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भारत का अमेरिका में फिर बढ़ा दबदबा, बाइडेन की सलाहकार समिति में शामिल हुए दो भारतीय
बाइडेन ने 14 लोगों के एक दल की घोषणा की है जो अमेरिकी सलाहकार समिति का हिस्सा होंगे. इसमें दो भारतीय भी हैं, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सलाहकार समिति में शामिल किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
एक बार फिर अमेरिका में भारत का नाम रौशन हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्यापार नीति और सलाहकार समिति के लिए जिन लोगों की टीम की घोषणा की है उसमें दो भारतीय अमेरिकी नागरिक शामिल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बॉइडेन ने व्यापार और वार्ता के लिए जिस टीम की घोषणा की है उसमें शामिल दो भारतीय-अमेरिकियों में फ्लेक्स की सीईओ, रेवती अद्वैती, और प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद के सीईओ मनीष बापना को सदस्य बनाया गया है.
आखिर कौन हैं ये 14 लोग
राष्ट्रपति बॉइडेन ने जिन 14 लोगों की एक टीम की घोषणा की है जो व्यापार और वार्ता को लेकर अमेरिकी सलाहकार समिति का हिस्सा होंगे उसमें रेवती अद्वैती, मनीष बापना, टिमोथी माइकल ब्रोस, थॉमस एम कॉनवे, एरिका आरएच फुच्स, मार्लन ई किम्पसन, रयान, शोंडा यवेटे स्कॉट, एलिजाबेथ शुलर, नीना ज़्लॉस्बर्ग-लैंडिस और वेन्डेल पी वीक्स शामिल हैं.
कौन हैं रेवती अद्वैती
रेवती अद्वैती Flex की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, जो अलग-अलग ग्राहक बेस और डिजाइन पर काम करती हैं साथ ही उत्पाद को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं. 2019 में भूमिका संभालने के बाद से, अद्वैती कंपनी की रणनीतिक दिशा तैयार करने और Flex को एक परिवर्तन के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी निभा रही हैं और अपने काम से वो मैन्युफैक्चरिंग में अपनी नई पहचान बनाने में कामयाब रही हैं. अद्वैती ने जब से जिम्मेदारी संभाली है वो तब से कंपनी के लिए स्ट्रैटजिक डॉयरेक्शन का काम देख रही हैं और FLEX की मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है. Flex से पहले, अद्वैती 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की बिक्री और 102,000 कर्मचारियों वाली कंपनी, ईटन के लिए इलेक्ट्रिकल क्षेत्र के व्यवसाय के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी के तौर पर काम कर रही थी.
उनके पास ईंटन में यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों के लिए कॉर्पोरेट जिम्मेदारी थी. उससे पहले, अद्वैती ईटन के विद्युत क्षेत्र, अमेरिका की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और उत्तर, दक्षिण और मध्य अमेरिका के लिए जिम्मेदारी निभाते हुए काम कर चुकी हैं. अद्वैती विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के उन्नत मैन्युफैक्चरिंग सीईओ समुदाय की सह-अध्यक्ष हैं और सीईओ क्लाइमेट लीडर्स के डब्ल्यूईएफ एलायंस में शामिल हुई हैं. वह Uber और Catalyst.org के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं. अद्वैती को फॉर्च्यून की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में लगातार चार वर्षों तक मान्यता दी गई और भारत में बिजनेस टुडे की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक का नाम दिया गया है. उनके पास बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री है और थंडरबर्ड स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट से एमबीए है.
आखिर कौन हैं मनीष बापना
मनीष बापना प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद (एनआरडीसी) के अध्यक्ष और सीईओ हैं. एनआरडीसी पिछली आधी शताब्दी के कई सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय बदलावों के पीछे रहा है. इसमें पर्यावरणीय कानूनों के निर्माण से लेकर ऐतिहासिक कानूनी जीत और मूलभूत अनुसंधान तक शामिल हैं. अपने 25 साल के करियर के दौरान, बापना ने गरीबी और जलवायु परिवर्तन के मूल कारणों से निपटने पर ध्यान केंद्रित किया है.
उन्होंने हमेशा ऐसे उपाय सुझाए जो न्यायसंगत, टिकाऊ और मापनीय हैं. हाल ही में, उन्होंने विश्व संसाधन संस्थान के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया, जो 14 वर्षों से अधिक समय तक पर्यावरण और मानव विकास पर केंद्रित एक शोध संगठन है. एक बेहतरीन अर्थशास्त्री बापना बैंक सूचना केंद्र में वकालत में करियर बनाने से पहले मैकिन्से एंड कंपनी और विश्व बैंक में अपनी सेवा दे चुके हैं. उनके पास हार्वर्ड विश्वविद्यालय से व्यवसाय और राजनीतिक और आर्थिक विकास में मास्टर डिग्री और एमआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री है.
आखिर क्या करती है ये सलाहकार समिति
व्यापार नीति और वार्ता के लिए सलाहकार समिति एक ऐसी समिति है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि को किसी भी एग्रीमेंट पर जाने से पहले उसके हर पहलू पर सलाह प्रदान करने के लिए स्थापित की गई है. इस समिति में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि द्वारा अनुशंसित अधिकतम 45 सदस्य शामिल हैं जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और गैर-संघीय सरकारों, श्रम, उद्योग, कृषि, लघु व्यवसाय, सेवा के प्रतिनिधियों सहित सामान्य व्यापार, निवेश और विकास के मुद्दों में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को इसमें लिया जाता है.
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