✕

होम / बिजनेस / अमेरिकी बैंकिंग संकट से एशिया को हो रहा है फायदा, पर बना हुआ है खतरा!

अमेरिकी बैंकिंग संकट से एशिया को हो रहा है फायदा, पर बना हुआ है खतरा!

एशिया-पैसिफिक क्षेत्र को जिन वजहों से प्रमुख रूप से फायदा हो रहा है उनमें एक बड़ा कारण मोनेटरी पॉलिसीयों का नर्म पड़ना भी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

इन्वेस्टर्स दावा कर रहे हैं कि चीन और एशियाई क्षेत्र के अन्य देशों की इकॉनोमिज विश्व में जारी वित्तीय मुसीबतों को बेहतर तरीके से हैंडल कर सकती हैं. इस वजह से अमेरिका में हुए बैंकिंग संकट के बाद पैसे का बहाव एशियन एसेट्स की तरफ बढ़ गया है. सिटी बैंक द्वारा ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केटों की हालत पर की गयी एक जांच में सामने आया है कि, एशिया की फाइनेंशियल मार्केट्स अमेरिका से कम कसाव वाली हालत में हैं और ज्यादातर एशियन करेंसियों ने भी अमेरिकी डॉलर के खिलाफ बढ़त हासिल की है. 

एशिया की बढ़ती रफ्तार
जापान के अलावा एशियन क्षेत्रों के फाइनेंशियल स्टॉक्स का एक इंडेक्स 10 मार्च के बाद से केवल बढ़त हासिल कर रहा है. 10 मार्च वही दिन है जब सिलिकॉन वैली बैंक गिर गया था. अगर इसकी तुलना अमेरिकी बैंकिंग इंडेक्स से की जाए तो पता चलता है कि इस दौरान अमेरिकी बैंकिंग इंडेक्स में 10% की गिरावट दर्ज की गयी है. सिटी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख Johanna Chua ने कहा कि, एशिया अभी भी अमेरिकी बैंकिंग संकट के प्रभावों से अछूता नजर आ रहा है. अमेरिका सम्बंधित स्लोडाउन का मतलब ये है कि अमेरिकी डॉलर में भी गिरावट देखने को मिलेगी. इससे एशिया में कैपिटल का फ्लो बढ़ सकता है. 

एशिया को इन वजहों से हो रहा है फायदा
प्रमुख इकोनॉमिस्टों का मानना है कि, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र को जिन वजहों से प्रमुख रूप से फायदा हो रहा है उनमें एक बड़ा कारण मोनेटरी पॉलिसीयों का नर्म पड़ना भी है. भारत, इंडोनेशिया, दक्षिणी कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मोनेटरी पॉलिसी के कसाव को कम करने की वजह से ऐसा हो रहा है. कोविड के बाद फिर से अपनी मार्केट्स खुलने और मोनेटरी पॉलिसी को आसन बनाने के चलते चीन फिलहाल इन्वेस्टर्स के लिए प्रमुख आकर्षण बन रहा है. 

चीन बन रहा है मुख्य आकर्षण
EPFR के ग्लोबल डाटा के अनुसार पिछले चार हफ्तों में इक्विटी फंड्स के उभरते हुए मार्केट में 5.5 बिलियन डॉलर्स का फंड आया है और इसमें एशिया प्रमुख रूप से आगे रहा है. इससे यह साबित हो जाता है कि एशिया इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है. इतना ही नहीं इन 5.5 बिलियन डॉलर्स में से 70% पैसा सिर्फ चीन को प्राप्त हुआ है. इसी दौरान विकसित हो चुकी मार्केट इक्विटीज में कमी देखने को मिली है और यहां से 8.6 बिलियन डॉलर्स का आउटफ्लो देखने को मिला है. विकसित मार्केटों में सबसे ज्यादा नुक्सान अमेरिकी मार्केट को हुआ है.

इन वजहों से हो रहा है एशिया को फायदा 
फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे इंटरेस्ट रेट पर रोक लगना, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के खतरों और धीमी पड़ती मांग जैसे कारणों से एशियाई मार्केटों को फायदा हो सकता है. इससे डॉलर कमजोर पड़ेगा जिससे एशिया पर बाहरी फाइनेंस का दबाव कम होगा और सेफ हेवन के तौर पर डॉलर की मांग कम हो जायेगी. इस हफ्ते एशियन डेवलपमेंट बैंक ने कहा कि, चीन की अध्यक्षता में एशिया की विकसित होती इकॉनोमिज, तेजी से विकास के रास्ते पर हैं और इस साल के साथ-साथ अगले साल भी महंगाई की रफ्तार धीमी होती जायेगी. 

लेकिन अभी भी है खतरा
वापस से ठीक होती चीनी इकॉनमी अपने साथ-साथ पूरे क्षेत्र को ही फायदा पहुंचाएगी. इसके साथ ही एशियाई क्षेत्र को सप्लाई-चैन की विविधता से भी फायदा होगा. वस्तुओं की मांग बहुत तेजी से बढ़ेगी और कर्ज लेने की रफ्तार में भी कमी आएगी. अमेरिकी बैंकिंग संकट का मतलब यह भी है कि अमेरिका में इन्वेस्ट किया गया एशियाई टेक का पैसा भी अब धीरे-धीरे वापसी की तरफ बढ़ेगा. लेकिन फिर भी आगे खतरे मौजूद हैं. अमेरिका और चीन की खराब होती दोस्ती से हांगकांग और ताइवान जैसी जगहों पर इन्वेस्ट करने का संभावित ख़तरा बढ़ जाता है. 
 

यह भी पढ़ें: US में 2023 में टेक सेक्‍टर में गई इतने लाख लोगों की नौकरी, पिछले साल से कई गुना इजाफा

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

8 hours ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

12 hours ago

दूसरी तिमाही में 7.35% रह सकती है GDP ग्रोथ, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में भी तेजी

अक्टूबर 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी.

15 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

15 hours ago

IDBI बिक्री: बिजनेसवर्ल्ड की खबर में दिए गए नोट का वित्त मंत्रालय ने खंडन नहीं किया

DIPAM की देर रात आई सफाई में घटनाओं के क्रम, निजी बैंकों को तुलनात्मक सूची से हटाने या फेयरफैक्स की अंतिम चेतावनी को खारिज नहीं किया गया. इसके बजाय सरकार ने एक नया आंकड़ा 627 करोड़ रुपये सामने रखा और पुष्टि की कि सौदे के अपने सलाहकार ने ही बैंक का मूल्यांकन किया था.

17 hours ago


बड़ी खबरें

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

12 hours ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

8 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

15 hours ago

‘सरस गीता’ - जीवन की उलझनों का समाधान और कर्म की राह दिखाता दर्शन

गीता का संदेश अंततः मनुष्य को जीवन से भागने के बजाय उसका सामना करने, अपने कर्तव्य को पहचानने और विवेक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. ‘सरस गीता’ इसी संदेश को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की एक कोशिश है.

13 hours ago

हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस के CEO बने विवेक कन्नन, सचिन पिल्लई की लेंगे जगह

कन्नन को वित्तीय सेवा क्षेत्र, रिटेल लेंडिंग और बिजनेस ऑपरेशंस में दो दशक से अधिक का अनुभव है. हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस में COO रहते हुए वह कंपनी के हाउसिंग फाइनेंस कारोबार की निगरानी कर रहे थे.

14 hours ago