✕

होम / बिजनेस / हाई-पावर और हाई-प्रोडक्टिविटी सेगमेंट भारत का भविष्य है : अशोक लेलैंड

हाई-पावर और हाई-प्रोडक्टिविटी सेगमेंट भारत का भविष्य है : अशोक लेलैंड

ताकतवर इंजन, बेहतर माइलेज, मजबूत बिल्ड और व्यापक सर्विस नेटवर्क के साथ ये ट्रक न केवल अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि भारतीय कमर्शियल व्हीकल बाजार में नए मानक स्थापित करने की क्षमता भी रखते हैं.

रितु राणा 9 months ago

भारत के वाणिज्यिक वाहन उद्योग में अशोक लेलैंड ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. हिंदुजा समूह की इस प्रमुख कंपनी ने अपने दो ऐतिहासिक और भरोसेमंद ट्रक ब्रांड Taurus और Hippo को पूरी तरह नए अवतार में बाजार में उतारा है. ये नए मॉडल भारत की बदलती इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों, बढ़ते माइनिंग ऑपरेशंस और हाई प्रोडक्टिविटी लॉजिस्टिक्स सेगमेंट को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं.

प्रतिष्ठित नामों की दमदार वापसी

कंपनी प्रबंधन के अनुसार Taurus और Hippo केवल वाहन नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास के साक्षी रहे हैं. 1980 और 1990 के दशक में जब देश में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और भारी उद्योगों का विस्तार हो रहा था, तब इन्हीं ट्रकों ने बड़े ट्रांसफॉर्मर, भारी मशीनरी और चुनौतीपूर्ण कार्गो को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाया.

विरासत जिसने उद्योग को दिशा दी

Hippo को वर्षों तक उसकी मजबूती, भरोसेमंद प्रदर्शन और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता के लिए पहचाना गया. यह ट्रक हैवी-ड्यूटी हॉलिंग का पर्याय बन गया. दूसरी ओर Taurus ने भारत का पहला मल्टी-एक्सल ट्रक बनकर कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित किए. आज भी कई फ्लीट ऑपरेटर मल्टी-एक्सल टिपर्स को “टॉरस” कहकर संबोधित करते हैं, जो इस ब्रांड की गहरी पैठ को दर्शाता है.

आधुनिक भारत के लिए आधुनिक ट्रक

भारत के नए विकास चरण को देखते हुए अशोक लेलैंड ने इन दोनों ब्रांड्स को नई तकनीक और उन्नत इंजीनियरिंग के साथ दोबारा पेश किया है. इस नई रेंज में Taurus Hippo – Built to Conquer और Hippo Tractors – Powered for Progress को शामिल किया गया है, जिन्हें खासतौर पर हेवी-ड्यूटी और हाई-पावर एप्लिकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है.

ताकतवर A-सीरीज इंजन और बेहतर इकोनॉमिक्स

नए Taurus और Hippo ट्रक्स में अशोक लेलैंड का इन-हाउस विकसित 8.0-लीटर A-सीरीज 6-सिलेंडर इंजन लगाया गया है. ये ट्रक 360 HP और 320 HP के पावर विकल्पों के साथ आते हैं, जबकि इनका टॉर्क आउटपुट क्रमशः 1,600 Nm और 1,300 Nm तक जाता है. कंपनी का दावा है कि यह सेगमेंट में बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी भी प्रदान करता है, जिससे ऑपरेटर्स को लाइफसाइकिल लागत में सीधा फायदा मिलेगा.

 

विरासत, भरोसा और आधुनिक तकनीक का संगम

हिप्पो और टॉरस सिर्फ उत्पादों के नाम नहीं हैं, बल्कि वे ब्रांड हैं जिन्होंने दशकों से भारतीय ट्रांसपोर्टरों का भरोसा जीता है. ये नाम भारतीय हाईवे और खनन क्षेत्रों में हेवी-ड्यूटी प्रदर्शन की पहचान बन चुके हैं, और अशोक लेलैंड अब उसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है. टिपर और ट्रैक्टर एमएचसीवी उद्योग के सबसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट हैं और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में इनकी अहम भूमिका है. कठिन भू-भाग और अत्यधिक परिचालन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले इन वाहनों के लिए उच्च विश्वसनीयता, मजबूती और ड्राइवर आराम बेहद जरूरी हैं. नया टॉरस और हिप्पो इसी ऐतिहासिक मजबूती को अत्याधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हैं. संचालन को आसान बनाने, ड्राइवर की थकान कम करने और कंपोनेंट लाइफ में उल्लेखनीय सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है. मजबूत ड्राइवट्रेन, बेहतर टिकाऊपन और तेज टर्नअराउंड टाइम जैसे फीचर्स अधिक अपटाइम और बेहतर लाभप्रदता सुनिश्चित करते हैं. यह लॉन्च ग्राहक-केंद्रित नवाचार और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति अशोक लेलैंड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस

अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शेनू अग्रवाल ने कहा, Taurus Tipper को विशेष रूप से माइनिंग सेक्टर की कठोर जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. सरकार द्वारा नए कोल ब्लॉक्स खोलने और खनन गतिविधियों में तेजी आने से इस सेगमेंट में मजबूत मांग की उम्मीद है. इसके अलावा, विंड एनर्जी उपकरण, बड़े ट्रांसफॉर्मर, बॉयलर और अन्य ओवर-डायमेंशनल कार्गो के लिए 6x4 ट्रैक्टर कॉन्फिगरेशन भी पेश किए गए हैं. नए ट्रक रेंज अशोक लेलैंड के ए-सीरीज 6-सिलेंडर इंजनों से सुसज्जित है, जो उद्योग में अग्रणी पीक टॉर्क और पावर प्रदान करते हैं. इससे बेजोड़ टिकाऊपन, विश्वसनीयता, उच्च उत्पादकता और तेज टर्नअराउंड टाइम सुनिश्चित होता है.

मजबूत हार्डवेयर और उन्नत सेफ्टी

इन ट्रकों में जीरो-ड्रॉप फ्रंट एक्सल, हेवी-ड्यूटी गियरबॉक्स, हाई-कैपेसिटी बोगी, मजबूत फ्रंट सस्पेंशन और टिकाऊ ड्राइवट्रेन दिया गया है, जिससे कठिन रास्तों और भारी लोड में भी स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन मिलता है. ड्राइवर के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केबिन में एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं, ताकि लंबे समय तक संचालन के दौरान थकान कम हो.

अपटाइम और सर्विस सपोर्ट पर जोर

अशोक लेलैंड ने Hippo और Taurus रेंज के लिए ऑन-साइट सपोर्ट, प्रशिक्षित सुपरवाइजर और जेन्युइन स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही है. कंपनी का उद्देश्य अधिकतम अपटाइम और न्यूनतम डाउनटाइम के जरिए फ्लीट ऑपरेटरों की उत्पादकता बढ़ाना है. ये ट्रक कंपनी के AVTR मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं, जो कस्टमाइजेशन और फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है.

प्रतिस्पर्धा और टेक्नोलॉजी को लेकर नजरिया

कंपनी के सीईओ का कहना है कि अशोक लेलैंड के डीएनए में इनोवेशन हमेशा से रहा है. वर्ष 2011 में भारत की पहली इलेक्ट्रिक बस का प्रोटोटाइप विकसित करना इसका उदाहरण है. प्रबंधन का मानना है कि भारतीय बाजार अब धीरे-धीरे हाई-हॉर्सपावर और हाई-टॉर्क ट्रक्स की ओर बढ़ रहा है, जैसा ट्रेंड यूरोप में पहले से देखने को मिलता है.

विदेशी कंपनियों से मुकाबले पर स्पष्ट रुख

चीनी और अन्य विदेशी कंपनियों की एंट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के सीईओ ने कहा कि कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में केवल कीमत निर्णायक नहीं होती. सर्विस नेटवर्क, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और वाहन का अपटाइम लंबे समय में कहीं ज्यादा अहम भूमिका निभाते हैं, और इन्हीं मोर्चों पर स्थापित कंपनियों को बढ़त मिलती है.

एक्सपोर्ट और ‘होम मार्केट’ अप्रोच

कंपनी के सीईओ ने कहा कि वह जिस भी देश में काम करती है, उसे अपना “होम मार्केट” मानती है. बांग्लादेश, मिडिल ईस्ट और MENA क्षेत्र कंपनी के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजार हैं. यूएई और सऊदी अरब में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के जरिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रोडक्ट्स और सर्विसेज प्रदान की जा रही हैं.

कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री का भविष्य

कंपनी के अनुसार आने वाले वर्षों में CV सेक्टर का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है. GST सुधार, सरकारी कैपेक्स में वृद्धि, वाहनों की बढ़ती औसत उम्र और स्क्रैपेज पॉलिसी जैसे फैक्टर उद्योग को नई गति दे सकते हैं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

37 minutes ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

56 minutes ago

REI एक्सपो में बायोगैस और CBG सेक्टर के लिए 3,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, नई तकनीकों पर रहा जोर

22 से 24 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शनी में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, निवेशकों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया.

1 hour ago

भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, अक्टूबर में हर दिन खरीदे 56 लाख बैरल

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीदारी, रूस से करीब 20 लाख और पश्चिम एशिया से 23 लाख बैरल प्रतिदिन हुआ आयात

3 hours ago

गिफ्ट निफ्टी 170 अंक उछला, बाजार में तेजी के संकेत; रिलायंस-जियो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

शुक्रवार को सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया था.

4 hours ago


बड़ी खबरें

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

56 minutes ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

21 minutes ago

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

37 minutes ago

REI एक्सपो में बायोगैस और CBG सेक्टर के लिए 3,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, नई तकनीकों पर रहा जोर

22 से 24 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शनी में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, निवेशकों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया.

1 hour ago

भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, अक्टूबर में हर दिन खरीदे 56 लाख बैरल

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीदारी, रूस से करीब 20 लाख और पश्चिम एशिया से 23 लाख बैरल प्रतिदिन हुआ आयात

3 hours ago