होम / बिजनेस / दुनिया के 29 देशों में दूसरा सबसे आशावादी देश बनकर उभरा भारत - Ipsos  सर्वेक्षण 

दुनिया के 29 देशों में दूसरा सबसे आशावादी देश बनकर उभरा भारत - Ipsos  सर्वेक्षण 

Ipsos द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार 10 में से कम से कम 7 यानी 72 प्रतिशत शहरी भारतीयों का मानना है कि भारत एक अच्छा देश है और ये सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

इप्सोस व्हाट वरीज द वर्ल्ड (Ipsos What Worries the World)) ग्लोबल एडवाइजर सर्वेक्षण भारत के लिए एक खुशखबरी लेकर आया है. दरअसल, भारत दुनिया का दूसरा सबसे आशावादी देश बनकर उभरा है. भारत में 10 में से कम से कम 7 यानी 72 प्रतिशत शहरी लोगों का मानना है कि उनका देश अच्छा है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. आशावाद के इस आंकड़े में पिछले महीने यानी अक्टूबर की तुलना में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, 39 प्रतिशत ग्लोबल सिटीजन मानते हैं कि उनका देश सही दिशा में जा रहा है. तो चलिए जानते हैं इप्सोस के इस सर्वे में और क्या खास बात सामने आई है?
सिंगापुर सबसे आशावादी बाजार 
सर्वे के अनुसार सिंगापुर में 81 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उनका देश सबसे आशावादी है. जबकि पेरू 16 प्रतिशत के आंकड़े के साथ सबसे कम आशावाद देश बन गया है. बता दें, अक्टूबर के इस सर्वे में भारत और लैटिन अमेरिका सहित दक्षिण पूर्व एशिया सबसे आशावादी देश के रूप में उभरे हैं, जो वृहद परिस्थितियों से स्थिरता का संकेत दे रहे हैं. Ipsos What Worries the World study पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से 29 देशों में 20,000 वयस्कों के बीच हर महीने गंभीर वैश्विक मुद्दों पर उनकी राय लेकर एक असाधारण स्नैपशॉट प्रदान करता है. इसका उद्देश्य विश्मव के महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे माजिक और राजनीतिक मुद्दों पर जनता क्या सोचती है, उनकी राय लेकर एक डेटा कलेक्ट करना है. 

महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़ी स्थानीय चिंता

स्थानीय चिंताओं की बात करें, तो 47 प्रतिशत शहरी भारतीय महंगाई और 44 प्रतिशत बेरोजगारी को लेकर चिंता में हैं. इसमें पिछले महीने की तुलना में क्रमशः 17 प्रतिशत और 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. लोगों का मानना है कि मानसून के दौरान फसल की क्षति से खाद्य पदार्थों की कीमतें प्रभावित हुई हैं और युद्धों, वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण जीवन यापन की लागत में वृद्धि हुई है. बावजूद इसके शहरी भारतीयों में आशावाद और आर्थिक लचीलापन देखा जा रहा है.

सरकार को अवसरों पर जोर देने और योजना बनाने की जरूरत
सर्वे के अनुसार भारत आशावाद में दूसरे स्थान पर है, अधिकांश शहरी भारतीयों का मानना है कि भारत कठिन वैश्विक कारकों पर काबू पाने में अच्छी स्थिति में है. घरेलू खपत में बढ़ोतरी और त्योहारी सीजन के कारण, जब उपभोक्ता फिजूलखर्ची करते हैं, तब डेमोग्राफिक डिविडेंड स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को स्थिर बनाए रखता है. हालांकि महंगाई और बेरोजगारी को लेकर चिंता में दोहरे अंक में वृद्धि देखी गई है, जो बेहद चिंताजनक है. इसके लिए सरकार को कुछ कदम उठाने और राहत देने की आवश्यकता होगी क्योंकि जीवन यापन की लागत भी एक प्रमुख चिंता का विषय बन गई है. इप्सोस इंडिया के सीईओ अमित अदारकर ने कहा है कि अवसरों पर बड़े पैमाने पर जोर देने और योजना बनाने की जरूरत है. वैश्विक कारकों और कॉरपोरेट्स द्वारा लागत में कटौती के कारण कुछ नौकरियों में कटौती हुई है.         

