होम / बिजनेस / Pax Silica में शामिल हुआ भारत, AI और क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती
Pax Silica में शामिल हुआ भारत, AI और क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती
यह पहल भरोसेमंद AI, सुरक्षित सप्लाई चेन और वैश्विक तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत ने अमेरिका की अगुवाई वाले रणनीतिक गठबंधन Pax Silica में शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाना है. समझौते पर हस्ताक्षर नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान किए गए.
AI इम्पैक्ट समिट में हस्ताक्षर
भारत सरकार की ओर से केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिनिधित्व किया. अमेरिका की ओर से आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्गमौजूद रहे, जबकि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस अवसर पर उपस्थित थे. हेलबर्ग ने कहा कि Pax Silica यह संदेश देता है कि भविष्य उन्हीं देशों का है जो निर्माण और नवाचार की दिशा में अग्रसर हैं.
क्या है Pax Silica?
Pax Silica की शुरुआत दिसंबर 2025 में अमेरिका ने की थी. इसका उद्देश्य AI से संबंधित तकनीकों क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा इनपुट, उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण, AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है. इसमें शुरुआती भागीदार देशों में United States, Japan, South Korea, Singapore, Netherlands, United Kingdom, Israel, United Arab Emirates और Australia शामिल थे. अब भारत भी इस रणनीतिक गठबंधन का हिस्सा बन गया है.
सेमीकंडक्टर और प्रतिभा पर भारत का जोर
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में इंजीनियर 2-नैनोमीटर चिप डिजाइन जैसे उन्नत कार्य कर रहे हैं. उन्होंने अनुमान जताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग को लगभग 10 लाख अतिरिक्त कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय छात्रों को अब विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर डिजाइन टूल्स तक मुफ्त पहुंच मिल रही है, जिससे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र में नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
भारत–अमेरिका टेक साझेदारी को नई गति
भारत की भागीदारी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. देश की इंजीनियरिंग प्रतिभा, खनिज प्रसंस्करण क्षमता और उभरता हुआ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र इस गठबंधन को मजबूती देंगे.
टैग्स