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भारत की आर्थिक छलांग : जापान को पछाड़कर बना चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

वैश्विक चुनौतियों और टैरिफ के दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उसने दुनिया में उसकी आर्थिक हैसियत को और मजबूत किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

नए साल से पहले भारत के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि सामने आई है. तेज विकास दर, मजबूत घरेलू मांग और नियंत्रित महंगाई के दम पर भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है. सरकार की ताजा आर्थिक समीक्षा में यह दावा किया गया है, जबकि आईएमएफ के आगामी आंकड़े इसकी औपचारिक पुष्टि करेंगे.

जापान से आगे निकला भारत

सरकार की साल के अंत में जारी आर्थिक समीक्षा के मुताबिक भारत की जीडीपी बढ़कर 4.18 ट्रिलियन डॉलर हो गई है. इसके साथ ही भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था में चौथा स्थान हासिल कर लिया है. सरकार का कहना है कि मौजूदा रफ्तार बनी रही तो अगले ढाई से तीन साल में भारत जर्मनी को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

2026 में आईएमएफ करेगा औपचारिक पुष्टि

हालांकि भारत की इस उपलब्धि की औपचारिक पुष्टि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से 2026 की पहली छमाही में जारी किए जाने वाले आंकड़ों से होगी. इनमें वर्ष 2025 के अंतिम आर्थिक आंकड़े शामिल होंगे. आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार 2026 में भारत की जीडीपी 4.51 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जो जापान के अनुमानित 4.46 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है.

दस साल में दोगुना हुआ आर्थिक आकार

भारत पिछले कई वर्षों से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा है. बीते एक दशक में देश की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग दोगुना हो चुका है. सरकार का कहना है कि भारत न केवल तेज गति से बढ़ रहा है, बल्कि इस विकास को बनाए रखने की मजबूत स्थिति में भी है.

टैरिफ की चुनौतियों के बीच भी मजबूत प्रदर्शन

सरकार का यह आशावादी आकलन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. अगस्त में अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, खासकर रूसी तेल की खरीद से जुड़े मुद्दों के कारण, भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने चुनौतियां भी आईं. इसके बावजूद भारत ने अपनी विकास रफ्तार को बरकरार रखा.

महंगाई नियंत्रण में, मांग बनी मजबूत

आर्थिक समीक्षा के अनुसार महंगाई सहनशील दायरे के निचले स्तर पर बनी हुई है.

1. बेरोजगारी दर में गिरावट आई है.
2. निर्यात में लगातार सुधार दर्ज किया गया है.
3. वित्तीय स्थितियां अनुकूल हैं और कारोबार को पर्याप्त कर्ज उपलब्ध हो रहा है.
4. शहरी खपत बढ़ने से घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है.

दूसरी तिमाही में जीडीपी ने पकड़ी रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी 8.2% बढ़ी. यह पिछली तिमाही के 7.8% और 2024-25 की अंतिम तिमाही के 7.4% से अधिक है. मजबूत घरेलू मांग के चलते औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिससे सकल मूल्य वर्धित (GVA) 8.1% बढ़ा.

आरबीआई ने भी बढ़ाया विकास अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विकास दर का अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है. आरबीआई के अनुसार लगातार घरेलू मांग, कर सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, सरकारी पूंजीगत खर्च की समय पर शुरुआत और अनुकूल मौद्रिक-राजकोषीय परिस्थितियां इस तेजी को समर्थन दे रही हैं.


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