होम / बिजनेस / असम में ‘हाईवे रनवे’ का शुभारंभ : नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से बढ़ी सीमा सुरक्षा

असम में ‘हाईवे रनवे’ का शुभारंभ : नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से बढ़ी सीमा सुरक्षा

चीन की सीमा के करीब विकसित यह ‘हाईवे रनवे’ संदेश देता है कि भारत अब पूर्वोत्तर में सुरक्षा, गति और रणनीति, तीनों मोर्चों पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago

पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे और रक्षा तैयारियों को नई ताकत मिली है. असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) हाईवे का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने एक ऐसा प्रोजेक्ट राष्ट्र को समर्पित किया, जो जरूरत पड़ने पर सड़क को रनवे में बदल सकता है. करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह सुविधा भारत-चीन सीमा के समीप रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है.

डिब्रूगढ़ में ऐतिहासिक शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ में इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया. मोरान क्षेत्र में National Highway 37 के 4.2 किलोमीटर लंबे विशेष रूप से मजबूत किए गए हिस्से पर Lockheed Martin C-130J Super Hercules विमान ने सफल लैंडिंग कर इस परियोजना की क्षमता का प्रदर्शन किया. इस हाईवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमान यहां उतर और उड़ान भर सकें. सामान्य दिनों में यह सड़क यातायात के लिए खुली रहेगी, जबकि जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदला जा सकेगा.

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बना यह हाइवे एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है. भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित होने के कारण यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है. ऐसे में बेहतर सड़क और हवाई सुविधा सुरक्षा बलों के लिए बड़ी मजबूती साबित होगी.

अधिकारियों के मुताबिक, आपदा, युद्ध या किसी भी आपात परिस्थिति में सेना और राहत सामग्री को तेजी से तैनात करने में यह सुविधा अहम भूमिका निभाएगी. इससे सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने का समय कम होगा और प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी.

चीन की तैयारी और भारत का जवाब

चीन ने अपनी सीमा से सटे इलाकों में सड़क और हवाई बुनियादी ढांचे का तेज विकास किया है, जिससे वह कम समय में सैनिकों और संसाधनों की तैनाती कर सकता है. ऐसे में भारत का यह कदम सामरिक संतुलन की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

मोरान की यह एयरस्ट्रिप भारतीय वायुसेना को वैकल्पिक ऑपरेटिंग बेस उपलब्ध कराएगी. युद्ध के समय यदि पारंपरिक एयरबेस पर दबाव बढ़े या नुकसान पहुंचे, तो ऐसे हाईवे रनवे बैकअप के तौर पर काम करेंगे. इससे पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में भी सैन्य आपूर्ति तेज और लचीली बनेगी.

‘चिकन नेक’ की चुनौती और रणनीतिक महत्व

पूर्वोत्तर भारत देश के बाकी हिस्सों से मुख्य रूप से Siliguri Corridor के जरिए जुड़ा है, जिसे आम तौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है. सबसे संकरे हिस्से में यह कॉरिडोर केवल 20 से 25 किलोमीटर चौड़ा है. किसी भी आपात स्थिति में यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है.

ऐसे में असम के मोरान में विकसित यह हाईवे एयरस्ट्रिप न सिर्फ रक्षा क्षमता को संतुलित करेगी, बल्कि लंबी सप्लाई लाइनों पर निर्भरता भी कम करेगी. क्षेत्र में ही सड़क और लैंडिंग स्ट्रिप की उपलब्धता से सैन्य संचालन अधिक प्रभावी और तेज हो सकेगा.

बुनियादी ढांचे में बड़ा कदम

यह परियोजना केवल रक्षा दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है. बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह इमरजेंसी रनवे हाईवे भारत की रणनीतिक सोच में बदलाव का संकेत है, जहां नागरिक बुनियादी ढांचे को भी दोहरे उपयोग यानी सिविल और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए तैयार किया जा रहा है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

3 hours ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

7 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

10 hours ago

ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, 28 सितंबर को राइट्स इश्यू पर बोर्ड की बैठक

बैठक में राइट्स इश्यू के आकार, शर्तों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है.

10 hours ago

कल 300 अंक चढ़ा सेंसेक्स, आज बाजार पर दबाव के संकेत; कच्चा तेल, US यील्ड और NSE लिस्टिंग पर नजर

बुधवार को सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 फीसदी बढ़कर 74,828.25 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ.

11 hours ago


बड़ी खबरें

FD कराने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से बदलेंगे नियम; जानें आपकी जमा पर क्या होगा असर

नए नियमों में 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि वाली बल्क डिपॉजिट को भी शामिल किया गया है. ऐसे डिपॉजिट के लिए बैंक को हर दिन अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दर अपडेट करनी होगी.

7 hours ago

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

3 hours ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

7 hours ago

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

7 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

10 hours ago