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भारतीय संस्कृति से प्रेरित स्नीकर्स ब्रांड गली लैब्स ने जुटाए 30 करोड़ रुपये
मजबूत ग्रोथ, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और ऑफलाइन रिटेल पर फोकस के साथ गली लैब्स आने वाले वर्षों में भारत से निकलने वाला एक ग्लोबल स्नीकर्स ब्रांड बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारतीय संस्कृति और आधुनिक डिजाइन को मिलाकर प्रीमियम स्नीकर्स बनाने वाला देसी ब्रांड गली लैब्स (Gully Labs) ने सिरीज-A फंडिंग राउंड में 30 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस फंडिंग का नेतृत्व Saama Capital ने किया है, जबकि मौजूदा निवेशक Zeropearl VC ने भी इसमें भाग लिया है. Zeropearl VC ने कंपनी के सीड राउंड (2025 की शुरुआत) का नेतृत्व किया था और अब अपने प्रो-राटा हिस्से से ज्यादा निवेश करते हुए दोबारा भरोसा जताया है.
फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा
कंपनी ने बताया कि इस नई पूंजी का इस्तेमाल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार, भारत के प्रमुख बाजारों में ऑफलाइन रिटेल नेटवर्क बढ़ाने और अमेरिका व ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने में किया जाएगा.
दिग्गज एंजेल निवेशकों की भागीदारी
इस राउंड में कई जाने-माने फाउंडर्स और एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया. इनमें Mokobara के फाउंडर संगीत अग्रवाल, Veeba के फाउंडर विराज बहल, Unacademy के को-फाउंडर रोमन सैनी और गौरव मुंजाल, Genesis Luxury के फाउंडर संजय कपूर और Edelweiss Mutual Fund की MD व CEO राधिका गुप्ता शामिल हैं.
भारतीय पहचान को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश
गली लैब्स की स्थापना 2023 में इंजीनियर से उद्यमी बने अर्जुन सिंह और अनिमेष मिश्रा ने की थी. ब्रांड का मूल विचार यह है कि भारतीय संस्कृति को ऐसे उपभोक्ता उत्पादों में पेश किया जाए, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हों. कंपनी के स्नीकर्स क्षेत्रीय कला, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक भारतीय पहचान से प्रेरित होते हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों की गुणवत्ता के साथ डिजाइन किया जाता है.
फाउंडर्स का बयान
फंडिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्जुन सिंह और अनिमेष मिश्रा ने कहा कि यह राउंड कंपनी के सफर में एक अहम पड़ाव है. उनका कहना है कि गली लैब्स का फोकस शुरू से ही भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाले, लेकिन ग्लोबल क्वालिटी वाले प्रोडक्ट बनाने पर रहा है. निवेशकों का भरोसा कंपनी को ऑफलाइन रणनीति मजबूत करने, प्रोडक्ट रेंज बढ़ाने और भारत व विदेशों में उपभोक्ताओं से गहरा जुड़ाव बनाने में मदद करेगा.
निवेशकों को क्यों दिखा भरोसा
Saama Capital के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर ऐश लिलानी ने कहा कि गली लैब्स सांस्कृतिक प्रासंगिकता को एक मजबूत और स्केलेबल प्रोडक्ट में बदलने की क्षमता रखता है. शुरुआती दौर में ही ब्रांड ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों में अच्छा ट्रैक्शन दिखाया है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय मांग भी उत्साहजनक रही है.
Zeropearl VC के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर बिपिन शाह ने कहा कि उनकी “Indiluxe” थीसिस का मकसद ऐसे प्रीमियम भारतीय ब्रांड्स को आगे बढ़ाना है, जो वैश्विक नामों के साथ खड़े हो सकें. उनके मुताबिक, गली लैब्स डिजाइन, सांस्कृतिक प्रामाणिकता और मजबूत क्रियान्वयन का बेहतरीन उदाहरण है.
तेजी से बढ़ता कारोबार
मार्च 2025 में हुए सीड राउंड के बाद से गली लैब्स ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है. कंपनी का वार्षिकीकृत रेवेन्यू 30 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. भारत के पांच शहरों में ऑफलाइन मौजूदगी के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बाजारों में भी इसका कारोबार बढ़ा है. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक 100 करोड़ रुपये का वार्षिकीकृत रेवेन्यू हासिल करना है.
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