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गोल्ड रिजर्व के सहारे बढ़ा भारत का फॉरेक्स भंडार, 1.03 अरब डॉलर का इजाफा
RBI विदेशी मुद्रा प्रबंधन में सतर्क और रणनीतिक दृष्टिकोण अपना रहा है, ताकि वैश्विक आर्थिक अस्थिरताओं के बीच देश की वित्तीय सुरक्षा मजबूत बनी रहे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को राहत मिली है. 5 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह में देश का कुल फॉरेक्स रिजर्व 1.03 अरब डॉलर बढ़ गया. हालांकि विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी जारी रही, लेकिन सोने के भंडार में मजबूत बढ़ोतरी ने कुल भंडार को सहारा दिया.
कितनी बढ़ोतरी, कहां पहुंचा फॉरेक्स रिजर्व
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 5 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.033 अरब डॉलर बढ़कर 687.260 अरब डॉलर हो गया. इससे पहले के सप्ताह में इसमें 1.877 अरब डॉलर की गिरावट आई थी, जबकि उससे एक सप्ताह पहले भंडार 4.472 अरब डॉलर घटा था. गौरतलब है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 सितंबर 2024 को 704.885 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा था.
विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट जारी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियों यानी FCA में 151 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई. इससे एक सप्ताह पहले FCA में 3.569 अरब डॉलर की भारी गिरावट आई थी. अब देश का FCA घटकर 556.880 अरब डॉलर रह गया है. कुल विदेशी मुद्रा भंडार में FCA का हिस्सा सबसे बड़ा होता है और इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल रहता है.
सोने के भंडार ने दिया मजबूत सहारा
बीते सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में आई कुल बढ़त की सबसे बड़ी वजह सोने के भंडार में इजाफा रहा. रिजर्व बैंक के मुताबिक, 5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.188 अरब डॉलर बढ़ी. इससे पहले वाले सप्ताह में भी सोने के भंडार में 1.613 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
अब भारत का कुल गोल्ड रिजर्व बढ़कर 106.984 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. मात्रा के लिहाज से आरबीआई के पास मौजूद सोना 880 टन के पार पहुंच चुका है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 14.7 फीसदी से ज्यादा है.
एसडीआर में मामूली बढ़त, IMF रिजर्व घटा
समीक्षाधीन सप्ताह में भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट यानी SDR में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली. यह 93 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.721 अरब डॉलर हो गया. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास रखे गए भारत के रिजर्व में 97 मिलियन डॉलर की कमी आई है. इसके बाद IMF रिजर्व घटकर 4.675 अरब डॉलर रह गया है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमजोरी के बावजूद सोने के भंडार में लगातार बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि आरबीआई अपने रिजर्व को ज्यादा सुरक्षित और विविध बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक मजबूत सुरक्षा कवच के तौर पर उभर रहा है, जिसने इस बार भारत के फॉरेक्स रिजर्व को गिरावट से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई है.
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