होम / बिजनेस / भारत में महिलाओं की उद्यमिता की आकांक्षा बढ़ी, 64% महिलाएं बनना चाहती हैं उद्यमी: ACCA सर्वे

भारत में महिलाओं की उद्यमिता की आकांक्षा बढ़ी, 64% महिलाएं बनना चाहती हैं उद्यमी: ACCA सर्वे

रिपोर्ट के अनुसार यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि महिलाएं अब वित्त और लेखा प्रशिक्षण को व्यवसाय शुरू करने के अवसर के रूप में अधिक आत्मविश्वास के साथ देख रही हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

भारत में वित्त और लेखा क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के बीच उद्यमिता की इच्छा तेजी से बढ़ रही है. एसोसिएशन ऑफ चार्टड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (ACCA) की आगामी रिपोर्ट 'ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स 2026' के शुरुआती निष्कर्षों में यह बात सामने आई है. सर्वे के अनुसार भारत में वित्त और लेखा क्षेत्र में कार्यरत 64 प्रतिशत महिलाएं अब उद्यमी बनने की इच्छा रखती हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 56 प्रतिशत था. यह निष्कर्ष 175 देशों के 11,000 से अधिक वित्त पेशेवरों पर किए गए वैश्विक सर्वेक्षण के शुरुआती आंकड़ों पर आधारित है. पूरी रिपोर्ट मई 2026 में जारी की जाएगी.

बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास

रिपोर्ट के अनुसार यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि महिलाएं अब वित्त और लेखा प्रशिक्षण को व्यवसाय शुरू करने के अवसर के रूप में अधिक आत्मविश्वास के साथ देख रही हैं. हालांकि कुल मिलाकर उद्यमिता की इच्छा पुरुषों में अभी भी अधिक है, लेकिन महिलाओं और पुरुषों के बीच का अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है. इसे महिलाओं के करियर आत्मविश्वास और दीर्घकालिक लक्ष्यों में आए बदलाव का संकेत माना जा रहा है.

युवा पीढ़ी में सबसे ज्यादा रुझान

सर्वे के आंकड़ों से पता चलता है कि उद्यमिता की इच्छा सबसे अधिक युवा महिला पेशेवरों में दिखाई दे रही है, खासकर जनरेशन-जेड और मिलेनियल्स के बीच. इनमें से लगभग आधी महिलाएं भविष्य में उद्यमी बनना चाहती हैं. यह रुझान युवाओं में स्वतंत्रता, प्रभाव और वित्तीय आत्मनिर्भरता की बढ़ती चाह को दर्शाता है. यह निष्कर्ष International Women's Day 2026 से पहले जारी किए गए हैं, जिसका वैश्विक विषय UN Women द्वारा “राइट्स, जस्टिस, एक्शन – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए” रखा गया है.

उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

ACCA की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Helen Brand ने कहा कि उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम है. उनके अनुसार व्यवसाय का स्वामित्व हासिल करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि वित्त और लेखा से जुड़ी दक्षताएं महिलाओं को न केवल संगठनों का नेतृत्व करने में सक्षम बना रही हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वयं के व्यवसाय स्थापित करने के लिए भी तैयार कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि लेखा क्षेत्र वित्तीय विशेषज्ञता, शासन व्यवस्था, जोखिम प्रबंधन, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक समझ का ऐसा संयोजन प्रदान करता है जो उद्यमिता की सफलता के लिए एक मजबूत आधार बनता है.

उभरते बाजारों में ज्यादा मजबूत रुझान

ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स 2026 के आंकड़ों के अनुसार लेखा पेशा भविष्य के व्यवसाय मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मंच बना हुआ है. सर्वे में शामिल आधे से अधिक प्रतिभागियों का मानना है कि वित्त पृष्ठभूमि उद्यमिता के लिए फायदेमंद होती है. यह रुझान खास तौर पर उभरते बाजारों में अधिक मजबूत दिखाई देता है, जहां उद्यमिता को अक्सर आर्थिक प्रगति और सामाजिक प्रभाव के रास्ते के रूप में देखा जाता है.

लेखा पेशे की बदलती भूमिका

शोध में यह भी सामने आया कि महिलाओं की उद्यमिता की आकांक्षाएं लेखा पेशे की बदलती भूमिका से भी जुड़ी हैं. आज कई वित्त पेशेवर ऐसे कार्यों की तलाश कर रहे हैं जो उद्देश्य, सामाजिक प्रभाव, पर्यावरणीय स्थिरता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े हों. इससे यह स्पष्ट होता है कि लेखा क्षेत्र अब उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है.

भारत में युवा पेशेवरों में मजबूत उत्साह

ACCA इंडिया के निदेशक मोहम्मद साजिद खान ने कहा कि भारत में उद्यमिता की ओर बढ़ता रुझान खास तौर पर युवा वित्त पेशेवरों के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि युवा पेशेवर लेखा को केवल तकनीकी विषय के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे नवाचार, स्वतंत्रता और प्रभाव पैदा करने के अवसर के रूप में देखते हैं.

आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यह विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर भी देता है कि विभिन्न पेशे महिलाओं को समान अवसर देने में किस तरह योगदान दे सकते हैं. वैश्विक स्तर पर महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने से रोजगार सृजन, नवाचार और उत्पादकता में वृद्धि जैसे कई आर्थिक लाभ मिलते हैं.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

3 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

4 hours ago

सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां

विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.

5 hours ago

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

6 hours ago

ऋषिकेश में शुरू होगा पहला कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट

यह ऋषिकेश का पहला समर्पित कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट होगा, जिसमें सॉना, आइस बाथ और गर्म पानी के पूल का अनुभव एक क्रमबद्ध थर्मल यात्रा के रूप में दिया जाएगा.

7 hours ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

3 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

3 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

8 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

4 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

4 hours ago