और PMI जैसे ठोस आंकड़ों ने इन आरोपों को गलत साबित कर दिया है.
क्या होता है PMI और क्यों है यह खास
PMI यानी Purchasing Managers’ Index, एक ऐसा संकेतक है जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है. 50 से ऊपर का स्कोर बताता है कि गतिविधियां बढ़ रही हैं, जबकि 50 से नीचे का स्कोर गिरावट की ओर इशारा करता है. अगस्त का PMI यह दर्शाता है कि भारत में ऑपरेशनल कंडीशन्स में पिछले 17.5 सालों में सबसे तेज सुधार हुआ है. यह इंडेक्स S\&P Global द्वारा भारत के लगभग 400 मैन्युफैक्चरर्स से लिए गए सर्वे पर आधारित है.
प्रोडक्शन और नए ऑर्डर्स में तेजी
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी के अनुसार, अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज़ी से उत्पादन बढ़ा है. वहीं, नए ऑर्डर्स में भी जुलाई जैसी ही मजबूती रही, जो पिछले 57 महीनों में सबसे तेज रही है.
रोजगार में लगातार बढ़ोतरी, लेकिन रफ्तार धीमी
रिपोर्ट बताती है कि अगस्त में लगातार 18वें महीने रोजगार के अवसर बढ़े, हालांकि नवंबर 2024 के बाद सबसे कम रफ्तार पर. इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां cautiously hiring कर रही हैं. इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही थी, जो पिछले पांच क्वार्टर्स में सबसे तेज है. यह संकेत है कि घरेलू मांग, सरकारी पूंजी निवेश और उत्पादन गतिविधियां सभी दिशा में मजबूत बनी हुई हैं.
चीन को कड़ी चुनौती
भारत का पीएमआई अब चीन जैसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. चीन का PMI जहां 49.3 से 49.4 तक ही पहुंच पाया, वहीं भारत का PMI 59.3 के स्तर पर चमक रहा है. मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन का कहना है कि अमेरिका के साथ ट्रेड टेंशन अभी भी बना हुआ है और दूसरी तिमाही में इसका असर दिख सकता है. खासकर तब, जब अगस्त से भारतीय एक्सपोर्ट्स पर उच्च टैरिफ लागू हो चुके हैं.
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