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भारत में महंगाई में आया उछाल, क्या आपको पता है वजह?

जब इन्फ्लेशन आवश्यक 4% की दर से ऊपर होती है तो RBI बहुत ही करीबी रूप से इस पर नजर रखता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

महंगाई को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित रिटेल इन्फ्लेशन यानी खुदरा मुद्रास्फीति में उछाल देखने को मिला है और नवंबर 2023 के दौरान यह 5.55% पर पहुंच गई है जबकि भारत के केंद्रीय बैंक RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार यह 4% होना चाहिए.

क्यों बढ़ी महंगाई?
अर्थशास्त्रियों की मानें तो खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी की वजह से नवंबर के दौरान महंगाई में यह इजाफा देखने को मिला है. यह भी माना जा रहा है कि जब इन्फ्लेशन आवश्यक 4% दर से ऊपर होता है तो RBI बहुत ही करीबी रूप से इस पर नजर रखता है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में RBI द्वारा निर्णायक पॉलिसी रेट यानी रेपो-रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि आने वाले समय में MPC की बैठकें काफी महत्त्वपूर्ण हो जायेंगी और अगस्त 2024 के आस-पास RBI की MPC द्वारा इंटरेस्ट रेट में कटौती की जा सकती है. 

फिलहाल क्या है हालात?
भारत की CPI आधारित महंगाई इस वक्त 5.55% पर जा पहुंची है जबकि पिछले महीने, यानी अक्टूबर में यह 4.87% हुआ करती थी. NSO द्वारा रिलीज किये गए आंकड़ों की मानें तो अक्टूबर में महंगाई पांच महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर जा पहुंची थी और खाद्य पदार्थों की कीमतों में हुए इजाफे की वजह से महंगाई में यह वृद्धि देखने को मिल रही है. हालांकि महंगाई का स्तर RBI द्वारा सुझाए गए 4% के स्तर से तो नीचे है लेकिन आपको बता दें कि यह 2-6% की टॉलरेंस सीमा के भीतर है. 

पहले प्याज और अब लहसुन
जहां एक तरफ पहले प्याज की कीमतों ने कंज्यूमर्स को परेशान कर दिया था, वहीं अब खबर आ रही है कि लहसुन की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिला है और माना जा रहा है कि लहसुन की कीमतें रिटेल मार्केटों में लगभग 210 रुपए प्रति किलोग्राम तक जा पहुंची हैं और इसकी वजह से कंज्यूमर्स को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. लहसुन की फसल में देरी होने की वजह से कंज्यूमर्स को इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
 

यह भी पढ़ें: प्याज ने तो सिर्फ रुलाया था, लहसुन ने लिया तड़पाने का फैसला!


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