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भारतीय रेलवे का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान, वैष्णो देवी कटड़ा रूट समेत 3 ₹2193 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
रेलवे ने जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेल सेक्शन के लिए ₹238 करोड़ के सुरक्षा पैकेज को मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट के तहत भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा, टनलों के पुनर्वास, पानी के रिसाव को रोकने और संवेदनशील पुलों की मजबूती पर काम किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय रेलवे ने देश के रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, रेलवे ने ₹2193 करोड़ की लागत वाली तीन अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेल रूट की सुरक्षा मजबूत करने, हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने और चेन्नई उपनगरीय नेटवर्क में भीड़ कम करने से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. रेलवे का मानना है कि इन योजनाओं से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ माल ढुलाई और औद्योगिक कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी.
वैष्णो देवी कटड़ा रूट को सुरक्षित बनाने पर फोकस
रेलवे ने जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेल सेक्शन के लिए ₹238 करोड़ के सुरक्षा पैकेज को मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट के तहत भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा, टनलों के पुनर्वास, पानी के रिसाव को रोकने और संवेदनशील पुलों की मजबूती पर काम किया जाएगा.
कटड़ा रूट देश के सबसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रेल मार्गों में गिना जाता है, जहां खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां अक्सर परिचालन में बाधा बनती हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से वैष्णो देवी धाम पहुंचते हैं, इसलिए इस रूट को और सुरक्षित बनाना रेलवे की प्राथमिकता माना जा रहा है.
हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर को मिलेगी नई रफ्तार
रेलवे ने बिहार के क्यूल-झाझा सेक्शन पर तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए ₹962 करोड़ की परियोजना को भी मंजूरी दी है. यह नई लाइन करीब 54 किलोमीटर लंबी होगी. फिलहाल इस रूट की डबल लाइन अपनी क्षमता से अधिक ट्रैफिक संभाल रही है, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ रही है. तीसरी लाइन बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों दोनों का संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा. यह कॉरिडोर कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों को उत्तर भारत तथा नेपाल से जोड़ने वाला अहम मार्ग माना जाता है. कई थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला सप्लाई भी इसी रूट से होती है.
चेन्नई सबअर्बन नेटवर्क में कम होगी भीड़
तीसरी बड़ी परियोजना तमिलनाडु के अरक्कोनम-चेंगलपट्टू सेक्शन से जुड़ी है. रेलवे इस 68 किलोमीटर लंबे सिंगल लाइन कॉरिडोर को डबल लाइन में बदलेगा, जिस पर करीब ₹993 करोड़ खर्च किए जाएंगे. यह रूट चेन्नई उपनगरीय नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां मौजूदा समय में भारी ट्रैफिक दबाव है. डबल लाइन बनने से लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों का यात्रा समय कम होगा.
यह कॉरिडोर महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरंबुदूर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ता है. प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट के लिए भी यह रेल नेटवर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
माल ढुलाई और उद्योगों को मिलेगा फायदा
रेल मंत्रालय का कहना है कि इन परियोजनाओं से सीमेंट, ऑटोमोबाइल, खाद्यान्न, लोहा और इस्पात जैसे सेक्टर्स की माल ढुलाई में तेजी आएगी. बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और उद्योगों को सप्लाई चेन मजबूत करने में मदद मिलेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैषणव के मुताबिक ये प्रोजेक्ट देश के रेल नेटवर्क को अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और भविष्य के ट्रैफिक के लिए तैयार बनाने की दिशा में अहम कदम हैं.
रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार जारी
भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों में हाई-स्पीड कॉरिडोर, नई लाइनों, स्टेशन आधुनिकीकरण और सुरक्षा परियोजनाओं पर तेजी से निवेश बढ़ा रहा है. सरकार का फोकस ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जो यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ देश की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति दे सके.
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