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तेल संकट और असाधारण खर्चों का असर, BPCL का मुनाफा 58% घटा
BPCL का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 58% कम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के मार्च 2026 तिमाही नतीजे कमजोर रहे. कंपनी का शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही आधार पर करीब 57.7% गिरकर ₹3,191 करोड़ रह गया. तेल बाजार में उतार-चढ़ाव, असाधारण खर्चों में बढ़ोतरी और LPG पर लगातार नुकसान ने कंपनी की कमाई पर बड़ा दबाव डाला. हालांकि सालाना आधार पर मुनाफे में मामूली गिरावट दर्ज हुई.
तिमाही मुनाफे में बड़ी गिरावट
BPCL का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 58% कम है. सालाना आधार पर भी कंपनी के मुनाफे में लगभग 1% की हल्की गिरावट दर्ज की गई है. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹3,214 करोड़ था, जो अब घटकर लगभग स्थिर स्तर पर आ गया है.
असाधारण खर्चों ने बढ़ाया दबाव
मुनाफे में तेज गिरावट की मुख्य वजह असाधारण खर्चों में बढ़ोतरी रही. यह नुकसान BPCL की अपस्ट्रीम सहायक कंपनी भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड से जुड़े इम्पेयरमेंट लॉस के कारण हुआ. इसी वजह से कंपनी का तिमाही प्रदर्शन बाजार उम्मीदों से कमजोर रहा.
रेवेन्यू में बढ़ोतरी, लेकिन मार्जिन दबाव में
रिपोर्टिंग तिमाही में BPCL का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹1,34,896 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,26,864 करोड़ था. हालांकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 1.2% की गिरावट देखी गई. EBITDA भी 13.8% घटकर ₹10,061 करोड़ पर आ गया, जबकि मार्जिन 100 बेसिस प्वाइंट घटकर 8.5% रह गया.
रिफाइनिंग और बिक्री का प्रदर्शन
कंपनी की रिफाइनरी थ्रूपुट 10.40 MMT रही, जो पिछले साल 10.58 MMT से कम है. घरेलू बिक्री में हालांकि 3.28% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 13.86 MMT पर पहुंच गई. विश्लेषकों का अनुमान था कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन से कंपनियों को फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
LPG सब्सिडी से बढ़ा घाटा
BPCL ने बताया कि घरेलू LPG सिलेंडरों की बिक्री पर कंपनी को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है. क्योंकि बिक्री मूल्य और वास्तविक लागत के बीच अंतर बना हुआ है, जिससे मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल असर
जनवरी-मार्च अवधि में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 94% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी. होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं ने भी तेल बाजार को प्रभावित किया.
सालाना आधार पर मजबूत प्रदर्शन
कमजोर तिमाही के बावजूद BPCL का पूरे वित्त वर्ष FY26 में प्रदर्शन बेहतर रहा. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹5.22 लाख करोड़ रहा, जो FY25 के ₹5 लाख करोड़ से अधिक है. नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹23,303 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹13,275 करोड़ था.
तिमाही आधार पर BPCL के नतीजे कमजोर रहे, लेकिन सालाना स्तर पर कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई. तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव, LPG सब्सिडी दबाव और असाधारण नुकसान ने इस तिमाही के प्रदर्शन को प्रभावित किया, जबकि रिफाइनिंग और डिमांड स्थिरता ने कुछ राहत दी.
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