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अमेरिका से ट्रेड डील का असर, अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल
अडानी ग्रुप के शेयरों में आई तेज उछाल यह संकेत देती है कि निवेशक इस डील को लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिये से देख रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
अमेरिका के साथ ट्रेड डील के ऐलान के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली और इसका सबसे बड़ा फायदा अडानी ग्रुप के शेयरों को मिला. मंगलवार को अडानी ग्रुप की लगभग सभी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी दिखी. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती से अडानी ग्रुप को सीधे तौर पर लाभ हो सकता है, इसी उम्मीद में निवेशकों ने इन शेयरों पर दांव लगाया.
अडानी ग्रीन और एंटरप्राइजेज में दो अंकों की तेजी
ट्रेड डील के बाद अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में करीब 13 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. खबर लिखे जाने के दौरान यह शेयर 11.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 940.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 11.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,226.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी पोर्ट्स और अडानी टोटल गैस के शेयरों में 8 प्रतिशत तक की मजबूती देखने को मिली है.
टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी
अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. जेफरीज के मुताबिक यह कटौती उन भारतीय कंपनियों के लिए बड़ी राहत है जिनका कारोबार या विस्तार वैश्विक स्तर पर है. ब्रोकरेज का मानना है कि अडानी ग्रुप की इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियां इस बदलाव से सबसे ज्यादा लाभ उठा सकती हैं.
घरेलू ब्रोकरेज भी पॉजिटिव
घरेलू ब्रोकरेज फर्म एंटीक ने भी अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से फायदा पाने वाली कंपनियों की सूची में अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स को शामिल किया है. ब्रोकरेज का मानना है कि एक्सपोर्ट और कैपेक्स से जुड़े सेक्टरों में आने वाले समय में मांग बेहतर हो सकती है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच राहत
गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले 16 महीनों में भारतीय शेयर बाजार से करीब 34 अरब डॉलर की बिकवाली की है. ऐसे माहौल में अमेरिका के साथ ट्रेड डील और टैरिफ कटौती जैसी खबरें बाजार के लिए सेंटिमेंट बूस्टर का काम कर सकती हैं.
किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
जेफरीज के एनालिस्ट महेश नंदुरकर के मुताबिक ट्रेड डील को लेकर निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता अब खत्म हो गई है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है और इस समझौते से रियल एस्टेट, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्टेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर को फायदा हो सकता है. इसके अलावा कैपिटल गुड्स, आईटी सर्विसेज और पावर यूटिलिटी सेक्टर भी इस डील के बड़े लाभार्थी माने जा रहे हैं.
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