✕

होम / बिजनेस / विदेशी कंपनियों के लिए बदली भारत की तस्वीर, 5 साल बाद नए रजिस्ट्रेशन की संख्या हुई ज्यादा

विदेशी कंपनियों के लिए बदली भारत की तस्वीर, 5 साल बाद नए रजिस्ट्रेशन की संख्या हुई ज्यादा

आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में 102 विदेशी कंपनियों ने भारत में रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 84 कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया. इससे पहले लगातार चार वित्त वर्षों में बंद होने वाली विदेशी कंपनियों की संख्या नए रजिस्ट्रेशन से ज्यादा रही थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

भारत के बढ़ते बाजार और कारोबारी संभावनाओं पर विदेशी कंपनियों का भरोसा मजबूत होता दिख रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में पांच साल में पहली बार भारत में नई रजिस्टर्ड विदेशी कंपनियों की संख्या कारोबार बंद करने वाली कंपनियों से अधिक रही. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) की ओर से संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में 102 विदेशी कंपनियों ने भारत में रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 84 कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया. इससे पहले लगातार चार वित्त वर्षों में बंद होने वाली विदेशी कंपनियों की संख्या नए रजिस्ट्रेशन से ज्यादा रही थी.

पांच साल में पहली बार बदला ट्रेंड

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में 74 विदेशी कंपनियों ने भारत में रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 104 कंपनियों ने कारोबार बंद किया. 2022-23 में 51 विदेशी कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं और 63 कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया.

इसी तरह 2023-24 में 66 नई विदेशी कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 68 कंपनियां बंद हुईं. 2024-25 में 59 विदेशी कंपनियां भारत में रजिस्टर्ड हुईं और 63 ने अपना कारोबार बंद किया. हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार तस्वीर बदली. इस दौरान 102 विदेशी कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं, जबकि 84 कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया.

भारतीय सब्सिडियरीज में भी मजबूत बढ़ोतरी

विदेशी होल्डिंग वाली भारतीय सहायक कंपनियों के मामले में भी रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा मजबूत रहा. वित्त वर्ष 2021-22 में 1,829 नई भारतीय सब्सिडियरीज रजिस्टर्ड हुई थीं और 300 कंपनियां बंद हुईं. 2022-23 में 1,832 नई सब्सिडियरीज रजिस्टर्ड हुईं, जबकि 134 बंद हुईं.

वित्त वर्ष 2023-24 में 2,112 नई भारतीय सब्सिडियरीज रजिस्टर्ड हुईं और 242 कंपनियों ने कारोबार बंद किया. 2024-25 में 2,013 नई सब्सिडियरीज के रजिस्ट्रेशन के मुकाबले 253 कंपनियां बंद हुईं. वहीं, FY26 में 2,191 नई भारतीय सब्सिडियरीज रजिस्टर्ड हुईं, जबकि 294 कंपनियों ने अपना कारोबार बंद किया.

भारत में 3,313 विदेशी कंपनियां सक्रिय

सरकार के अनुसार, **30 जुलाई 2026 तक भारत में 3,313 विदेशी कंपनियां** अपने कारोबारी परिचालन चला रही थीं. इसके अलावा 19,881 ऐसी भारतीय कंपनियां हैं, जिनकी होल्डिंग या पैरेंट कंपनी विदेश में स्थित है. ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत का घरेलू बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन और निवेश रणनीतियों में भारत की भूमिका बढ़ा रही हैं.

विदेशी कंपनियों के बंद होने की वजह क्या है?

सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी विदेशी कंपनी का भारत में कारोबार शुरू करना या बंद करना उसका व्यावसायिक फैसला होता है. इसके पीछे कंपनी की कारोबारी व्यवहार्यता, सेक्टर से जुड़ी रणनीति, वैश्विक प्राथमिकताएं, पूंजी आवंटन और अलग-अलग बाजारों में मौजूदगी जैसे कई कारण हो सकते हैं.

सरकार ने अलग-अलग कंपनियों के कारोबार बंद करने की वजहों का कोई विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है. साथ ही, विदेशी कंपनियों और उनकी भारतीय सब्सिडियरीज में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या का डेटा भी मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है.

विदेशी निवेश के लिए भारत की बढ़ती अहमियत

FY26 के आंकड़ों में विदेशी कंपनियों के नए रजिस्ट्रेशन का बंद होने वाली कंपनियों से आगे निकलना भारत के कारोबारी माहौल में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है. हालांकि, सिर्फ कंपनी रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के आधार पर विदेशी निवेश में बढ़ोतरी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, लेकिन यह जरूर दिखता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत आने वाली विदेशी कंपनियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

1 day ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

1 day ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

1 day ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

1 day ago

दो सप्ताह में करीब 3.9 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 717 अरब डॉलर पर आया

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह भी इसमें करीब 1.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.

1 day ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

2 days ago

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

1 day ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

1 day ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

1 day ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

1 day ago