होम / बिजनेस / जन्मदिन विशेष: CA से BSE चेयरमैन तक, एस. रवि की चार दशक लंबी भरोसे की यात्रा

जन्मदिन विशेष: CA से BSE चेयरमैन तक, एस. रवि की चार दशक लंबी भरोसे की यात्रा

पूर्व बीएसई चेयरमैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉरपोरेट गवर्नेंस विशेषज्ञ एस. रवि ने पिछले चार दशकों में भारतीय वित्तीय संस्थानों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

कुछ करियर सुर्खियों में रहकर बनते हैं, जबकि कुछ संस्थानों को भीतर से मजबूत करने के लिए शांत और निरंतर काम करते हुए. एस. रवि (सेथुरथनम रवि) का चार दशक लंबा करियर इसी दूसरी श्रेणी का उदाहरण है. भारतीय वित्तीय व्यवस्था में जब-जब भरोसे और पारदर्शिता की जरूरत महसूस हुई, तब-तब उन्होंने कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय अनुपालन और संस्थागत सुधारों के जरिए अहम भूमिका निभाई. आज एस रवि अपना जन्मदिन मना रहे हैं, उनका सफर भारतीय वित्तीय संस्थानों को मजबूत बनाने की कहानी के रूप में देखा जाता है. तो चलिए इस खास मौके पर उनकी पेशेवर यात्रा और योगदान के बारे में विस्तार से जानते हैं.

सटीकता और अनुशासन से हुई करियर की शुरुआत

एस. रवि ने जबलपुर और भोपाल से अपनी शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने फेलो चार्टर्ड अकाउंटेंट (FCA) के रूप में प्रशिक्षण लिया और सूचना प्रणाली ऑडिट (Information Systems Audit) तथा दिवाला एवं अक्षमता (Insolvency) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की. ऐसे समय में, जब कॉरपोरेट गवर्नेंस पर ज्यादा चर्चा नहीं होती थी, उन्होंने तकनीक, अनुपालन और वित्तीय अनुशासन के संगम पर अपनी पहचान बनाई.

पंजाब एंड सिंध बैंक में निभाई अहम जिम्मेदारी

साल 2003 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार ने उन्हें पंजाब एंड सिंध बैंक के बोर्ड में शामिल किया. उस समय सार्वजनिक क्षेत्र का यह बैंक परिचालन और अनुपालन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा था. एस. रवि ने बैंक में परिचालन सुधार, नियामकीय अनुपालन और पुनर्गठन की प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह जिम्मेदारी भले ही सुर्खियों में नहीं रही, लेकिन संस्थान की मजबूती के लिए बेहद अहम साबित हुई.

बीएसई में किया आधुनिकीकरण का नेतृत्व

साल 2017 से 2019 तक उन्होंने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के चेयरमैन के रूप में कार्य किया. उनके कार्यकाल में डिजिटल ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों को मजबूत करने और छोटे एवं मझोले उद्यमों (SMEs) तथा स्टार्टअप्स के लिए पूंजी बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया. उनका फोकस अल्पकालिक उपलब्धियों की बजाय संस्थागत मजबूती पर रहा.

कई प्रमुख कंपनियों के बोर्ड में निभाई भूमिका

एस. रवि निजी क्षेत्र में भी लंबे समय से सक्रिय हैं. वह रवि राजन एंड कंपनी LLP के मैनेजिंग पार्टनर हैं, जहां वे कंपनियों को जोखिम प्रबंधन, नियामकीय अनुपालन और विकास रणनीति पर सलाह देते हैं. इसके अलावा वह ONGC, IDBI बैंक, आदित्य बिड़ला कैपिटल, उषा मार्टिन और PCBL सहित 45 से अधिक कंपनियों के बोर्ड में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. ऊर्जा, बैंकिंग, विनिर्माण और पूंजी बाजार जैसे विविध क्षेत्रों में उनका अनुभव उन्हें कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल करता है.

नए दौर के वित्तीय मुद्दों पर भी सक्रिय

एस. रवि आज भी वित्तीय क्षेत्र से जुड़े समकालीन मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखते हैं. फिनटेक, डिजिटल फाइनेंस, सतत और नैतिक निवेश (Sustainable & Ethical Investing), क्रिप्टोकरेंसी विनियमन तथा ESG (Environmental, Social and Governance) मानकों जैसे विषयों पर उनकी विशेषज्ञता उद्योग जगत में महत्वपूर्ण मानी जाती है.

संस्थानों को मजबूत बनाने वाली विरासत

67 वर्ष की उम्र में एस. रवि की पेशेवर यात्रा यह बताती है कि किसी भी मजबूत वित्तीय व्यवस्था की नींव केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि वर्षों तक लगातार किए गए सुधारों, पारदर्शिता और जवाबदेही से तैयार होती है. भारतीय वित्तीय क्षेत्र में उनका योगदान इसी संस्थागत मजबूती और भरोसे की विरासत के रूप में याद किया जाता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

1 hour ago

सरकार ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 16वीं नीलामी शुरू की, 9 राज्यों के 25 ब्लॉक शामिल

2020 में निजी क्षेत्र की भागीदारी शुरू होने के बाद अब तक 147 कोयला खदानों की नीलामी, छह पहले आवंटित खदानों के लिए विकास एवं उत्पादन समझौते भी हुए.

1 hour ago

ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के टर्म प्लान कारोबार में 53.89% की वृद्धि, दावा निपटान अनुपात 99.3%: रिपोर्ट

31 मार्च 2026 तक दिल्ली में 3.69 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा, बीमित राशि ₹1.30 लाख करोड़; कंपनी ने पिछले सात साल में ग्राहकों को ₹6,087 करोड़ के लाभ दिए.

1 hour ago

टाटा संस लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स की असहमति, दूसरे विकल्प तलाशने का फैसला

17 सितंबर को हुई टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने समूह की एक सदी से अधिक पुरानी संरचना को बनाए रखने के पक्ष में ट्रस्ट्स का रुख दोहराया.

2 hours ago

SP ग्रुप को राहत देने के लिए ₹25,000 करोड़ के प्रस्ताव पर टाटा ट्रस्ट्स की पहल, 18 महीने में पूरा हो सकता है सौदा

NCLT के जरिए चुनिंदा कैपिटल रिडक्शन की योजना, टाटा संस के शेयरों की इनकम टैक्स फेयर वैल्यू के आधार पर होगी गणना

2 hours ago


बड़ी खबरें

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

2 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

1 hour ago

बॉन्ड और एफडी के बाद पैसाबाजार का MF में प्रवेश, ₹10 से डेली SIP की शुरुआत

अनियमित आय वाले लोगों के लिए रोजाना छोटी रकम निवेश करने का विकल्प; पिछले साल बॉन्ड और एफडी के बाद कंपनी ने बढ़ाया निवेश उत्पादों का दायरा

1 hour ago

सरकार ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 16वीं नीलामी शुरू की, 9 राज्यों के 25 ब्लॉक शामिल

2020 में निजी क्षेत्र की भागीदारी शुरू होने के बाद अब तक 147 कोयला खदानों की नीलामी, छह पहले आवंटित खदानों के लिए विकास एवं उत्पादन समझौते भी हुए.

1 hour ago

टाटा संस लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स की असहमति, दूसरे विकल्प तलाशने का फैसला

17 सितंबर को हुई टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने समूह की एक सदी से अधिक पुरानी संरचना को बनाए रखने के पक्ष में ट्रस्ट्स का रुख दोहराया.

2 hours ago