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भारत का ऑफिस मार्केट 2025 में रिकॉर्ड पर: सालाना 25% की बढ़ोतरी

कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि भारतीय ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट अब स्थिर, परिपक्व और विकासोन्मुख बन चुका है.

रितु राणा 9 months ago

2025 भारत के ऑफिस रियल एस्टेट के लिए रिकॉर्ड तोड़ साल रहा है. कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के अनुसार, नेट एब्जॉर्प्शन 61.4 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया, जो सालाना 25% की वृद्धि दर्शाता है. यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक और घरेलू कंपनियों के लिए प्रमुख बिजनेस हब बन चुका है. बेंगलुरु और NCR ने मार्केट की बढ़ोतरी को आगे बढ़ाया, दोनों मिलकर कुल एब्जॉर्प्शन का 40% से अधिक हिस्सा बनाते हैं, जबकि मुंबई, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में भी मजबूत लीजिंग गतिविधियां देखी गईं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रोथ कंपनियों के लंबे समय के विश्वास, ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस और बेहतर कर्मचारी अनुभव का परिणाम है.

बेंगलुरु और NCR ने मार्केट को ड्राइव किया

टॉप आठ शहरों में बेंगलुरु 14.4 मिलियन वर्ग फुट के साथ सबसे आगे रहा, जबकि NCR ने 10.9 मिलियन वर्ग फुट के साथ दूसरे स्थान पर कब्जा किया. दोनों मिलकर कुल एब्जॉर्प्शन का 40% से अधिक हिस्सा बनाते हैं. मुंबई, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में भी मजबूत डिमांड देखी गई. खासतौर पर चेन्नई और NCR ने सबसे तेज सालाना ग्रोथ दर्ज की, जबकि सभी प्रमुख शहरों में रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई.

लैंडमार्क ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन संदीप छिल्लर कहते हैं, “गुरुग्राम अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट एक्सेस और कॉर्पोरेट इकोसिस्टम के कारण NCR का ऑफिस मार्केट का केंद्र बना हुआ है. ऑक्यूपायर्स अब लंबे समय के लिए कमिट कर रहे हैं, खासकर ग्रेड-ए प्रॉपर्टीज में शहर के उभरते माइक्रो-मार्केट में डिमांड लगातार बनी हुई है, जबकि नई सप्लाई नियंत्रित है. यह बैलेंस अगले दो सालों में ऑक्यूपेंसी लेवल को और ऊपर ले जाएगा.”

कंपनियों का लंबी अवधि का विश्वास

रीच ग्रुप के डायरेक्टर, इश्विन सिंह होरा ने बताया, “25% सालाना बढ़ोतरी और 61.4 मिलियन वर्ग फुट का रिकॉर्ड एब्जॉर्प्शन दर्शाता है कि कंपनियां भारत को लंबी अवधि के लिए रणनीतिक बिजनेस डेस्टिनेशन मान रही हैं. बेंगलुरु और NCR में सबसे अधिक एब्जॉर्प्शन देखा गया, जबकि मुंबई, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में भी मजबूत लीजिंग गतिविधि रही. बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों के अनुभव पर फोकस वाले प्रोजेक्ट्स अब किराएदारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.”

ग्रुप 108 के एमडी डॉ. अमीश भूटानी कहते हैं, “नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की डिमांड बढ़ रही है, खासकर एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास. यह वृद्धि ग्लोबल और घरेलू कंपनियों के विस्तार प्लान के कारण हो रही है, जो भविष्य के लिए मार्केट को मजबूत और तैयार बनाए रखेगी.”

क्वालिटी और टेक्नोलॉजी-रेडी ऑफिस की बढ़ती मांग

राइज इन्फ्रावेंचर्स की सीबीओ सोनाक्षी वाधवन ने कहा “ऑफिस मार्केट में रिकॉर्ड एब्जॉर्प्शन रिकवरी का संकेत नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कंपनियां भारत को दीर्घकालिक बिजनेस बेस के रूप में देख रही हैं. IT, BFSI, इंजीनियरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विस्तार ने ऑफिस स्पेस की मांग को नया आकार दिया है. टेक्नोलॉजी-रेडी, बड़े फ्लोर प्लेट्स और विस्तार की सुविधा वाली ग्रेड-ए प्रॉपर्टीज़ अब किराएदारों की पहली पसंद बन रही हैं.”

सीआरसी ग्रुप के डायरेक्टर सलील कुमार ने बताया, “2025 में ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम लगभग 89 मिलियन वर्ग फुट रहा, जो लगातार दूसरे साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना. ग्रेड-ए, भविष्य के लिए तैयार ऑफिस स्पेस पर फोकस करने वाले किराएदारों ने लीजिंग एक्टिविटी चलायी. IT-BPM फर्मों, GCCs, BFSI, इंजीनियरिंग कंपनियों और शेयर्ड वर्कस्पेस ऑपरेटर्स से भी अच्छी डिमांड रही. यह बदलाव प्रीमियम और क्वालिटी प्रॉपर्टीज़ की ओर बढ़ा रहा है.”

