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अरबों खर्च के बाद भी हाथ खाली, Putin के 'युद्ध प्रेम' में ऐसे पिस रहा Russia  

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ जंग का ऐलान किया था. तब से लेकर अब तक दोनों देशों में युद्ध चल रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) की एक गलती का खामियाजा आज पूरा देश भुगत रहा है. करीब 2 साल पहले पुतिन ने यूक्रेन पर हमले (Russia-Ukraine War) के आदेश दिए थे. उन्हें लग रहा था कि यूक्रेन जैसे छोटे देश को उनकी सेना पलभर में नक्शे से गायब कर देगी. लेकिन यूक्रेन ने इस 'पलभर' की जंग को इतना लंबा बना दिया कि अब रूस की आर्थिक सेहत लगातार कमजोर हो रही है. मुल्क में महंगाई बेलगाम घोड़े की तरह भाग रही है. व्लादिमीर पुतिन को भी कहीं न कहीं अपनी गलती का अहसास है. इसलिए उन्होंने महंगाई को नियंत्रित करने में अपनी सरकार की विफलता के लिए देश से माफी मांगी है.  

जनता देखेगी और भी बुरे दिन 
यूक्रेन पर युद्ध थोपकर रूस को कई मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ा है. उसने इस युद्ध पर पानी की तरह पैसा बहाया है और अब वो चाहकर भी कदम वापस नहीं खींच सकता, क्योंकि अब ये युद्ध व्लादिमीर पुतिन की नाक का विषय बन गया है. युद्ध से पीछे हटने से यही संदेश जाएगा कि पुतिन ने शिकस्त स्वीकार कर ली है. लिहाजा, इस वॉर पर होने वाले अरबों डॉलर का खर्चा आगे भी जारी रहेगा. जिसका मतलब है कि रूस की जनता को और बुरे दिनों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा. पुतिन को अहसास है कि जंग रूस की आर्थिक कमर तोड़ रही है. वह सरकार की विफलता के लिए माफी भी मांग रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद युद्ध समाप्ति की घोषणा का साहस वह नहीं जुटा पाएंगे.   

रूस हर दिन कर रहा इतना खर्चा  
हाल ही में आई एक रिपोर्ट बताती है कि रूस इस लड़ाई पर 167.3 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च कर चुका है. भारतीय करेंसी के हिसाब से देखें, तो ये रकम 13.9 लाख करोड़ रुपए हो जाती है. यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को 300 मिलियन डॉलर प्रतिदिन खर्च करने पड़ रहे हैं. प्रत्यक्ष सैन्य खर्च और रूस के खोए या नष्ट हुए सैन्य उपकरणों की लागत 167.3 अरब डॉलर है. इसमें सैन्य अभियानों से नहीं जुड़े रक्षा खर्च और आर्थिक नुकसान आदि शामिल नहीं हैं. यानी अगर इन्हें भी मिला लिया जाए, तो खर्च का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में गोला-बारूद और मिलिट्री सपोर्ट पर सबसे अधिक खर्च करना पड़ रहा है. जिसकी कुल लागत लगभग 51.34 अरब डॉलर है. वहीं, रूस ने अब तक 9 अरब डॉलर अपने तोपखाने पर खर्च किए हैं. 21.1 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम की तो रूस, यूक्रेन पर मिसाइलें दाग चुका है.

खाली होता जा रहा सरकारी खजाना
यूक्रेन के खिलाफ जंग में रूसी खजाना खाली हो रहा है और पश्चिमी देशों के प्रतिबंध भी उसकी आर्थिक कमर तोड़ रहे हैं. दो देशों की इस जंग में अमेरिका को भी भारी-भरकम खर्चा करना पड़ा है. अमेरिका यूक्रेन को 75 अरब डॉलर की आर्थिक और सैन्य सहायता दे चुका है, जिसमें से 46 अरब डॉलर सैनिक सहायता पर खर्च किए गए हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि ये जंग और लंबी चलती है, तो रूस की मुश्किलों में इजाफा हो जाएगा. उसकी अर्थव्यवस्था पर युद्ध ज्यादा भयानक प्रभाव होंगे और महंगाई विकराल रूप धारण कर लेगी. हाल ही में पुतिन ने देश में बढ़ती महंगाई और खासतौर पर अंडे की ऊंची कीमतों के लिए अपनी सरकार को जिम्मेदार मानते हुए देश से माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि मैं अपनी सरकार की विफलता के लिए आप सबसे माफी मांगता हूं.


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