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क्या इसे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद का टूटना माना जाए?
पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें सुनने में आ रही हैं कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी हो सकती है. क्योंकि कंपनियां घाटे से बाहर निकल चुकी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मुनाफे में भारी गिरावट आई है. सितंबर 2024 में समाप्त दूसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. पिछले वित्त वर्ष की इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,967 करोड़ रुपए था, जो इस बार 99% गिरकर महज 180 करोड़ रुपए रह गया है. इतना ही नहीं, कंपनी की आय में भी साल-दर-साल 4% की गिरावट आई है.
इतनी रह गई कंपनी की आय
IOC की इनकम पिछले साल के 2.02 लाख करोड़ रुपए से घटकर 1.95 लाख करोड़ रह गई. कंपनी का कहना है कि मानसून के मौसम में ईंधन की मांग में गिरावट और वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल की वजह से कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित होने से उसके मुनाफे में कमी आई है. इंडियन ऑयल देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस कंपनियों में शुमार है. ऐसे में कंपनी के मुनाफे और आय में कमी से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद टूट सकती है. तेल कंपनियां घाटे का हवाला देते हुए पेट्रोल के दाम बढ़ाती रही हैं. ऐसे में आईओसी का खराब तिमाही प्रदर्शन सस्ते तेल की राह में रोड़ा बन सकता है.
खर्चों में हो गई बढ़ोत्तरी
इंडियन ऑयल ने जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में 3,773 करोड़ रुपए का EBITDA दर्ज किया. जबकि EBITDA मार्जिन 2.17% रहा. इससे पहले कि जून 2024 की तुलना में कंपनी का मुनाफा 93% कम हुआ है और आय में 10% की गिरावट आई है. वहीं, कंपनी के कुल खर्च में बढ़ोतरी हुई है. यह पिछले साल की समान अवधि के 1.86 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 1.97 लाख करोड़ पहुंच गया है. कंपनी की तरफ से बताया गया है कि ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) अप्रैल-सितंबर 2024 की अवधि के लिए घटकर 4.08 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 13.12 डॉलर प्रति बैरल था. बता दें कि GRM कच्चे तेल को पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन में बदलने से होने वाले लाभ को मापता है.
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