होम / बिजनेस / अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी पर इनकम टैक्स की कार्रवाई से हुए बड़े खुलासे
अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी पर इनकम टैक्स की कार्रवाई से हुए बड़े खुलासे
इनकम टैक्स विभाग ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी के बिजनेस क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर कंपनी के बिजनेस क्षेत्रों में कार्रवाई की थी जिससे कुछ बड़े खुलासे सामने आये हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 133 A के तहत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी के दिल्ली और मुंबई में स्थित बिजनेस क्षेत्रों पर सर्वेक्षण कर कार्रवाई की थी. यह प्रसिद्ध मीडिया कंपनी अंग्रेजी, हिंदी समेत अन्य कई भारतीय भाषाओं में विज्ञापन सेल्स एवं मार्किट सपोर्ट सर्विस में कंटेंट बनाने का काम करती है.
सामने आये कई खुलासे
टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गयी इस कार्रवाई से सामने आया है कि अंग्रेजी के अलावा विभिन्न भारतीय भाषाओं में पर्याप्त कंटेंट होने के बावजूद कंपनी द्वारा दर्शायी गयी आय और प्रॉफिट भारत में कंपनी के ऑपरेशंस के स्केल से काफी ज्यादा हैं. सर्वे के दौरान डिपार्टमेंट को कंपनी के ऑपरेशंस से सम्बंधित ऐसे बहुत से सबूत मिले हैं जिनके आधार पर ये कहा जा सकता है कि कंपनी ने बहुत सी ऐसी राशि पर टैक्स नहीं भरा है जिसे कंपनी की विदेशी शाखाओं के द्वारा भारत में आय के रूप में नहीं दिखाया गया था.
टैक्स भरने में हुई थी चोरी?
टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई से यह भी सामने आया कि कंपनी ने सेकंड्री कर्मचारियों की सहायता ली थी जिसके लिए भारतीय इकाई के द्वारा सम्बंधित विदेशी इकाइयों को भुगतान दिया गया था. यह सभी भुगतान किसी न किसी तरह के टैक्स से सम्बंधित थे जिन्हें कंपनी द्वारा भरा नहीं गया था. इसके साथ साथ सर्वे ने बहुत से प्राइसिंग डाक्यूमेंट्स के ट्रान्सफर से सम्बंधित परेशानियों और विवादों की ओर भी इशारा किया है.
सिर्फ आवश्यक कर्मचारियों के ही बयान हुए दर्ज
सर्वे की वजह से कर्मचारियों के बयान, डिजिटल एविडेंस, और कागजातों जैसे बहुत ही जरुरी साबुत सामने आये हैं जिन्हें आने वाले समय में जांचा जाएगा. आपको बता दें कि सिर्फ उन्हीं कमर्चारियों के बयान दर्ज किये गए थे जिनका सम्बन्ध कंटेंट बनाने, फाइनेंस, और अन्य तरह के प्रोडक्शन से जुड़े हुए थे. हालांकि इनकम टैक्स विभाग ने बयान दर्ज करने के लिए पूरी प्रक्रिया को ध्यान में रखा है लेकिन फिर भी कागजात को जांचने में विभाग को कुछ देरी हो गयी है.
यह भी पढ़ें: मिनरल ब्लॉक का प्रमुख बिडर बनते ही वेदांता के शेयर में आया उछाल
टैग्स