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मैं एक्‍सपर्ट नहीं हूं लेकिन हमें लाइफस्‍टाइल के बारे में सोचना होगा: डॉ. अनुराग बत्रा 

डॉ. अनुराग बत्रा के साथ BW Healthcare के सीईओ ने कई अहम मामलों को लेकर अपनी बात कही. उन्‍होंने कहा कि कैंसर पीडि़त के साथ क्‍या बीतता है ये वही जानता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

 BW Healthcare के ऑनकोलॉजी समिट का दिल्‍ली में आयोजन किया गया. इस मौके पर Businessworld समूह के चेयरमैन, एडिटर इन चीफ और समाचार4मीडिया के चेयरमैन डॉ. अनुराग बत्रा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि हमें अपनी लाइफस्टाइल से लेकर रिश्‍तों को बनाने की कला के ऊपर काम करना चाहिए. उन्‍होंने ये भी कहा कि हमें पोषण को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए. इस बार के ऑनकोलॉजी समिट में देश के कई जाने माने लोग भाग ले रहे हैं. BW Healthcare के इस इवेंट में कई विषयों को लेकर पैनल डिस्‍कशन का आयोजन किया गया. इसमें कैंसर केयर के लिए शुद्ध दवाओं का विकास और क्‍वॉलिटी को लागू किया जाने जैसे महत्‍वपूर्ण विषय शामिल हैं. इस इवेंट में देश के नामी स्‍पेशलिस्‍ट भाग ले रहे हैं.  

जिंदगी में इनका पालन करना बहुत जरूरी है
BW Businessworld के चेयरमैन डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि प्रीवेंशन, प्रीडिक्‍शन और पर्सनाइलेजन जैसी तीन अहम चीजें हैं. आज कैंसर कई वजहों से हो रहा है इसमें लाइफस्‍टाइल है, नींद की कमी है, जेनेटिक फैक्‍टर, प्‍लास्‍टिक का इस्‍तेमाल है. मैं कोई कैंसर का विशेषज्ञ नहीं हूं. लेकिन मैं इतना कहना चाहता हूं कि इस प्रकार के कारण आज ये बीमारी ज्‍यादा हो रही है. मुझे पूरा विश्‍वास है कि आज यहां आप लोगों को एक्‍सपर्ट से लेकर दूसरे कई लोगों को सुनने को मिलेगा, जिसमें आपको जानने को मिलेगा कि आखिर इसमें होता क्‍या है और इसका इलाज कैसे होता है.

मैं आप लोगों से कहना चाहता हूं कि तीन चीजें सबसे अहम हैं. इसमें लाइफस्‍टाइल पहला है जिसमें नींद सबसे अहम पार्ट है. आपको कम से कम आठ घंटे सोना चाहिए. दूसरा ये है कि आपको रिश्‍ते बनाना आना चाहिए. इसमें तीसरा है पोषण. अगर आप सही लाइफस्‍टाइल के साथ इन चीजों का पालन करते हैं तो आप इससे बच सकते हैं. मैं कैंसर का एक्‍सपर्ट नहीं हूं. लेकिन आज का इवेंट बहुत खास होने जा रहा है. मुझे खुशी है कि आप सभी यहां हैं और मैं हरबिंदर नरूला का भी स्‍वागत करता हूं. 

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कैंसर के मरीज और परिवार की हिम्‍मत को सलाम 
BW Healthcare के सीईओ हरबिंदर नरूला ने कहा कि हमने इवेंट के तरीके को बदलने की कोशिश की है. क्‍योंकि मैं कैंसर पर किताब लिख रहा हूं और मैं इस सिलसिले में पीडि़त से लेकर डॉक्‍टरों से मिल रहा हूं. इसलिए मैं कह सकता हूं कि कैंसर पीडि़त की समस्‍या केवल वहीं जान सकता हूं. एक सहनशक्ति जो कैंसर मरीज और उसका परिवार दिखाता है वो बेजोड़ है. उसे कोई और समझ नहीं सकता है. आज हमारे इस इवेंट में अलग-अलग राज्‍यों के एक्‍सपर्ट आपसे बात करेंगे. 

इस 5C को समझना बेहद जरूरी 
BW Healthcare के सीईओ हरबिंदर नरूला ने कहा मेरे दिमाग में पांच सी के बारे में विचार आ रहा है. इसमें पहला कंपेशन है, मैंने बहुत सारे कैंसर के पीडि़त लोगों से बात की तो उनका कहना था कि जब दुनिया हमसे बात करती है तो वो हमें दया दिखाती है. सिम्‍पैथी को इम्‍पैथी से बदलना चाहिए. इस कड़ी में दूसरा सी है कम्‍यूनिकेशन. अगर किसी को कैंसर हो जाता है तो उसे कैसे बताना है. उसे बताना है या उसके परिवार को बताना है इसमें कोई सही गलत नहीं है, कुछ प्रोटोकॉल हैं जो बनाए गए हैं. डॉक्‍टर जब आपसे बात करता है तो उस वक्‍त प्रोटोकॉल एक तरह रह जाता है वहां स्थिति कुछ और होती है. सामान्‍यत हमें कहा जाता है कि उनकी पत्‍नी को मत बताना. क्‍या सही है क्‍या गलत है इसके बारे में मुझे नहीं पता है. कम्‍यूनिकेशन बहुत जरूरी है. 
मेरा मकसद है कि ये सवाल बदलना चाहिए
BW Healthcare के सीईओ हरबिंदर नरूला ने कहा तीसरी बात है कोलेबोरेशन. ये डॉक्‍टर से लेकर परिवार तक सभी से जुडा मामला है. मैंने इस बारे में मरीज और डॉक्‍टर दोनों लोगों से बात की है. अगर किसी को हो जाता है और वो ठीक हो जाता है तो उसे हमेशा एक डर बना रहता है कि कहीं फिर ना हो जाए. इस कड़ी में चौथी है कॉम्‍प्रीहेंसिव. ये इस बीमारी के सिमटम को मैनेज करने की बात नहीं है ये काफी मामलों से जुड़ा है जिसमें सर्वावरशिप से लेकर लाइफ तक जुड़ी है. पांचवा सी है कंटीन्‍यूटी, आपका इलाज हमेशा चलता रहता है, क्‍योंकि आपको डर लगा रहता है कि कहीं ये फिर से ना लौट आए. ये सिर्फ बीमारी को मैनेज करने की बात नहीं है ये उससे भी बहुत ज्‍यादा है. मेरा लक्ष्‍य है कि कैंसर के बारे में तथ्‍य को बदलना. वो ये है कि जब किसी को भी कैंसर हो तो वो डॉक्‍टर से ये ना पूछे कि मेरे पास कितना समय है वो ये पूछे कि अब आगे करना क्‍या है. 


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