होम / बिजनेस / भारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, मांग में दिखी नरमी

भारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, मांग में दिखी नरमी

दिसंबर 2025 के PMI आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था विस्तार में बनी हुई है, लेकिन नए ऑर्डर और मांग में नरमी के कारण 2026 की शुरुआत में वृद्धि की रफ्तार संयमित रह सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

दिसंबर 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था का सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर विस्तार के दायरे में बना रहा, लेकिन दोनों ही क्षेत्रों में वृद्धि की रफ्तार में सुस्ती के संकेत मिले हैं. नए ऑर्डर और कारोबारी गतिविधियों में आई धीमी चाल ने आने वाले महीनों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है.

सर्विस सेक्टर में विस्तार जारी, लेकिन गति धीमी

भारत का सर्विस सेक्टर दिसंबर 2025 में भी मजबूती के साथ विस्तार करता रहा, हालांकि इसकी रफ्तार नवंबर के मुकाबले कुछ धीमी हो गई. HSBC इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) नवंबर के 59.8 से घटकर दिसंबर में 58.0 पर आ गया, जो पिछले 11 महीनों का निचला स्तर है.

PMI का 50 से ऊपर रहना यह दर्शाता है कि सेक्टर अभी भी विस्तार के चरण में है. हालांकि, नए ऑर्डर और अन्य प्रमुख संकेतकों में आई गिरावट से यह संकेत मिल रहा है कि आगे चलकर ग्रोथ की गति पर दबाव पड़ सकता है.

नए ऑर्डर में सुस्ती बनी चिंता का कारण

सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में नए बिजनेस ऑर्डर की रफ्तार पहले की तुलना में धीमी रही. इसका असर सर्विस कंपनियों की भविष्य की मांग और कारोबारी भरोसे पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रुझान जारी रहता है, तो 2026 की शुरुआत में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ सीमित रह सकती है.

S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलीआना डी लीमा ने कहा कि दिसंबर में सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन सकारात्मक रहा, लेकिन कुछ संकेतक यह इशारा कर रहे हैं कि नए साल में विकास की गति थोड़ी धीमी हो सकती है.

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी आई नरमी

सिर्फ सर्विस सेक्टर ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी दिसंबर के दौरान वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ी. HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI नवंबर 2025 के 56.6 से गिरकर दिसंबर में 55.0 पर आ गया, जो पिछले 38 महीनों का सबसे निचला स्तर है.

हालांकि यह आंकड़ा भी 50 के ऊपर है, जो विस्तार को दर्शाता है, लेकिन गिरावट से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार अब पहले जैसी तेज नहीं रही.

आर्थिक गतिविधियों में सतर्क वृद्धि के संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग दोनों सेक्टर अभी मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन हालिया PMI डेटा यह दर्शाता है कि आर्थिक गतिविधियों में अब सतर्क और नियंत्रित वृद्धि का दौर शुरू हो सकता है. बढ़ती लागत, वैश्विक अनिश्चितताएं और मांग में हल्की नरमी आने वाले महीनों में कारोबार पर असर डाल सकती हैं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

13 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

17 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

17 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

18 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

18 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

17 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

13 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

15 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

16 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

17 hours ago