होम / बिजनेस / डीजल से ग्रीन फ्यूल की ओर भारतीय रेलवे, बैटरी और हाइड्रोजन से बदलेगा रेल नेटवर्क

डीजल से ग्रीन फ्यूल की ओर भारतीय रेलवे, बैटरी और हाइड्रोजन से बदलेगा रेल नेटवर्क

भारतीय रेलवे का डीजल इंजनों से दूरी बनाकर बैटरी और हाइड्रोजन जैसे ग्रीन फ्यूल विकल्पों को अपनाना देश के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारतीय रेलवे अपने रेल नेटवर्क को डीजल इंजनों से धीरे-धीरे पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसके तहत बैटरी और हाइड्रोजन जैसे ग्रीन फ्यूल से चलने वाले इंजनों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है. यह कदम रेलवे की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए प्रदूषण घटाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है.

लगभग पूरा हो चुका है रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण

रेलवे नेटवर्क का लगभग पूरा विद्युतीकरण हो चुका है और अब सिर्फ कुछ ही रूट बचे हैं, जहां अभी भी बिजली की लाइनें नहीं पहुंची हैं. ऐसे में रेलवे अब उन सेक्शनों पर नए विकल्पों पर काम कर रहा है, जहां इलेक्ट्रिफिकेशन या तो सीमित है या फिर तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है.

पहले चरण में यार्ड और शंटिंग ऑपरेशन पर फोकस

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में यार्ड ऑपरेशन, शंटिंग सेवाओं और लास्ट माइल फ्रेट मूवमेंट में इस्तेमाल होने वाले डीजल इंजनों को बदला जाएगा. इन क्षेत्रों में बैटरी से चलने वाले ट्रैक्शन सिस्टम अहम भूमिका निभाएंगे. वहीं, लंबी दूरी के रूट पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों से चलने वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ही मुख्य भूमिका में बने रहेंगे.

बैटरी और हाइड्रोजन इंजन के सफल ट्रायल

भारतीय रेलवे ने एक 700 हॉर्स पावर के डीजल लोकोमोटिव को लिथियम फेरो फॉस्फेट बैटरी सिस्टम से सफलतापूर्वक अपग्रेड किया है. इसके साथ ही, भारी माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोजन फ्यूल आधारित हाई-कैपेसिटी इंजन प्लेटफॉर्म पर भी काम तेजी से चल रहा है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में लंबी और ज्यादा पावर वाली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल का जिक्र करते हुए कहा था कि सरकार रेल परिवहन के लिए कई क्लीन एनर्जी विकल्प विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

कई सालों से चल रहे हैं पायलट प्रोजेक्ट

बैटरी से चलने वाले और हाइड्रोजन आधारित इंजनों के पायलट प्रोग्राम पिछले कुछ सालों से चल रहे हैं. रेलवे ने पारंपरिक पैसेंजर कोच को बैटरी-कम-इलेक्ट्रिक शंटिंग इंजन में भी बदला है, जो कम स्पीड पर सिर्फ बैटरी मोड में ही मालगाड़ी और पैसेंजर रेक को खींच सकता है.

ये सभी प्रयास दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे बिना ऑपरेशनल भरोसेमंदी से समझौता किए धीरे-धीरे लेकिन लगातार साफ-सुथरी और पर्यावरण के अनुकूल ट्रैक्शन टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रहा है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

4 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

7 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

8 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

9 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

9 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

8 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

4 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

5 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

7 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

7 hours ago