ऑफिस स्पेस अब कर्मचारियों का अनुभव और कंपनी संस्कृति बढ़ाने का केंद्र

पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, ऋषभ पेरीवाल ने बताया ऑफिस स्पेस की खपत में 25 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी यह बताती है कि पूरे भारत में अब बेहतर और भविष्य के हिसाब से तैयार ऑफिसों की मांग बढ़ रही है. कंपनियां अब हाइब्रिड वर्क की चर्चा से आगे निकलकर ऐसे ग्रेड-ए ऑफिस चुन रही हैं, जो अच्छी लोकेशन पर हों, सुंदर और उपयोगी डिजाइन वाले हों, पर्यावरण के अनुकूल हों और कर्मचारियों को अच्छा काम करने का माहौल दें.

आज के कड़े टैलेंट मुकाबले में ऑफिस कर्मचारियों को आकर्षित करने और उन्हें लंबे समय तक जोड़े रखने का एक अहम जरिया बन गया है. ऑफिस अब सिर्फ काम करने की जगह नहीं रहे, बल्कि ऐसे स्थान बन गए हैं जहाँ टीमवर्क, कर्मचारियों की भलाई और मजबूत कंपनी संस्कृति को बढ़ावा मिलता है. यह बदलाव दिखाता है कि भारत मजबूत टैलेंट बेस और बढ़ते वैश्विक भरोसे के साथ एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख ऑफिस हब के रूप में तेजी से उभर रहा है.

भारत का ऑफिस मार्केट रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन बन रहा है

M3M India के प्रेसिडेंट, रॉबिन मांगला ने बताया वर्ष 2025 में ऑफिस मार्केट ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. रिकॉर्ड 61.4 मिलियन वर्ग फुट की ऑफिस लीजिंग और 25 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी यह दिखाती है कि भारत एक मजबूत वैश्विक बिजनेस डेस्टिनेशन बनकर उभरा है. दिल्ली-एनसीआर में 82 प्रतिशत की शानदार वृद्धि ने इस क्षेत्र को देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते ऑफिस मार्केट्स में शामिल कर दिया है. इस तेजी के पीछे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार, नई तकनीक का बढ़ता उपयोग और बेहतर होता इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख कारण हैं.

आज कुल ऑफिस लीजिंग में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी GCCs की है, जो यह साफ संकेत देता है कि कंपनियों की मांग अब बदल रही है. अब सिर्फ जगह लेना ही मकसद नहीं है, बल्कि अच्छी गुणवत्ता, भविष्य में विस्तार की सुविधा और लंबे समय की साझेदारी को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है. M3M India में हमारी रणनीति भी इन्हीं बदलते रुझानों के अनुरूप है. हम ऐसे ग्रेड-ए कमर्शियल प्रोजेक्ट्स विकसित कर रहे हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक, फ्लेक्सिबिलिटी और एम्प्लॉई-सेंट्रिक डिजाइन पर खास ध्यान दिया गया है.

एनसीआर में 6 से 9 प्रतिशत तक की रेंटल ग्रोथ और खाली ऑफिस स्पेस में तेजी से आई कमी यह साबित करती है कि बाजार उन्हीं डेवलपर्स को आगे बढ़ा रहा है, जो बेहतर क्वालिटी और ग्राहकों की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हैं. हमारा मानना है कि भारत की कमर्शियल रियल एस्टेट की यात्रा अभी शुरुआत में है और M3M India इस विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

दिल्ली-एनसीआर के ऑफिस मार्केट की 82% वृद्धि, GCCs और आर्थिक विकास का असर

ब्रह्मा ग्रुप के एवीपी ऑपरेशंस, आशीष शर्मा ने बताया ब्रह्मा ग्रुप के एवीपी ऑपरेशंस आशीष शर्मा कहते हैं, “2025 में दिल्ली-एनसीआर में ऑफिस लीजिंग में दर्ज की गई 82 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि इस बात का मजबूत प्रमाण है कि यह क्षेत्र व्यवसायों और कंपनियों के लिए लगातार आकर्षक बना हुआ है. यह शानदार प्रदर्शन दिल्ली-एनसीआर को एक प्रमुख कमर्शियल हब के रूप में और अधिक मजबूती देता है. इसका श्रेय कंपनियों के बढ़ते विस्तार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की मजबूत मांग और यहाँ के तेजी से विकसित हो रहे आर्थिक वातावरण को जाता है. यह वृद्धि इस क्षेत्र की मजबूत बुनियादी नींव को दर्शाती है और आने वाले समय में कमर्शियल ऑफिस बाजार में निरंतर विस्तार की स्पष्ट संभावना को दिखाती है.”

 

 


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