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एक हफ्ते में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.8 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज
एक सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में आई बड़ी गिरावट अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को दर्शाती है. मजबूत आयात कवर और दीर्घकालिक ट्रेंड यह संकेत देते हैं कि भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति फिलहाल संतुलित और मजबूत बनी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.809 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की साप्ताहिक सांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार, 2 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश का कुल फॉरेक्स रिजर्व घटकर 686.801 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) और सोने के भंडार में कमी के कारण आई है.
लगातार बढ़त के बाद आई गिरावट
यह गिरावट ऐसे समय पर आई है, जब पिछले कई हफ्तों से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़त बनाए हुए था और सितंबर 2024 में दर्ज किए गए अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 704.89 अरब डॉलर के करीब बना हुआ था. हालांकि, रिपोर्ट किए गए सप्ताह में भंडार पर दबाव देखने को मिला.
फॉरेन करेंसी एसेट्स में सबसे ज्यादा असर
फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा माने जाने वाले विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में 7.622 अरब डॉलर की गिरावट आई है. इसके साथ ही FCA घटकर 551.990 अरब डॉलर रह गया, जिसने कुल भंडार में आई कमी में सबसे बड़ा योगदान दिया.
सोने के भंडार में भी कमी
इस अवधि में भारत के सोने के भंडार में भी 2.058 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 111.262 अरब डॉलर पर आ गया. यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मजबूत मांग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें ऊपरी स्तर पर बनी हुई हैं.
आयात कवर के लिहाज से स्थिति मजबूत
दिसंबर में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद RBI ने कहा था कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से अधिक के वस्तु आयात (Merchandise Imports) को कवर करने के लिए पर्याप्त है. इससे यह संकेत मिलता है कि साप्ताहिक उतार-चढ़ाव के बावजूद देश का बाहरी क्षेत्र मजबूत स्थिति में है.
लंबी अवधि में फॉरेक्स रिजर्व मजबूत
दीर्घकालिक दृष्टि से देखा जाए तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती बनी हुई है. वर्ष 2025 में अब तक फॉरेक्स रिजर्व में करीब 56 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है. इससे पहले 2024 में इसमें लगभग 20 अरब डॉलर और 2023 में करीब 58 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी. वहीं, 2022 में फॉरेक्स रिजर्व में कुल 71 अरब डॉलर की गिरावट आई थी.
RBI कैसे करता है फॉरेक्स रिजर्व का प्रबंधन
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में रखा जाता है, जबकि यूरो, येन और पाउंड स्टर्लिंग जैसी मुद्राओं में भी सीमित निवेश होता है. RBI सक्रिय रूप से इन भंडारों का प्रबंधन करता है. आमतौर पर रुपये के मजबूत होने पर केंद्रीय बैंक डॉलर की खरीद करता है, जबकि रुपये में कमजोरी के समय डॉलर बेचकर बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करने और तरलता प्रबंधन का काम करता है.
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