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दिसंबर तिमाही में भारतीय बैंकों की ऋण वृद्धि में मजबूती

HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिपोर्ट किया तेज़ लोन ग्रोथ; त्योहारी मांग और टैक्स कट से बढ़ी क्रेडिट की भूख

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारतीय बैंकों जैसे HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने दिसंबर तिमाही में ऋण वृद्धि में सुधार दर्ज किया है, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में क्रेडिट मांग के पुनरुद्धार का संकेत है.

मध्य 2025 में कड़े नियामक नियमों के कारण धीमी हुई सिस्टम-व्यापी लोन ग्रोथ हाल के महीनों में फिर से तेज हुई है. विश्लेषक इसका श्रेय त्योहारी मौसम में खर्च और सरकारी उपभोग कर में कटौती को दे रहे हैं, जिसने रिटेल और कॉर्पोरेट दोनों क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा दिया.

सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में समाप्त तिमाही में बैंक क्रेडिट वृद्धि 9.9 प्रतिशत सालाना रही, जो मार्च तिमाही की 11.1 प्रतिशत से कम थी. हालांकि, नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नवंबर में यह वृद्धि 11.5 प्रतिशत तक पहुंच गई. ब्रोकरेज कंपनी Emkay ने कहा कि कुल सिस्टम-व्यापी क्रेडिट ग्रोथ मई 2025 में करीब 9 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 11.4 प्रतिशत हो गई है, जिसमें सुरक्षित गोल्ड लोन और वाहन वित्तपोषण रिटेल लोन वृद्धि के मुख्य चालक बने हैं.

बाजार में प्रदर्शन भी बेहतर होती स्थिति को दर्शाता है. अक्टूबर से निफ्टी बैंक इंडेक्स में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त आई है, जबकि निफ्टी 50 में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई. सोमवार को बैंकिंग शेयरों ने शुरुआती लाभ को घटाकर थोड़ी गिरावट के साथ बंद किया, जो व्यापक रूप से बाजार की स्थिति के अनुरूप है.

बड़े बैंकों में, HDFC बैंक ने दिसंबर तिमाही में कुल लोन में 11.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जो सितंबर की 9.9 प्रतिशत और जून की 6.7 प्रतिशत से तेज है. जुलाई 2023 में HDFC के साथ मर्जर के बाद बैंक लोन विस्तार और डिपॉज़िट जुटाने में संतुलन बना रहा, क्योंकि मर्जर ने बड़ा लोन पोर्टफोलियो जोड़ा लेकिन डिपॉज़िट कम बढ़े.

कोटक महिंद्रा बैंक ने दिसंबर 31 को समाप्त तिमाही में नेट एडवांस में 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जो इस वित्तीय वर्ष में इसका सबसे तेज़ लोन ग्रोथ है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी वृद्धि दर्ज की, वैश्विक एडवांस दिसंबर अंत तक 14.6 प्रतिशत तक बढ़ गए, जबकि सितंबर में यह 11.9 प्रतिशत और जून में 12.6 प्रतिशत था.

छोटे बैंकों ने और भी तेज़ वृद्धि दिखाई. CSB बैंक ने कुल एडवांस में 29 प्रतिशत की छलांग लगाई, जबकि AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. अन्य बड़े बैंक, जैसे ICICI बैंक, एक्सिस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अभी तक दिसंबर तिमाही के आंकड़े रिपोर्ट नहीं कर चुके हैं.

हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि लोन ग्रोथ और डिपॉज़िट ग्रोथ के बीच का अंतर फिर से बढ़ रहा है. Macquarie Research ने कहा कि सिस्टम-व्यापी लोन-टू-डिपॉज़िट अनुपात रिकॉर्ड 81.6 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जो यह दर्शाता है कि बैंकिंग फंडिंग प्रोफाइल पर दबाव बढ़ रहा है, भले ही क्रेडिट की मांग मजबूत हो.


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