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रजिस्ट्रेशन फेल होने पर पान मसाला निर्माताओं को भरना होगा जुर्माना, अक्टूबर से लागू नियम
पान मसाला, गुटखा और तंबाकू आदि उत्पादों के निर्माता जीएसटी अधिकारियों के साथ पैकिंग मशीनरी को रजिस्टर करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सरकार ने पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं के लिए नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए हैं. अब अगर पान मसाला, गुटखा और तंबाकू आदि उत्पादों के निर्माता पैकिंग मशीनरी को जीएसटी अधिकारियों के साथ रजिस्टर करने में विफल होते हैं, तो उन्हें 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. ये नियम केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Indirect Taxes and Customs-CBIC) द्वारा लागू किया है. तो आइए जानते हैं इस नियम को क्यों और कब से लागू किया जा रहा है?
अक्टूबर से लागू होगा जुर्माने का नियम
सरकार पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं पर सख्ती करते हुए जुर्माने का प्रावधान लागू करने जा रही है. इसके लिए सरकार ने 1 अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की है. यह जुर्माना तब लगेगा जब पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माता पैकिंग मशीनरी को जीएसटी अधिकारियों के साथ पंजीकृत करने में विफल होंगे.
क्या है इस जुर्माने का उद्देश्य?
जनवरी में सीबीआईसी ने 1 अप्रैल 2024 से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं के लिए जीएसटी अनुपालन में सुधार के लिए एक नई पंजीकरण और मासिक रिटर्न दाखिल प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी. बाद में इस तारीख को 15 मई तक बढ़ा दिया था. वहीं, फरवरी 2024 में आए वित्त विधेयक 2024 के जरिए जीएसटी कानून संशोधन किया गया, जिसके बाद पान मसाला, गुटखा और इसी तरह के तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं पैकिंग मशीनरी को जीएसटी अधिकारियों के साथ पंजीकृत करने में विफल रहते हैं तो उन्हें को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा. इस जुर्माने का उद्देश्य पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं के लिए माल और सेवा कर (जीएसटी) अनुपालन में सुधार और तंबाकू विनिर्माण क्षेत्र में राजस्व रिसाव को रोकना है.
इन पर लागू होगा जुर्माने का ये प्रावधान
यह जुर्माना पान-मसाला, ब्रांड नाम के साथ या उसके बिना, 'हुक्का' या 'गुडाकू' तंबाकू, पाइप और सिगरेट के लिए धूम्रपान मिश्रण, चबाने वाले तंबाकू (चूने की ट्यूब के बिना) फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तम्बाकू, नसवार और ब्रांडेड या गैर-ब्रांडेड 'गुटखा' आदि निर्माताओं पर लागू होगा.
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तंबाकू निर्माताओं को करना होगा ये काम
इस साल मई और जून में जीएसटी नेटवर्क 2 फॉर्म जीएसटी एसआरएम- I और II अधिसूचित किए थे. निर्माताओं द्वारा पान, तंबाकू, गुटखा आदि के निर्माण में उपयोग की जाने वाली मशीनों को पंजीकृत करने और कर अधिकारियों के साथ खरीदे गए इनपुट और संबंधित आउटपुट की रिपोर्ट करने के इन दोनों फॉर्म का इस्तेमाल होता है. ऐसे में तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं को अधिसूचना लागू होने के 30 दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से फॉर्म जीएसटी एसआरएम-आई में पैकेज भरने और पैकिंग के लिए उपयोग की जाने वाली पैकिंग मशीनों का विवरण प्रस्तुत करना जरूरी है. अब इनपुट और आउटपुट स्टेटमेंट जीएसटी एसआरएम-II अगले महीने यानी सितंबर की 10 तारीख तक दाखिल किया जाना है.
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