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भारत–इजरायल संबंधों को नई उड़ान: AI, रक्षा और व्यापार समेत 16 समझौतों पर मुहर
भारत और इजरायल के बीच यह व्यापक समझौता पैकेज केवल कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, कृषि और व्यापार के मोर्चे पर दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत नींव है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, कृषि, खनिज अन्वेषण और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित 16 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके साथ ही 10 नई पहलों की घोषणा ने द्विपक्षीय रिश्तों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के नए स्तर पर पहुंचा दिया है.
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद बड़ा ऐलान
येरुशलम में प्रधानमंत्री मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्यापक वार्ता हुई. दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों को बातचीत तेज करने का निर्देश दिया. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर अगला दौर मई में प्रस्तावित है.
दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे एआई, क्वांटम तकनीक और दुर्लभ खनिज में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
रक्षा और प्रौद्योगिकी में संयुक्त विकास
रक्षा क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, सह-उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण पर जोर दिया गया. भारत-इजरायल संयुक्त अनुसंधान आह्वान के तहत फंडिंग को 10 लाख डॉलर से बढ़ाकर 15 लाख डॉलर प्रति पक्ष करने का निर्णय लिया गया.
उभरती तकनीकों पर नई पहल का नेतृत्व दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार करेंगे. साथ ही साइबर सुरक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए भारत-इजरायल साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे.
कृषि सहयोग का विस्तार: 100 उत्कृष्टता केंद्रों का लक्ष्य
कृषि क्षेत्र में इजरायल के सहयोग से भारत में उत्कृष्टता केंद्रों की संख्या 43 से बढ़ाकर 100 की जाएगी. “विलेज ऑफ एक्सीलेंस” मॉडल के तहत आधुनिक खेती तकनीकों का प्रसार किया जाएगा. साथ ही भारत-इजरायल कृषि नवाचार केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी है.
50,000 भारतीय कामगारों को अवसर
गतिशीलता समझौते के तहत अगले पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय कामगारों को इजरायल के विनिर्माण, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने की अनुमति मिलेगी. यह कदम कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर खोलेगा.
व्यापार में उतार-चढ़ाव, फिर भी मजबूत साझेदारी
वित्त वर्ष 2024-25 में क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते इजरायल को भारत का निर्यात 4.52 अरब डॉलर से घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया. आयात में भी गिरावट दर्ज की गई. इसके बावजूद एशिया में भारत, इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है.
दोनों देशों ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और I2U2 पहल को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया.
आतंकवाद पर सख्त रुख
संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने दोहराया कि आतंकवाद का किसी भी रूप में कोई स्थान नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता भारत के सुरक्षा हितों से सीधे जुड़ी है और भारत संवाद व शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक है.
सांस्कृतिक जुड़ाव और जनसंपर्क
येरुशलम में प्रधानमंत्री ने नवाचार प्रदर्शनी का दौरा किया और इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश का निमंत्रण दिया. उन्होंने होलोकॉस्ट स्मारक ‘यद वाशेम’ में श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय मूल के यहूदी समुदाय से मुलाकात की.
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकप्रिय इजरायली शो फौदा की टीम से भी मुलाकात की और सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की.
राष्ट्रपति स्तर पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री ने इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात कर शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी सहयोग को और गहरा करने पर विचार-विमर्श किया.
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