होम / बिजनेस / भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य : पीएम मोदी
भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य : पीएम मोदी
कनाडा–भारत इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर में सहयोग बढ़ाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने कहा कि कनाडा के पेंशन फंड ने भारत में लगभग 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की विकास यात्रा में मजबूत विश्वास का संकेत है.
"नेक्स्ट-लेवल" साझेदारी की ओर
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्नी का भारत में उनके पहले औपचारिक दौरे पर स्वागत करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को "नेक्स्ट-लेवल पार्टनरशिप" में बदलने पर सहमति व्यक्त की, जो आर्थिक, रणनीतिक और लोगों-से-लोगों के संबंधों पर आधारित होगी.
मोदी ने कहा, "हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को खोलना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है." उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेगा.
तकनीक और नवाचार में सहयोग
बैठक में तकनीक और नवाचार पर विशेष जोर रहा. कनाडा–भारत इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर में सहयोग बढ़ाएंगे. मोदी ने भारत में हाल ही में आयोजित AI इंपैक्ट समिट में कनाडा के योगदान के लिए धन्यवाद भी दिया. महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए ताकि आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत किया जा सके. इसके अलावा, अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी.
ऊर्जा, परमाणु और कृषि सहयोग
ऊर्जा क्षेत्र में भारत और कनाडा ने "नेक्स्ट जेनरेशन पार्टनरशिप" बनाने पर सहमति व्यक्त की, जो हाइड्रोकार्बन, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर केंद्रित होगी. मोदी ने कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया और इस वर्ष भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की.
सिविल नाभिकीय सहयोग को भी बढ़ावा मिला, जिसमें दीर्घकालीन यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर शामिल हैं. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) और उन्नत रिएक्टर प्रौद्योगिकी पर सहयोग करेंगे.
कृषि और खाद्य सुरक्षा भी प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं. भारत में भारत–कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, ताकि मूल्य संवर्धन और कृषि तकनीक को बढ़ावा दिया जा सके.
रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग
रक्षा और सुरक्षा में दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योग, समुद्री निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई. इसके लिए एक भारत–कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित किया जाएगा.
लोगों-से-लोगों के संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों-से-लोगों के संबंध इस साझेदारी की आधारशिला हैं. दोनों देशों की विश्वविद्यालयों के बीच AI, हेल्थकेयर, कृषि और नवाचार में नई साझेदारियां बनाई गई हैं, और कनाडाई विश्वविद्यालय भारत में कैंपस खोलने की योजना बना रहे हैं. आदिवासी और जनजातीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए भी MoU पर हस्ताक्षर किए गए.
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग
मोदी ने कनाडा को हिंद-प्रशांत क्षेत्र का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए, ओटावा के भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने की रुचि का स्वागत किया. दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों जैसे आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता पर चिंता व्यक्त की और वैश्विक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निकट सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया.
टैग्स