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Q4 FY25 में भारत की GDP वृद्धि 6.8% रहने का अनुमान: CareEdge
CareEdge की रिपोर्ट के अनुसार, FY25 की चौथी तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 6.8% रहने की संभावना है, जिससे पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि 6.3% तक सीमित रहेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
CareEdge Ratings की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 6.8% रहने की संभावना है. इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए GDP वृद्धि दर 6.3% आंकी गई है, जो पहले के 6.4% अनुमान से थोड़ी कम है.
रिपोर्ट के अनुसार, FY25 की अंतिम तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की गति में तेजी देखी गई है. कृषि, आतिथ्य, परिवहन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूती के चलते यह सुधार देखने को मिला. पिछली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.2% थी.
CareEdge Economic Meter (CEM), जो 40 हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतकों पर आधारित एक सूचकांक है. Q4 में 3.0% बढ़ा, जो Q3 में 2.6% था. यह रिपोर्ट मई 2025 में जारी की गई और मशीन लर्निंग तकनीकों के ज़रिए मुख्य मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों का अनुमान लगाया गया.
कृषि और निर्माण बने मजबूती के आधार
चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि प्रमुख रही, जहां रबी की बुवाई में 2% की बढ़ोतरी, ट्रैक्टर बिक्री में 23.4% की छलांग और उर्वरक मांग में सुधार देखा गया. निर्माण क्षेत्र को केंद्रीय पूंजीगत व्यय और सीमेंट उत्पादन में 12.3% वृद्धि का समर्थन मिला.
सेवाओं और उपभोग में तेजी
सेवा क्षेत्र में 7.7% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र 7.8% की दर से बढ़े. टोल कलेक्शन में 17.2% और ई-वे बिल जनरेशन में 19.4% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. यह संकेत करता है कि कुंभ मेले और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के कारण आवाजाही और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी आई.
सार्वजनिक प्रशासन और रक्षा क्षेत्र में 8.5% की वृद्धि हुई, जबकि निर्माण में 8.1% और वित्तीय सेवाओं में 7.0% की वृद्धि देखी गई. खर्च के मोर्चे पर, खपत और निवेश में क्रमश: 6.8% और 6.9% की वृद्धि का अनुमान है.
निर्माण और निर्यात में कुछ कमजोरी
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निर्माण क्षेत्र की वृद्धि Q3 के 4.5% से घटकर Q4 में 3.7% रही. दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री क्रमशः 1.4% और 2.3% की धीमी दर से बढ़ी. उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में गिरावट दर्ज की गई, जो शहरी मांग में असमानता को दर्शाता है.
वस्त्र निर्यात में भी कमजोरी रही. चौथी तिमाही में माल निर्यात में 0.3% की गिरावट आई, जिसमें तेल निर्यात में 34% की भारी गिरावट रही. हालांकि सेवा निर्यात 14.1% की दर से बढ़ा, लेकिन यह Q3 के 17.9% से कम रहा.
सरकारी खर्च में भी सुस्ती देखी गई, जहां जनवरी–फरवरी 2025 के दौरान राजस्व और पूंजीगत व्यय में क्रमशः 4.7% और 4.0% की गिरावट आई. वित्तीय क्षेत्र में, नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 12.2% रही, जबकि खुदरा ऋण प्रवाह में थोड़ी गिरावट आई.
FY26 में 6.2% वृद्धि का अनुमान
CareEdge ने FY26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.2% रहने का अनुमान जताया है. रिपोर्ट के अनुसार, घटती महंगाई, संभावित नीतिगत दर कटौती, ग्रामीण मांग में सुधार और अनुकूल मानसून की उम्मीदें सकारात्मक वातावरण तैयार कर सकती हैं. हालांकि वैश्विक चुनौतियां और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं इस अनुमान में बाधा बन सकती हैं.
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