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भारत-अमेरिका ट्रेड डील : 4-5 दिन में आएगा संयुक्त बयान, भारतीय निर्यात पर टैरिफ 18 फीसदी तक घटने की उम्मीद

संयुक्त बयान और उसके बाद होने वाली टैरिफ कटौती से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर और हाई-टेक सेक्टर में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिलेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अगले 4-5 दिनों में दोनों देश एक संयुक्त बयान जारी करने की तैयारी में हैं, जिससे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पहली किस्त को अंतिम रूप दिया जाएगा. इस बयान के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर लगने वाला भारी शुल्क कम होने की उम्मीद है.

संयुक्त बयान के बाद घटेगा अमेरिकी टैरिफ

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक संयुक्त बयान जारी करेंगे. इसके बाद व्हाइट हाउस की ओर से कार्यकारी आदेश जारी किया जाएगा, जिसके तहत अमेरिका में भारतीय निर्यात पर लगाया गया टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर करीब 18 फीसदी किया जा सकता है. यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

मार्च मध्य तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद

पीयूष गोयल के अनुसार संयुक्त बयान के बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक और कानूनी व्यापार समझौते की पहली किस्त तैयार की जाएगी. इस समझौते पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि संयुक्त बयान के जरिए पहले चरण में हुई बातचीत और सहमति के प्रमुख बिंदुओं को सार्वजनिक किया जाएगा.

कानूनी करार के बाद शुल्क कटौती को मिलेगी मंजूरी

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारत सरकार को शुल्क हटाने और कटौती लागू करने का अधिकार मिल जाएगा. वर्तमान में भारत की शुल्क दरें ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ नीति के तहत तय हैं, जिनमें बदलाव केवल औपचारिक व्यापार समझौते के बाद ही संभव है. सरकार को उम्मीद है कि आगे और रियायतें भी मिलेंगी.

पिछले पांच सालों में भारत का नौवां बड़ा व्यापार समझौता

भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार करार पिछले साल मार्च में शुरू हुई बातचीत का नतीजा है. अगर यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो यह बीते पांच वर्षों में भारत का नौवां बड़ा व्यापार समझौता होगा. इससे पहले भारत ने कई देशों और समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं.

ट्रंप की घोषणा के बाद बढ़ी उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जाएगा. यह फैसला अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय निर्यात पर भारी शुल्क लगाए जाने के करीब पांच महीने बाद आया है.

अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद का लक्ष्य

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के सामान और सेवाओं की खरीद का लक्ष्य रखता है. इसमें तेल और गैस, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, हीरे, हाई-टेक चिप्स, सर्वर और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण शामिल हैं. अकेले विमानन क्षेत्र में भारत की जरूरत 70 से 80 अरब डॉलर तक आंकी गई है.

ऊर्जा, डेटा सेंटर और परमाणु क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

सरकार के मुताबिक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की जरूरत है. अमेरिका इन क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, इसलिए भारत आयात और निर्यात दोनों को बढ़ाने के अवसर तलाश रहा है. इससे भारत की आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

भारत-अमेरिका व्यापार के मौजूदा आंकड़े

अमेरिका फिलहाल भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि 45.6 अरब डॉलर का आयात किया गया. प्रस्तावित व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन और रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की संभावना है.

 


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