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भारी उतार-चढ़ाव के बीच आज कैसा रहेगा बाजार का हाल, किन शेयरों में उछाल के हैं आसार?
शेयर बाजार के लिए आज का दिन कैसा रहेगा सटीक तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन कुछ शेयरों में तेजी के संकेत ज़रूर मिले हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उतार चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी कल दोनों 11 नवंबर को लगभग सपाट बंद हुए, निफ्टी तो लाल निशान में बंद हुआ। यह लगातर तीसरा दिन है, जब इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली जारी रही. बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.79 फीसदी लुढ़का. वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी टूटकर बंद हुआ. इसके चलते बीएसई पर निवेशकों की संपत्ति आज करीब 1.99 लाख करोड़ रुपये घट गई. चलिए जानते हैं आज कैसा रहेगा शेयर बाजार का हाल...
इन शेयरों में दिख सकती है तेजी
मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया, एचएफसीएल लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड, एनएमडीसी, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, HCL Tech, Manappuram Finance, Astral, Bank of Baroda, TCS, Federal Bank और केपी ग्रुप के शेयरों में तेजी आ सकती है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा सितंबर तिमाही में 63 प्रतिशत बढ़कर 2,374 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 1,458 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. टेलिकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी एचएफसीएल लिमिटेड को अपने गठजोड़ भागीदारों के साथ उत्तर प्रदेश पूर्व, उत्तर प्रदेश पश्चिम और पंजाब सर्किलों के लिए भारतनेट के तीसरे चरण के तहत 13,000 करोड़ रुपये की ऑप्टिकल फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड नेटवर्क परियोजनाओं के लिए सबसे निचली बोली लगाने वाली कंपनी घोषित किया गया है.
किन शेयरों में रहेगा उतार-चढ़ाव
मोमेंटम इंडिकेटर MACD के मुताबिक मंगलवार को आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स और प्राइम सिक्योरिटीज के शेयरों में तेजी रह सकती है. दूसरी ओर पॉली मेडिक्योर, केयर रेटिंग्स, Akzo Nobel India, गोपाल स्नैक्स, जेन टेक्नोलॉजीज और बॉम्बे बुमराह ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के शेयरों में गिरावट की आशंका है.
क्या कहते हैं जानकार?
जानकारों का कहना है कि भारतीय बाजार दबाव में हैं, जिसका मुख्य कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है. बाजार की मौजूदा चाल पर एफआईआई की गतिविधियां हावी हैं. इसे कमजोर नतीजों और अमेरिका में सत्ता में आने वाली डोनाल्ड ट्रंप सरकार की संभावित नीतियों से भी समर्थन मिल रहा है. निवेशकों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़ों का इंतजार है. ऐसा लग रहा है कि खाद्य कीमतें मासिक आधार पर अधिक रहेंगी. ऐसे में आरबीआई को अल्पावधि में ब्याज दरों में यथास्थिति बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).
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