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भारत का रिसर्च उद्योग FY25 में 3.5 अरब डॉलर तक पहुंचा : रिपोर्ट

मार्केट रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (MRSI) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एनालिटिक्स और विदेशी मांग के कारण उद्योग में 10.9 प्रतिशत वृद्धि हुई

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत का रिसर्च और इनसाइट्स उद्योग FY2025 में 10.9 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 3.5 अरब डॉलर तक बढ़ गया है. यह तेजी एनालिटिक्स सेवाओं में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण हुई.  यह जानकारी मार्केट रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (MRSI) की ताजा रिपोर्ट में दी गई है.

RMSI की वार्षिक रिपोर्ट 'The Indian Research and Insights Industry 2025 Update' के अनुसार, मार्च 2025 तक उद्योग का कुल आकार 29,008 करोड़ रुपये तक बढ़ गया, जबकि FY2024 में यह 26,300 करोड़ रुपये था. रिपोर्ट के अनुसार यह संकेत है कि उद्योग उच्च मूल्य, तकनीकी-सक्षम सेवाओं पर आधारित, अधिक परिपक्व और विविध बाजार की ओर बढ़ रहा है.

एनालिटिक्स प्रमुख, विदेशी ग्राहक बढ़ा रहे विकास

रिपोर्ट में कहा गया है कि एनालिटिक्स सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता सेवा क्षेत्र बना हुआ है, जो कुल बाजार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा रखता है. इसमें से 90 प्रतिशत से अधिक मांग विदेशी ग्राहकों से आई, जो भारत की वैश्विक रिसर्च और इनसाइट्स सेवा केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

FY2025 में एनालिटिक्स सेगमेंट में 14 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जो प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, कस्टमर लाइफटाइम वैल्यू एनालिसिस और इकनोमेट्रिक्स जैसी तकनीकों की बढ़ती अपनाने से समर्थित थी. जबकि सोशल मीडिया और वेब एनालिटिक्स जैसी पारंपरिक सेवाएँ अब काफी परिपक्व हो गई हैं, नई डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-सक्षम समाधान उद्योग को अधिक स्केलेबल बना रहे हैं.

MRSI ने एजेंटिक AI के बढ़ते उपयोग को भी उजागर किया, जो स्वायत्त, रियल-टाइम इनसाइट्स और सतत अनुकूलन प्रदान करता है, जिससे वैश्विक ग्राहक तेज़ी से मार्केट बदलावों का जवाब दे सकें.

TAM मीडिया रिसर्च और MRSI के अध्यक्ष नितिन कामत ने कहा कि भारतीय रिसर्च और इनसाइट्स उद्योग परिपक्वता की दिशा में बढ़ रहा है, जहां विकास मात्रा से नहीं बल्कि मूल्य से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि पारंपरिक डेटा डिलीवरी से इंटीग्रेटेड, AI-सक्षम इनसाइट्स की ओर बदलाव व्यवसायों को तेज़ और सटीक निर्णय लेने में मदद कर रहा है.

कस्टम रिसर्च बढ़ा, मीडिया मापन पर दबाव

FY2025 में कस्टम मार्केट रिसर्च में 8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, विशेष रूप से कस्टमर एक्सपीरियंस रिसर्च को बढ़ावा मिला. कंपनियां ब्रांडिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ग्राहक एंगेजमेंट रणनीतियों को सुधारने के लिए फेशियल कोडिंग, आई ट्रैकिंग और इमोशनल रिस्पॉन्स मॉनिटरिंग जैसी तकनीकें अपनाती जा रही हैं.

सिंडिकेटेड रिसर्च में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे मैन्युफैक्चरिंग-केंद्रित ग्राहकों और भारत आधारित कैप्टिव रिसर्च सेंटर्स की बढ़ती आउटसोर्सिंग ने बढ़ावा दिया. हालांकि, रिपोर्ट में मीडिया मापन में चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है, क्योंकि पारंपरिक टीवी मेट्रिक्स डिजिटल और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच दबाव में हैं.

MRSI की डायरेक्टर जनरल मिताली चौहान ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय रिसर्च और इनसाइट्स उद्योग लचीलापन और प्रासंगिकता दिखा रहा है. उन्होंने कहा कि लगातार डबल-डिजिट वृद्धि डेटा-आधारित निर्णय लेने में भरोसा बढ़ने का संकेत है.

आगे का नजरिया: FY26 में स्थिर वृद्धि

MRSI ने FY2026 में उद्योग को लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई है, बावजूद इसके कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ बनी रहें.

विदेशी मांग बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि ग्राहक विविध डेटा स्रोतों का संयोजन, गहराई से विश्लेषण के लिए AI का उपयोग और तेज़, अनुकूलित इनसाइट्स चाहते हैं. वैश्विक कंपनियों के भारत में संचालन और कैप्टिव सेंटर्स का विस्तार विदेशी आदेशों को और मजबूत करेगा.

घरेलू स्तर पर, डिजिटल परिपक्वता में वृद्धि, हाइपरलोकल इनसाइट्स की बढ़ती मांग, उपभोक्ता वस्तुओं से परे ब्रांड स्ट्रेटेजी में निवेश, और मैन्युफैक्चरिंग व ऑटोमोटिव विकास से जुड़ी रणनीतिक B2B रिसर्च का पुनरुद्धार उद्योग की गति को समर्थन देगा, रिपोर्ट में कहा गया है.

 


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