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मिडिल ईस्ट तनाव का असर: एयर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी
ईंधन अधिभार बढ़ाने का दूसरा चरण 18 मार्च से लागू होगा. इस चरण में लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अतिरिक्त शुल्क बढ़ाया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब हवाई यात्राओं पर भी दिखाई देने लगा है. बढ़ती ईंधन लागत के दबाव में एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ाने का फैसला किया है. यह नया शुल्क चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों को फ्लाइट टिकट के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है.
बढ़ती ईंधन कीमतों का एयरलाइंस पर दबाव
पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर पड़ा है, जो एयरलाइन संचालन की कुल लागत का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा होता है. एयर इंडिया के मुताबिक मार्च की शुरुआत से ही ATF की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. इसके पीछे वैश्विक आपूर्ति में बाधा प्रमुख कारण है. वहीं दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ATF पर अधिक उत्पाद शुल्क और वैट लागू होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत और बढ़ गई है.
12 मार्च से लागू होगा पहला चरण
एयर इंडिया ने बताया कि ईंधन अधिभार का पहला चरण 12 मार्च से लागू होगा. इस चरण में नई बुकिंग पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. घरेलू उड़ानों और दक्षिण एशियाई देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के लिए टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार लगाया जाएगा. इससे पहले इन मार्गों पर किसी प्रकार का ईंधन शुल्क नहीं लिया जाता था. वहीं पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के लिए उड़ानों पर 10 डॉलर का नया ईंधन अधिभार लागू किया जाएगा.
दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के लिए बढ़ा शुल्क
एयर इंडिया ने दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाकर 40 डॉलर से 60 डॉलर कर दिया है. इसके अलावा अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानों पर यह शुल्क 60 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर कर दिया गया है. एयरलाइन का कहना है कि यह कदम बढ़ती ईंधन लागत को संतुलित करने के लिए उठाया गया है.
18 मार्च से लंबी दूरी की उड़ानों पर असर
ईंधन अधिभार बढ़ाने का दूसरा चरण 18 मार्च से लागू होगा. इस चरण में लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अतिरिक्त शुल्क बढ़ाया जाएगा. यूरोप के लिए ईंधन अधिभार 100 डॉलर से बढ़ाकर 125 डॉलर कर दिया जाएगा. वहीं उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए यह शुल्क 150 डॉलर से बढ़ाकर 200 डॉलर किया जाएगा.
फार ईस्ट रूट्स पर फैसला बाद में
एयर इंडिया ने कहा है कि हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे फार ईस्ट मार्गों पर लागू होने वाले ईंधन अधिभार की जानकारी तीसरे चरण में जारी की जाएगी. एयरलाइन का कहना है कि बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए समय-समय पर इस शुल्क की समीक्षा की जाएगी.
पुराने टिकटों पर नहीं लगेगा नया शुल्क
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने तय तारीख से पहले टिकट बुक कर लिया है, उन पर नया ईंधन अधिभार लागू नहीं होगा. हालांकि यदि यात्री अपनी यात्रा की तारीख या योजना में बदलाव करते हैं और किराया दोबारा तय होता है, तो नए शुल्क लागू हो सकते हैं. यह नया ईंधन अधिभार एयर इंडिया समूह की सभी उड़ानों पर लागू होगा, जिनमें एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवाएं भी शामिल हैं.
एयरलाइन ने बताई मजबूरी
एयर इंडिया के अनुसार ईंधन अधिभार बढ़ाने का फैसला परिस्थितियों के कारण लिया गया है, जिन पर एयरलाइन का नियंत्रण नहीं है. कंपनी का कहना है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो कुछ उड़ानों का संचालन लागत के कारण प्रभावित हो सकता था. एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह भविष्य में ईंधन कीमतों और वैश्विक हालात के आधार पर इस अधिभार की समीक्षा करती रहेगी, ताकि संचालन सुचारू और सुरक्षित बना रहे.
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