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₹228 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के बेटे अनमोल से फिर पूछताछ, सीबीआई ने कई घंटे किए सवाल
इस मामले में सीबीआई ने 9 दिसंबर 2025 को जय अनमोल अंबानी के मुंबई स्थित आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया था. एजेंसी ने उनके खिलाफ और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ₹228 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में उनसे करीब पांच घंटे तक सवाल-जवाब किए गए. यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेडड (RHFL) और यूनियन बैंक से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है.
पांच घंटे तक चली पूछताछ
अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में रिलायंस होम फाइनेंस के निदेशक रह चुके जय अनमोल अंबानी से शनिवार को दूसरी बार पूछताछ की गई. उन्हें इस कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई मुख्यालय में तलब किया गया था. इस केस में कंपनी के पूर्व सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक रविंद्र सुधाकर सहित अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. फिलहाल कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
2025 में घर पर हुई थी सीबीआई की छापेमारी
इस मामले में सीबीआई ने 9 दिसंबर 2025 को जय अनमोल अंबानी के मुंबई स्थित आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया था. एजेंसी ने उनके खिलाफ और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की थी. जांच एजेंसी ने अदालत से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद मुंबई में RHFL के दो दफ्तरों और संबंधित लोगों के घरों पर छापेमारी की थी.
बैंक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
सीबीआई ने यह मामला यूनियन बैंक (पूर्व में Andhra Bank) की शिकायत के आधार पर दर्ज किया है. बैंक ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने लिए गए कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिसके कारण यह खाता वर्ष 2019 में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन गया.
₹228 करोड़ के नुकसान का आरोप
सीबीआई के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस, उसके प्रमोटरों, निदेशकों और कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी का कहना है कि इन कथित अनियमितताओं के कारण बैंक को लगभग ₹228.06 करोड़ का नुकसान हुआ.
कई बैंकों और संस्थानों से लिया गया था कर्ज
जांच एजेंसी के अनुसार, RHFL ने 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) और कॉरपोरेट संस्थाओं से कुल लगभग ₹5,572.35 करोड़ का कर्ज लिया था. इनमें Union Bank of India भी शामिल है. सीबीआई का कहना है कि सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कथित धोखाधड़ी के आरोपों की व्यापक जांच की जा रही है.
2019 में NPA और 2024 में फ्रॉड घोषित हुआ खाता
सीबीआई के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस का खाता 30 सितंबर 2019 को NPA घोषित किया गया था. इसके बाद यूनियन बैंक ने 10 अक्टूबर 2024 को इसे धोखाधड़ी (फ्रॉड) की श्रेणी में डाल दिया. फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.
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