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भारत को 6G के वैश्विक मानक निर्धारण मंच पर मिली जगह : ज्योतिरादित्य सिंधिया
सिंधिया ने कहा कि भारत ने मात्र 22 महीनों में देश के 99.9 प्रतिशत जिलों तक 5G सेवाएं पहुंचाईं और लगभग 40 करोड़ लोगों ने इसे अपनाया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत ने पहली बार वैश्विक 6G मानक-निर्धारण मंच पर अपनी औपचारिक भागीदारी सुनिश्चित की है. केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने शुक्रवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के लिए तकनीक अपनाने वाले देश से तकनीक निर्माण और मानक तय करने वाले देश बनने की दिशा में बड़ा बदलाव है.
5G की तेज तैनाती बनी मजबूत आधार
सिंधिया ने कहा कि भारत ने मात्र 22 महीनों में देश के 99.9 प्रतिशत जिलों तक 5G सेवाएं पहुंचाईं और लगभग 40 करोड़ लोगों ने इसे अपनाया. उन्होंने बताया कि 5G की इस तेज प्रगति ने भारत को अगली पीढ़ी की नेटवर्क तकनीक 6G के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया है.
उन्होंने कहा कि भारत अब 6G के तकनीकी मानकों को आकार देने में सीधे योगदान दे रहा है और इस दिशा में वैश्विक संस्थाओं जैसे International Telecommunication Union (ITU) और 3rd Generation Partnership Project (3GPP) के साथ मिलकर काम कर रहा है.
भारत 6G एलायंस की अहम भूमिका
भारत की 6G पहल के केंद्र में Bharat 6G Alliance है, जो एक बहु-हितधारक (मल्टी-स्टेकहोल्डर) समूह है. इसकी शुरुआत 15 संस्थापक सदस्यों के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 100 से अधिक कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों तक पहुंच चुका है.
सिंधिया ने बताया कि इस गठबंधन ने लगभग 30 देशों में चल रही समान 6G पहलों के साथ साझेदारी भी की है. उन्होंने कहा कि भारत की भविष्य की कनेक्टिविटी रणनीति समावेशिता और सार्वभौमिक पहुंच पर आधारित है.
“सर्वव्यापी कनेक्टिविटी” पर शोध पत्र को मिली स्वीकृति
“यूबीक्विटस कनेक्टिविटी” (सर्वव्यापी संपर्क) पर आधारित एक महत्वपूर्ण शोध पत्र, जिसमें नेटवर्क के डेड जोन को कम करने और विश्वभर में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल प्रस्तावित किए गए हैं, को अंतरराष्ट्रीय 6G मानक-निर्धारण ढांचे में औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है. इसे भारत की तकनीकी भागीदारी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
6G पेटेंट में 10% वैश्विक हिस्सेदारी का लक्ष्य
भारत ने वैश्विक 6G पेटेंट में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य तय किया है. यह लक्ष्य दर्शाता है कि देश अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीकों में नवाचार का नेतृत्व करना चाहता है और वैश्विक बौद्धिक संपदा में सार्थक योगदान देने की महत्वाकांक्षा रखता है.
डिजिटल सुरक्षा और सुधारों पर जोर
सिंधिया ने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जारी सुधारों का भी उल्लेख किया. उन्होंने सत्यापित उपकरणों से सिम को जोड़ने (SIM बाइंडिंग) की पहल पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य देशभर में डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर अपराध और धोखाधड़ी को कम करना है.
उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि वैश्विक दूरसंचार भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभाना है.
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