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अब शेयर बाजार को बड़ा मुद्दा बनाएगा विपक्ष, इस तरह जाहिर किए इरादे
विपक्ष के नेताओं ने शेयर बाजार मेंम कथित घोटाले की जांच को लेकर आज सेबी के अधिकारियों से मुलाक़ात की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस लीडर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शेयर बाजार में घोटाले की आशंका व्यक्त की थी. उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को निशाना बनाते हुए कहा था कि ऐसा पहली बार देखा गया है कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री ने शेयर बाजार पर बयान दिया हो. अब विपक्ष इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है. संसद सत्र में इसे लेकर खूब बवाल मच सकता है. इस संबंध में विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने आज सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के अधिकारियों से मुलाकात कर जांच की मांग की है.
शरद पवार से मिले नेता
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की. पवार ने इस महीने की शुरुआत में एग्जिट पोल के बाद राहुल गांधी के शेयर बाजार में कथित हेरफेर की जांच की तृणमूल की मांग का समर्थन किया था. पवार ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष और साकेत गोखले एग्जिट पोल के दौरान शेयर बाजार में हेरफेर की जांच की मांग के लिए मुंबई में हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार उनका समर्थन रही है.
SEBI के बाहर विरोध-प्रदर्शन
सेबी के अधिकारियों से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष, साकेत गोखले और शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद सावंत शामिल थे. इस मौके पर अरविंद सावंत ने कहा कि जिन एजेंसियों के कारण आम आदमी के 13 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ वही एजेंसियां एफआईआई और एग्जिट पोल के लिए काम कर रही हैं. उनके साथ ये जुड़ाव गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए. इसके अलावा, मुंबई में टीएमसी, यूबीटी और एनसीपी नेताओं ने कथित शेयर बाजार घोटाले को लेकर सेबी के बाहर विरोध-प्रदर्शन भी किया.
क्या कहा था राहुल ने?
लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन यानी 4 जून को आई गिरावट पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने इसकी जेपीसी जांच की मांग की थी. उन्होंने पूछा था कि क्या लोगों को निवेश पर सलाह देना प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का काम है? राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-चार बार कहा कि शेयर बाजार तेजी से बढ़ने जा रहा है. उनके इस मैसेज को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह ने भी आगे बढ़ाया. कांग्रेस लीडर ने शेयर बाजार में संभावित घोटाले की आशंका जाहिर करते हुए कहा था कि अमित शाह ने 4 चार जून से पहले शेयर खरीदने की सलाह दी. प्रधानमंत्री मोदी ने भी यही कहा. 28 मई को उन्होंने फिर से इसे दोहराया. इसके बाद 3 जून को शेयर बाजार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और 4 जून को उसमें भूचाल आ गया.
अडानी से बड़ा है मुद्दा
संयुक्त जांच समिति (जेपीसी) जांच की मांग करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं के पास जानकारी थी कि उन्हें पूर्ण बहुमत नहीं मिलने वाला है. वे जानते थे की 3-4 जून को क्या होने वाला है... 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. जबकि हजारों-लाखों करोड़ का चुने हुए लोगों को फायदा हुआ है. हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, एग्जिट पोल करने वालों के साथ-साथ विदेशी निवेशक पर जांच चाहते हैं. यह अडानी मुद्दे से कहीं ज्यादा व्यापक मुद्दा है. यह सीधे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से जुड़ा है जो वास्तविक चुनाव परिणामों के डेटा से अवगत होते हैं, जिनके पास आईबी रिपोर्ट होती हैं, जिनके पास अपना डेटा होता है. वे खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने की सलाह कैसे दे सकते हैं?
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