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प्रकृति संरक्षण के लिए Hemendra Kothari को Oak Leaf Award से किया गया सम्मानित!
नेचर कन्जर्वेंसी दुनिया की सबसे बड़ी प्रकृति संरक्षण संस्था है और यह संस्था 76 से ज्यादा देशों में मौजूद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत में प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में हेमेंद्र कोठारी (Hemendra Kothari) द्वारा आजीवन बहुत ही महत्त्वपूर्ण योगदान दिया गया है. इसी योगदान की पहचान करते हुए हाल ही में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन DC (Washington DC) में स्थित अमेरिकी भारतीयों की स्मिथसोनियन संस्था के राष्ट्रीय म्यूजियम (Smithsonian Institution National Mueseum) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें Oak Leaf Award से सम्मानित किया गया है.
किन्हें मिलता है सम्मान?
यह सम्मान उन्हें नेचर कंजर्वेंसी (Nature Conservancy) की तरफ से दिया गया है. आपको बता दें कि नेचर कन्जर्वेंसी दुनिया की सबसे बड़ी प्रकृति संरक्षण संस्था है और यह सनसथा 76 से ज्यादा देशों में मौजूद है. Oak Leaf अवॉर्ड ऐसे ट्रस्टी या फिर कार्यकर्ताओं को दिया जाता है जो संस्था के मूल्यों का सम्मान करें और जिनकी उपलब्धियों की बदौलत इस संस्था के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है. यह सम्मान संस्था के ट्रस्टी और कार्यकर्ताओं के लिए एक वसीयतनामे का काम करता है.
कौन हैं हेमेंद्र कोठारी?
हेमेंद्र कोठारी एक अनुभवी इन्वेस्टमेंट बनकर रह चुके हैं और साल 2015 में प्रकृति संरक्षण को लेकर उन्होंने ही भारत को महत्त्वपूर्ण पहचान दिलवाई थी. इसके साथ ही देश में वह TNC के एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन भी हैं और साथ ही वह भारत में संस्था द्वारा किये जाने वाले काम में प्रमुख रूप से अपना योगदान भी देते रहे हैं. हेमेंद्र कोठारी काफी लंबे समय से प्रकृति संरक्षण के समर्थक रहे हैं और साथ ही वह वाइल्डलाइफ एवं प्रकृति संरक्षण में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं. इतना ही नहीं वह राजस्थान की वाइल्डलाइफ संरक्षण समिति के बोर्ड के सदस्य भी हैं. आपको बता दें कि इस समिति के चेयरमैन खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं और साथ ही हेमेंद्र कोठारी NTCA (National Tiger Conservation Authority) के भी सदस्य हैं.
2030 तक ये है संस्था का लक्ष्य
इस कार्यक्रम का आयोजन 3 अक्टूबर को किया गया था और इस कार्यक्रम में नेचर कन्जर्वेंसी संस्था के दुनिया भर से आये सदस्य भी शामिल थे. इस संस्था ने प्रकृति संरक्षण के लिए कुछ लक्ष्य तय किये हैं और इन लक्ष्यों में हर साल 3 बिलियन मीट्रिक टन के कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन को कम करने या फिर का लक्ष्य भी शामिल है. संस्था के इस लक्ष्य की बदौलत 100 मिलियन लोगों की वातावरण संबंधित चुनौतियों से रक्षा की जा सकती है.
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