वैश्विक नागरिकों की चिंता

32 प्रतिशत वैश्विक नागरिकों को महंगाई, 31 प्रतिशत को अपराध और हिंसा और 28 प्रतिशत को गरीबी और सामाजिक असमानता को लेकर सबसे अधिक चिंतित देखा गया. वहीं, 38 प्रतिशत वैश्विक नागरिक अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर निराशाजनक दिखे.

29 देशों के लोगों ने लिया सर्वे में भाग
यह 29 देशों का वैश्विक सलाहकार सर्वेक्षण 20 सितंबर 2024 और 4 अक्टूबर 2024 के बीच इप्सोस ऑनलाइन पैनल सिस्टम के माध्यम से कनाडा, इजराइल, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये और संयुक्त राज्य अमेरिका में 20-74 आयु वर्ग के 24,992 वयस्कों के बीच आयोजित किया गया था. इसमें इंडोनेशिया, थाईलैंड और सिंगापुर में 21-74 साल की आयु और अन्य सभी देशों में 16-74 साल की आयु के लोगों की राय ली गई है. बता दें, इप्सोस विश्व स्तर पर सबसे बड़ी बाजार अनुसंधान और मतदान कंपनियों में से एक है, जो 90 बाजारों में काम कर रही है और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है. 
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Airtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% गिरावट, लेकिन रेवेन्यू और ARPU में मजबूती बरकरार

एयरटेल ने बताया कि Q4 FY26 में उसका शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 33.5% घटकर ₹7,325 करोड़ रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹11,021.8 करोड़ था.

3 hours ago

दिल्ली मीट्स कोपेनहेगन: भारत-डेनमार्क आर्बिट्रेशन कॉरिडोर ने एक नए आर्बिट्रेशन हब की शुरुआत की

यह लॉन्च प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यूरोप यात्रा और ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया नॉर्डिक समिट से कुछ दिन पहले विशेष महत्व के साथ किया गया है.

4 hours ago

4 दिन की गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, क्या आज भी जारी रहेगा उतार-चढ़ाव?

बुधवार को BSE सेंसेक्स 49.74 अंक यानी 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 74,608.98 पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 33.05 अंक यानी 0.14 फीसदी मजबूत होकर 23,412.60 के स्तर पर बंद हुआ.

4 hours ago

भारत में पहला डेटा सेंटर बनाएगा Uber, अडानी ग्रुप के साथ हुई बड़ी साझेदारी

भारत से दुनिया के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर फोकस, साल के अंत तक तैयार हो सकता है नया सेंटर

19 hours ago

RBI से रिकॉर्ड डिविडेंड की उम्मीद, पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार को मिलेगा बड़ा आर्थिक सहारा

बजट दस्तावेजों के अनुसार, केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में RBI, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से डिविडेंड और अधिशेष के रूप में करीब 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.

20 hours ago


बड़ी खबरें

कोयले से बनेगी गैस और केमिकल्स: सरकार ने लॉन्च की ₹37,500 करोड़ की मेगा योजना

कोयला गैसीफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को सीधे जलाने के बजाय उसे गैस में बदला जाता है. इस गैस का उपयोग ईंधन, मेथेनॉल, यूरिया और विभिन्न केमिकल्स के उत्पादन में किया जा सकता है.

1 hour ago

सरकार ने लगाया चीनी निर्यात पर प्रतिबंध: घरेलू आपूर्ति घटने और कीमतों में उछाल के बीच बड़ा फैसला

यह फैसला सरकार की उस नीति को दर्शाता है जिसमें खाद्य महंगाई को नियंत्रित करना और घरेलू आपूर्ति को स्थिर रखना प्राथमिकता है. हालांकि इससे वैश्विक चीनी व्यापार और सप्लाई चेन पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है.

1 hour ago

सरकार ने सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक वर्ष आगे बढ़ाया

यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा, जिसके तहत प्रवीण सूद अब एक और वर्ष तक CBI निदेशक के पद पर बने रहेंगे.

1 hour ago

Airtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% गिरावट, लेकिन रेवेन्यू और ARPU में मजबूती बरकरार

एयरटेल ने बताया कि Q4 FY26 में उसका शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 33.5% घटकर ₹7,325 करोड़ रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹11,021.8 करोड़ था.

3 hours ago

4 दिन की गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, क्या आज भी जारी रहेगा उतार-चढ़ाव?

बुधवार को BSE सेंसेक्स 49.74 अंक यानी 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 74,608.98 पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 33.05 अंक यानी 0.14 फीसदी मजबूत होकर 23,412.60 के स्तर पर बंद हुआ.

4 hours ago