होम / बिजनेस / दिल्ली मीट्स कोपेनहेगन: भारत-डेनमार्क आर्बिट्रेशन कॉरिडोर ने एक नए आर्बिट्रेशन हब की शुरुआत की

दिल्ली मीट्स कोपेनहेगन: भारत-डेनमार्क आर्बिट्रेशन कॉरिडोर ने एक नए आर्बिट्रेशन हब की शुरुआत की

यह लॉन्च प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यूरोप यात्रा और ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया नॉर्डिक समिट से कुछ दिन पहले विशेष महत्व के साथ किया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

डेनिश इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेशन (DIA),इंडो डेनिश बिजनेस काउंसिल (IDBC) और ट्रस्ट लीगल ने इंडो-नॉर्डिक क्षेत्र के लिए एक संरचित विवाद समाधान इकोसिस्टम बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इंडिया–डेनमार्क आर्बिट्रेशन कॉरिडोर का औपचारिक शुभारंभ आज कोपेनहेगन स्थित भारतीय दूतावास में किया गया.

यह डेनिश इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेशन (DIA),इंडो डेनिश बिजनेस काउंसिल (IDBC) और ट्रस्ट लीगल (Trust Legal), एड्वोकेट्स एंड कंसल्टेंट्स (Advocates & Consultants) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के माध्यम से स्थापित हुआ. यह कॉरिडोर एक विश्वसनीय और तटस्थ कानूनी ढांचा स्थापित करता है, जो संस्थागत विवाद समाधान व्यवस्था के माध्यम से भारतीय और यूरोपीय व्यवसायों को जोड़ता है.

6.1 अरब अमेरिकी डॉलर के बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार के साथ, भारत डेनिश व्यवसायों को इस विशेष आर्बिट्रेशन कॉरिडोर के माध्यम से विवाद समाधान के लिए आमंत्रित करता है. यह महंगी मुकदमेबाजी का एक तटस्थ और तेज विकल्प है, जिसे विशेष रूप से भारत-डेनमार्क व्यापार के लिए तैयार किया गया है.

यह लॉन्च प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यूरोप यात्रा और ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया नॉर्डिक समिट से कुछ दिन पहले विशेष महत्व के साथ किया गया है. जनवरी 2026 में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद दो अरब लोगों का मुक्त व्यापार क्षेत्र बना है और भारत-नॉर्डिक द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 19 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. ऐसे में यह कॉरिडोर इस स्तर के व्यापार के लिए आवश्यक कानूनी ढांचा प्रदान करता है.

इस अवसर पर डेनमार्क में भारत के राजदूत एच.ई. मनीष प्रभात उपस्थित रहे, जो इस साझेदारी के प्रति भारत के कूटनीतिक समर्थन को दर्शाता है. भारत में डेनमार्क के सेवानिवृत्त राजदूत और IDBC चेयर एच.ई. फ्रेडी स्वाने, जिनकी भारत-डेनमार्क संबंधों के प्रति दीर्घकालिक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने इस पहल की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, भी मौजूद रहे. साथ ही Society of Indian Law Firms (SILF) के अध्यक्ष और IDBC चेयर डॉ. ललित भसीन भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिनकी भारत में संस्थागत आर्बिट्रेशन के समर्थन में लंबी वकालत ने इस लॉन्च को गंभीरता और दृष्टि प्रदान की. DIA के चेयरमैन हॉकुन ज्युरहूस, राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा और DIA व साझेदार लॉ फर्मों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई.

“यह केवल एक दृष्टि नहीं है; यह दोनों countries के लिए एक अवसर है.”

- एच.ई. मनीष प्रभात, डेनमार्क में भारत के राजदूत

“यह MoU केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, यह एक एक्सप्रेसवे है. यह भारत के साथ संबंधों को साबित और मजबूत करता है.”

- एच.ई. फ्रेडी स्वाने, भारत में डेनमार्क के सेवानिवृत्त राजदूत और IDBC चेयर

“जब विवादों का निष्पक्ष समाधान होता है, तब व्यापार फलता-फूलता है. यह कॉरिडोर कोपेनहेगन और दिल्ली को पहले से कहीं अधिक करीब लाता है, क्योंकि भारत-नॉर्डिक व्यापार के 19 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर एक मजबूत विवाद समाधान तंत्र अब विलासिता नहीं बल्कि आवश्यकता है.”

- डॉ. ललित भसीन, अध्यक्ष SILF, IDBC चेयर

“यह कॉरिडोर कई प्रतिबद्ध व्यक्तियों और संस्थानों के वर्षों के शांत प्रयासों को दर्शाता है. हमें गर्व है कि हमने इस पहल के भारतीय कानूनी एंकर के रूप में कार्य किया और हम एच.ई. फ्रेडी स्वाने, एच.ई. मनीष प्रभात, डॉ. ललित भसीन और अपने सभी साझेदारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके विश्वास ने इसे वास्तविकता बनाया.”

- सुधीर मिश्रा, मैनेजिंग पार्टनर एवं संस्थापक, ट्रस्ट लीगल

इस MoU के तहत, सभी पक्ष मिलकर भारत-डेनमार्क लेनदेन के लिए मॉडल आर्बिट्रेशन क्लॉज और ADR नीतियां विकसित करेंगे, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और आर्बिट्रेटर प्रशिक्षण आयोजित करेंगे, तथा स्टार्टअप्स, SMEs और सीमा-पार निवेशकों के लिए रिसर्च और दिशा-निर्देश प्रकाशित करेंगे. वैश्विक आर्बिट्रेशन की संरचना को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है और भारत व डेनमार्क इसके उपकरण अपने हाथ में लिए हुए हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

3 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

3 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

4 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

6 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

7 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

6 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

3 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

3 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

4 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

11 hours ago