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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता जल्द लागू, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल
इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यातित उत्पाद ब्रिटेन में बिना शुल्क (ड्यूटी-फ्री) जाएंगे. इसी तरह ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पाद भारत में शून्य शुल्क पर उपलब्ध होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (UKFTA) एक महीने के भीतर लागू हो जाएगा. मंत्री ने वर्चुअल कार्यक्रम में कहा कि यह ब्रिटेन की संसद द्वारा अब तक स्वीकृत सबसे तेजी से लागू होने वाला समझौता होगा. इस कदम से भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा और पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा कर में महत्वपूर्ण छूट मिलेगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
समझौते का महत्व और तेजी
गोयल ने बताया कि समझौते पर पिछले साल 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए थे, और आमतौर पर इस तरह के द्विपक्षीय समझौते पारित होने में डेढ़ साल का समय लगता है. उन्होंने कहा, “ब्रिटेन पूरी तरह तैयार है. यह समझौता अब से एक महीने के अंदर लागू हो जाएगा और यह ब्रिटेन द्वारा अब तक सबसे तेजी से लागू किए जाने वाला समझौता होगा.” विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक और द्विपक्षीय संबंधों में मील का पत्थर साबित होगा.
व्यापार में लाभ: ड्यूटी-फ्री एक्सेस
इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यातित उत्पाद ब्रिटेन में बिना शुल्क (ड्यूटी-फ्री) जाएंगे. इसी तरह ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पाद भारत में शून्य शुल्क पर उपलब्ध होंगे. इससे दोनों देशों के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए बाजार और व्यापार के अवसर खुलेंगे.
पेशेवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा में छूट
UKFTA के साथ ही दोहरा अंशदान समझौता भी लागू होगा. इसके तहत सामाजिक सुरक्षा अंशदान के लगभग 20 प्रतिशत के दोहरे भुगतान पर तीन साल तक छूट मिलेगी. इसका फायदा ब्रिटेन में काम कर रहे लगभग 75,000 भारतीय पेशेवरों को मिलेगा. गोयल ने कहा कि यह पहल पेशेवरों की आर्थिक सुरक्षा और रोजगार स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है.
अपेक्षित आर्थिक प्रभाव
विश्लेषकों का अनुमान है कि समझौते के लागू होते ही भारत-UK व्यापार और निवेश में तेजी आएगी. निर्यातकों और पेशेवरों के लिए सुविधा, रोजगार में वृद्धि और व्यापारिक सहयोग में मजबूती के कारण यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित होगा. यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा.
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